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नेपाल भेजा जा रहा 21 गट्ठर कपड़ा बरामद
सिद्धार्थनगर/ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2016 10:41 PM IST
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बरामद कपड़े
- फोटो : अमर उजाला
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भारत-नेपाल सीमा से बुधवार को एसएसबी ने डीसीएम पर लदा 21 गट्ठर कपड़ा बरामद किया है। यह कपड़ा कूटरचित बिल के आधार पर भारत से नेपाल के विभिन्न बाजारों में ले जाया जा रहा था। इसकी कीमत 5 लाख से अधिक आंकी जा रही है। माल समेत चालक व खलासी को एसएसबी ने कस्टम के हवाले कर दिया है।
बार्डर के रास्ते कपड़ा नेपाल भेजे जाने की सूचना पर एसएसबी नो मैंस लैंड के पास बुधवार की सुबह गश्त कर रही थी। इसी दौरान पिलर नंबर 567 के पास से डीसीएम आती दिखाई दी। एसएसबी ने उसे रोककर तलाशी ली तो 21 गट्ठर कपड़ा बरामद हुआ। गट्ठरों पर नेपाल के पोखरा, बुटवल, वालिन बाजारों के कई विक्रेताओं के नाम अंकित थे। एसएसबी ने कागजातों की चेकिंग की तो उसमें कपड़ों के दाम वास्तविक मूल्य से काफी कम अंकित थे।
पूछताछ में चालक ने अपना नाम जमीरुल्ला निवासी दुधवनिया बुजुर्ग थाना ढेबरुआ बताया। खलासी राजू यादव निवासी सेमरा थाना कृष्णानगर कपिलवस्तु व माल के मालिक का नाम शमशेर अली निवासी कृष्णानगर कपिलवस्तु नेपाल बताया। माल समेत चालक खलासी को कस्टम के हवाले कर दिया गया। एसएसबी के प्रधान आरक्षी अरविंद कुमार ने बताया ये लोग इससे पहले भी दो बार माल पार कर चुके हैं।
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एसएसबी बढ़नी ने चालक की ओर से प्रस्तुत रजा ट्रांसपोर्ट मेन रोड बढ़नी के चालानी रसीद व आजाद बूट हाउस एंड क्लाथ सप्लायर्स बार्डर रोड बढ़नी के बिल को कूटरचित व माल डिलेवरी लेने वाले नौतनवा के प्रीतम सिंह खंडूजा प्रथम दृष्टया फर्जी मानते हुए पड़ताल शुरू कर दी है। इस बरामदगी में एसएसबी के मुख्य आरक्षी अरविंद कुमार शर्मा, कांस्टेबल जित्तू देमारी, संजय पोद्दार, पंकज कुमार, मोहन सिंह आदि रहे।
320 रुपये बनारसी साड़ी की कीमत तो 200 रुपये लेडीज सूट का दाम
बढ़नी में भारत-नेपाल सीमा पर बरामद कपड़े की बिल में दर्शाई गई कीमत चौंकाने वाली है। बिल पर बनारसी साड़ी 320 रुपये की बताई गई है, जबकि लेडीज सूट की कीमत 200 रुपये है। जानकारों की मुताबिक 320 रुपये वाले बनारसी साड़ी की कीमत मार्केट में तीन हजार रुपये तक है। कपड़े की कीमत कम दिखाकर तस्कर राजस्व का भी चूना लगा रहे थे।
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बार्डर के रास्ते कपड़ा नेपाल भेजे जाने की सूचना पर एसएसबी नो मैंस लैंड के पास बुधवार की सुबह गश्त कर रही थी। इसी दौरान पिलर नंबर 567 के पास से डीसीएम आती दिखाई दी। एसएसबी ने उसे रोककर तलाशी ली तो 21 गट्ठर कपड़ा बरामद हुआ। गट्ठरों पर नेपाल के पोखरा, बुटवल, वालिन बाजारों के कई विक्रेताओं के नाम अंकित थे। एसएसबी ने कागजातों की चेकिंग की तो उसमें कपड़ों के दाम वास्तविक मूल्य से काफी कम अंकित थे।
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पूछताछ में चालक ने अपना नाम जमीरुल्ला निवासी दुधवनिया बुजुर्ग थाना ढेबरुआ बताया। खलासी राजू यादव निवासी सेमरा थाना कृष्णानगर कपिलवस्तु व माल के मालिक का नाम शमशेर अली निवासी कृष्णानगर कपिलवस्तु नेपाल बताया। माल समेत चालक खलासी को कस्टम के हवाले कर दिया गया। एसएसबी के प्रधान आरक्षी अरविंद कुमार ने बताया ये लोग इससे पहले भी दो बार माल पार कर चुके हैं।
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एसएसबी बढ़नी ने चालक की ओर से प्रस्तुत रजा ट्रांसपोर्ट मेन रोड बढ़नी के चालानी रसीद व आजाद बूट हाउस एंड क्लाथ सप्लायर्स बार्डर रोड बढ़नी के बिल को कूटरचित व माल डिलेवरी लेने वाले नौतनवा के प्रीतम सिंह खंडूजा प्रथम दृष्टया फर्जी मानते हुए पड़ताल शुरू कर दी है। इस बरामदगी में एसएसबी के मुख्य आरक्षी अरविंद कुमार शर्मा, कांस्टेबल जित्तू देमारी, संजय पोद्दार, पंकज कुमार, मोहन सिंह आदि रहे।
320 रुपये बनारसी साड़ी की कीमत तो 200 रुपये लेडीज सूट का दाम
बढ़नी में भारत-नेपाल सीमा पर बरामद कपड़े की बिल में दर्शाई गई कीमत चौंकाने वाली है। बिल पर बनारसी साड़ी 320 रुपये की बताई गई है, जबकि लेडीज सूट की कीमत 200 रुपये है। जानकारों की मुताबिक 320 रुपये वाले बनारसी साड़ी की कीमत मार्केट में तीन हजार रुपये तक है। कपड़े की कीमत कम दिखाकर तस्कर राजस्व का भी चूना लगा रहे थे।