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Siddharthnagar News: खांसी और सांस के रोगी बढ़े
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ठंड का प्रकोप कम होने के बजाय तेज हो गया है। इसमें जरा सी लापरवाही लोगों के सेहत पर भारी पड़ रही है। खास करके बच्चों और बुजुर्गाें की सेहत पर अधिक असर डाल रहा है। खांसी और जुकाम की चपेट में लोग आए रहे हैं। हाल यह है कि माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन ओपीडी में 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चे और बुजुर्ग दोनों शामिल हैं।
ठंड बढ़ने के साथ ही कई प्रकार की बीमारियों लोगों को अपनी चपेट में आते हैं। ठंड को शुरू हुए लगभग एक माह का वक्त होने वाला है। इसमें सबसे अधिक जुकाम और बुखार व खांसी के रोगी पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों को अधिक दिक्कत हो रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे। इसमें सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग मौसमी बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं। फिजीशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि रोजाना सांस और खांसी, बुखार के करीब 10 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर दवा देने के साथ ही ठंड से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
पारा गिरने से वातावरण में नमी है। इस मौसम में वायरस का ग्रोथ करते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ रही है। इसकी चपेट में आने से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। कम प्रतिरोधक क्षमता के लोगों में संक्रमित होने की संभावना अधिक रहती है। वहीं, बालरोग विभाग में भी 100 से अधिक बच्चे बुखार और जुकाम के साथ निमोनिया से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं।
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डॉ. फजल खान ने बताया कि बच्चों में मौसम का असर दिखता है। बच्चे बीमारी की गिरफ्त में आते हैं।
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सिद्धार्थनगर। ठंड का प्रकोप कम होने के बजाय तेज हो गया है। इसमें जरा सी लापरवाही लोगों के सेहत पर भारी पड़ रही है। खास करके बच्चों और बुजुर्गाें की सेहत पर अधिक असर डाल रहा है। खांसी और जुकाम की चपेट में लोग आए रहे हैं। हाल यह है कि माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन ओपीडी में 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चे और बुजुर्ग दोनों शामिल हैं।
ठंड बढ़ने के साथ ही कई प्रकार की बीमारियों लोगों को अपनी चपेट में आते हैं। ठंड को शुरू हुए लगभग एक माह का वक्त होने वाला है। इसमें सबसे अधिक जुकाम और बुखार व खांसी के रोगी पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों को अधिक दिक्कत हो रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे। इसमें सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग मौसमी बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं। फिजीशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि रोजाना सांस और खांसी, बुखार के करीब 10 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर दवा देने के साथ ही ठंड से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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पारा गिरने से वातावरण में नमी है। इस मौसम में वायरस का ग्रोथ करते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ रही है। इसकी चपेट में आने से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। कम प्रतिरोधक क्षमता के लोगों में संक्रमित होने की संभावना अधिक रहती है। वहीं, बालरोग विभाग में भी 100 से अधिक बच्चे बुखार और जुकाम के साथ निमोनिया से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं।
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डॉ. फजल खान ने बताया कि बच्चों में मौसम का असर दिखता है। बच्चे बीमारी की गिरफ्त में आते हैं।