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Siddharthnagar News: टेक्नीशियन के अभाव में खराब हो रही सीटी स्कैन मशीन
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मेडिकल कॉलेज के एमसीएच बिंग में बंद पड़ा सिटी स्कैन सेंटर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में डेढ़ वर्ष पहले लगभग पांच करोड़ रुपये से 140 डेल की सीटी स्कैन मशीन खरीदी गई, लेकिन अभी तक टेक्नीशियन के न होने से मशीन कक्ष में ताला लगा है। इससे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं काफी दिन से मशीन का संचालन न होने से इसके खराब होने की भी आशंका है।
मेडिकल कॉलेज में 24 डेल की एक और मशीन मौजूद है। जो वर्तमान में संचालित भी है, लेकिन यह मशीन निर्धारित मरीजों की ही सीटी कर पाती है। जबकि इसको एक निजी कंपनी द्वारा संचालित करवाया जाता है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज को एक बेहतर सीटी स्कैन मशीन दी गई है। मशीन मेडिकल कॉलेज में खरीद रख भी दी गई। लेकिन टेक्नीशियन के अभाव में उसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
इससे बेहतर रिपोर्ट के लिए मरीजों को प्राइवेट सेंटर भी जाना पड़ता है। वहीं लगभग डेढ़ वर्ष से संचालन न होने से वह एक कमरे में बंद है। ऐसे में उसके खराब होने की भी आशंका जताई जा रही है। मशीन का संचालन समय से न किया गया तो उसका उपयोग नहीं हो पाएगा। इससे पहले कंपोनेंट की मशीन काफी दिन बाद संचालित होने से शुरू में कई बार खराब हुई थी, इसके लिए बार-बार इंजीनियर बुलाना पड़ता था।
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प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि टेक्नीशियन की नियुक्ति के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में टेक्नीशियन को नियुक्त करके सीटी स्कैन मशीन का संचालन करवाया जाएगा।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में डेढ़ वर्ष पहले लगभग पांच करोड़ रुपये से 140 डेल की सीटी स्कैन मशीन खरीदी गई, लेकिन अभी तक टेक्नीशियन के न होने से मशीन कक्ष में ताला लगा है। इससे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं काफी दिन से मशीन का संचालन न होने से इसके खराब होने की भी आशंका है।
मेडिकल कॉलेज में 24 डेल की एक और मशीन मौजूद है। जो वर्तमान में संचालित भी है, लेकिन यह मशीन निर्धारित मरीजों की ही सीटी कर पाती है। जबकि इसको एक निजी कंपनी द्वारा संचालित करवाया जाता है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज को एक बेहतर सीटी स्कैन मशीन दी गई है। मशीन मेडिकल कॉलेज में खरीद रख भी दी गई। लेकिन टेक्नीशियन के अभाव में उसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
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इससे बेहतर रिपोर्ट के लिए मरीजों को प्राइवेट सेंटर भी जाना पड़ता है। वहीं लगभग डेढ़ वर्ष से संचालन न होने से वह एक कमरे में बंद है। ऐसे में उसके खराब होने की भी आशंका जताई जा रही है। मशीन का संचालन समय से न किया गया तो उसका उपयोग नहीं हो पाएगा। इससे पहले कंपोनेंट की मशीन काफी दिन बाद संचालित होने से शुरू में कई बार खराब हुई थी, इसके लिए बार-बार इंजीनियर बुलाना पड़ता था।
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प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि टेक्नीशियन की नियुक्ति के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में टेक्नीशियन को नियुक्त करके सीटी स्कैन मशीन का संचालन करवाया जाएगा।