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गांव पहुंचा विजय का शव, कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:44 PM IST
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बर्डपुर। नेपाल पुलिस की हिरासत में रविवार को भारतीय युवक विजय की मौत के बाद मंगलवार को युवक का शव मृतक के गांव पहुंचा। कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार कराया गया। युवक की मौत को लेकर गांव के लोगों में पुलिस के प्रति जबरदस्त गुस्सा है। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरती। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए एसडीएम और दो सीओ सहित भारी तादाद में पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही। उधर, विजय की पत्नी ने नेपाल पुलिस पर पति की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर मोहाना थाने की पुलिस पर भी मिली भगत का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने उच्चस्तरीय जांच के लिए पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
बर्डपुर नंबर दो के टोला धनगढ़वा निवासी विजय सोनकर को नेपाल की लुंबिनी पुलिस ने चोरी के एक मामले में आठ नवंबर को पकड़ा था। 12 नवंबर की रात नेपाल पुलिस की हिरासत में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद ही परिवार वाले शव लाने के लिए नेपाल चले गए थे। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव लेकर वापस लौटने पर उन्होंने विजय की मौत के लिए स्थानीय पुलिस को भी जिम्मेदार बताया। पत्नी ऊषा देवी ने कहा कि मोहाना थाना क्षेत्र के लालपुर चौकी के पुलिस कर्मी आठ नवंबर को धोखे से विजय को घर से बुलाकर बॉर्डर की तरफ ले गए और उसे नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
नेपाल पुलिस विजय से जबरन चोरी के मामले में संलिप्तता कबूल कराना चाहती थी, लेकिन विजय तैयार नहीं हुआ। इसकी जानकारी होने पर वह नेपाल पुलिस से मिली, तो उससे 20 हजार रुपये की मांग की गई। गरीबी के चलते वह पैसा नहीं दे सकी। इसी के चलते पति की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। उसने इन आरोपों से संबंधित पत्र एसपी को भेजा है। इस मामले में एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। नेपाल में मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए भी पत्र लिखा गया है। उधर, मंगलवार को शव पहुंचने के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस के प्रति उनमें गुस्सा था। सुरक्षा के मद्देनजर एसडीएम बांसी प्रबुद्ध सिंह, सीओ सदर डीके सिंह व सीओ डुमरियागंज सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी फोर्स की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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बर्डपुर नंबर दो के टोला धनगढ़वा निवासी विजय सोनकर को नेपाल की लुंबिनी पुलिस ने चोरी के एक मामले में आठ नवंबर को पकड़ा था। 12 नवंबर की रात नेपाल पुलिस की हिरासत में उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद ही परिवार वाले शव लाने के लिए नेपाल चले गए थे। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव लेकर वापस लौटने पर उन्होंने विजय की मौत के लिए स्थानीय पुलिस को भी जिम्मेदार बताया। पत्नी ऊषा देवी ने कहा कि मोहाना थाना क्षेत्र के लालपुर चौकी के पुलिस कर्मी आठ नवंबर को धोखे से विजय को घर से बुलाकर बॉर्डर की तरफ ले गए और उसे नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
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नेपाल पुलिस विजय से जबरन चोरी के मामले में संलिप्तता कबूल कराना चाहती थी, लेकिन विजय तैयार नहीं हुआ। इसकी जानकारी होने पर वह नेपाल पुलिस से मिली, तो उससे 20 हजार रुपये की मांग की गई। गरीबी के चलते वह पैसा नहीं दे सकी। इसी के चलते पति की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। उसने इन आरोपों से संबंधित पत्र एसपी को भेजा है। इस मामले में एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। नेपाल में मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए भी पत्र लिखा गया है। उधर, मंगलवार को शव पहुंचने के बाद ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस के प्रति उनमें गुस्सा था। सुरक्षा के मद्देनजर एसडीएम बांसी प्रबुद्ध सिंह, सीओ सदर डीके सिंह व सीओ डुमरियागंज सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी फोर्स की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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