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खुफिया एजेंसी के निशाने पर नेपाल सीमा के बैंक
siddharthnagar
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:32 PM IST
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सिद्धार्थनगर। खुफिया एजेंसियों ने नेपाल सीमा से लगते क्षेत्र में स्थित बैंकों की निगरानी कड़ी कर दी है। एक बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र भेजकर एक खाते के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई है। संदेह है कि यह खाता पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर संचालित हो रहा है।
खुफिया एजेंसी की ओर से भेजे गए पत्र में बैंक से खाते में जमा रकम के साथ ही खाता धारक के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई है। मामला तीन नवंबर 2015 को किए गए एक लेन-देन से जुड़ा है। इस मामले में लखनऊ में मुकदमा भी पंजीकृत है। नेपाल की सीमा से लगने की वजह से जिला सुरक्षा की दृष्टि के काफी संवेदनशील है। बीच-बीच में यहां राष्ट्र विरोधी गतिविधियां संचालित होने की खबरें आती रहती हैं। पूर्व में बढ़नी बॉर्डर पर आतंकी संगठनों के कई सदस्य पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में सीमावर्ती इलाके के बैंक में अवैध लेन-देन की सूचना को खुफिया एजेंसी ने काफी गंभीरता से लिया है। एजेंसी की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि खाता पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर संचालित हो रहा है और इसके जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था को क्षति पहुंचाई जा रही है। खाते में तीन नवंबर 2015 को 20 हजार रुपये नकद जमा कराया गया था।
सामने आ चुकी है टेरर फंडिंग की बात
चार महीने पहले गोरखपुर में टेरर फंडिंग की बात सामने आ चुकी है। इस मामले नदीम ब्रदर्स समेत गोरखपुर के छह लोग जेल भेजे जा चुके हैं। मामले की जांच एटीएस कर रही है। जांच में यह बात सामने आई थी कि नेपाल सीमा से सटे जिलों में पाकिस्तानी हैंडलरों की ओर से कई भारतीयों के खाते में रुपये भेजे जाते हैं। ऐसे खातों की जांच चल रही है।
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खुफिया एजेंसी की ओर से भेजे गए पत्र में बैंक से खाते में जमा रकम के साथ ही खाता धारक के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई है। मामला तीन नवंबर 2015 को किए गए एक लेन-देन से जुड़ा है। इस मामले में लखनऊ में मुकदमा भी पंजीकृत है। नेपाल की सीमा से लगने की वजह से जिला सुरक्षा की दृष्टि के काफी संवेदनशील है। बीच-बीच में यहां राष्ट्र विरोधी गतिविधियां संचालित होने की खबरें आती रहती हैं। पूर्व में बढ़नी बॉर्डर पर आतंकी संगठनों के कई सदस्य पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में सीमावर्ती इलाके के बैंक में अवैध लेन-देन की सूचना को खुफिया एजेंसी ने काफी गंभीरता से लिया है। एजेंसी की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि खाता पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर संचालित हो रहा है और इसके जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था को क्षति पहुंचाई जा रही है। खाते में तीन नवंबर 2015 को 20 हजार रुपये नकद जमा कराया गया था।
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सामने आ चुकी है टेरर फंडिंग की बात
चार महीने पहले गोरखपुर में टेरर फंडिंग की बात सामने आ चुकी है। इस मामले नदीम ब्रदर्स समेत गोरखपुर के छह लोग जेल भेजे जा चुके हैं। मामले की जांच एटीएस कर रही है। जांच में यह बात सामने आई थी कि नेपाल सीमा से सटे जिलों में पाकिस्तानी हैंडलरों की ओर से कई भारतीयों के खाते में रुपये भेजे जाते हैं। ऐसे खातों की जांच चल रही है।
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