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Siddharthnagar News: युवाओं में ऑनलाइन शापिंग का क्रेज, धोखाधड़ी की भी आशंका

Thu, 16 May 2024 03:04 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 May 2024 03:04 AM IST
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craze of online shopping
फोटो-
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- प्रतिदिन 35 लाख से अधिक का हो रहा कारोबार

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। युवाओं में ऑनलाइन शॉपिंग के मायाजाल ने बाजार की चाल बिगाड़ दी है, जबकि कई बार लोग ऑनलाइन शाॅपिंग में ठगी के शिकार भी हो रहे हैं। इसके बावजूद शहर में प्रतिदिन विभिन्न कंपनियों के माध्यम से लगभग 35 लाख रुपये की खरीदारी हो जाती है। इसमें से कुछ ऐसे भी वस्तु है, जिन्हें बिना परखे पहले के लोग बाजार से नहीं ले जाते थे।

शादियों का सीजन हो या काेई अन्य त्योहार सभी कार्यक्रमों में युवा तरह-तरह की वस्तुओं को खरीदते हैं। वहीं सबसे अधिक युवा कपड़ा व अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदते हैं, जबकि युवा के साथ घर की महिलाएं सीजन के हिसाब से सबसे ज्यादा फ्रिज, वाशिंग मशीन, एलईडी, मिक्सी, ओवन, एसी, इंडक्शन चूल्हे, मोबाइल, कपड़े, जूता चप्पल, फर्नीचर समेत व्यक्तिगत उपयोग की ढेर सारी वस्तुओं की खरीदारी करते हैं।
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दुकानदार भी अधिक से अधिक मुनाफे के लिए भरपूर स्टॉक रखते हैं। भले ही ग्राहकों के लिए ऑनलाइन बाजार फायदे का सौदा साबित हो, लेकिन छोटे व मध्यम वर्ग दर्जे के व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने उनके धंधे को आधा कर दिया है। अक्सर यह सुनने में आता है कि समान के जगह पर कुछ अन्य वस्तुएं आ गई, जबकि कई बार ओरिजनल के चक्कर में नकली उत्पाद भी मिल जाते हैं, लेकिन युवाओं में ऑनलाइन शाॅपिंग का क्रेज बढ़ता ही जा रहा है।
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हर दिन लग रही लाखों की चपत
जिले में रोजाना करीब 35 लाख का व्यापार ऑनलाइन मार्केट के माध्यम से हो रहा है। इसमें रोजमर्रा की जरूरत के सामान के अलावा घरेलू और व्यक्तिगत उपयोग की ढेर सारी सामग्री शामिल है। कह सकते है कि ऑनलाइन खरीदारी ने घरों की किचन, बेडरूम समेत हर हिस्से में दस्तक दे दी है। इससे लोग घर बैठे ही सामान का आर्डर कर दे रहे है, और उनको घर पर ही सामान उपलब्ध हो जा रहा है। ऐसे में लोगों को सामन खरीदने के लिए घर से बाहर भी नहीं जाना पड़ रहा है।

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ग्राहकों को लुभा रहा सस्ता सामान

ग्राहकों के मन में एक धारणा बैठ गई है, कि बाजार में मिलने वाले सामान की अपेक्षा ऑनलाइन मिलने वाले सामान पर अधिक छूट मिलती है। प्रतिस्पर्धा के चक्कर में कंपनियां ग्राहकों को 30 से 50 फीसदी तक की भी छूट देती है। इससे ग्राहकों का झुकाव ऑनलाइन बाजार की तरफ ज्यादा बढ़ता जा रहा है, जबकि लोकल दुकानदार भी ग्राहकों को उसी रेट पर सामान दे रहे है। लेकिन युवाओं में ऑनलाइन शाॅपिंग के अपेक्षा 60 से 70 फीसदी की छूट ज्यादा ही लुभा रही है।
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बोले लोकल व्यापारी
ऑनलाइन शॉपिंग से इलेक्ट्राॅनिक बाजार साठ फीसदी तक कम हो गया है। दूसरा, पहले एक वस्तु बेचने पर दस फीसदी तक फायदा हो जाता था, लेकिन अब ग्राहक दाम जानने के बाद तुरंत इंटरनेट पर उसकी सही कीमत देख लेते हैं। इसके बाद रेट कम करने पड़ते हैं। एक-दो फीसदी का धंधा रह गया है। दुकान के खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है।


-सत्यम उपाध्याय, इलेक्ट्राॅनिक कारोबारी
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ऑनलाइन बाजार से मोबाइल कारोबार पर 50 फीसदी से ज्यादा असर पड़ा है, जबकि ग्राहकों को मालूम होना चाहिए कि दुकान से मोबाइल खरीदने पर संतुष्टि रहती है। मोबाइल की सर्विस से लेकर और कोई दिक्कत आ जाए तो सारी जिम्मेदारी दुकानदार की रहती है। ऑनलाइन में यह सब सुविधाएं नहीं मिलती है। ग्राहकों को लुभाने के लिए कई आकर्षक योजनाएं चलाने पड़ रहीं हैं।
-नरेश, मोबाइल कारोबारी
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