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Siddharthnagar News: कई बार पत्राचार, फिर भी डिपो परिसर नहीं हुआ गड्ढा मुक्त
Thu, 11 Jul 2024 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Jul 2024 12:49 AM IST
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अधिक बारिश हाेने पर रोडवेज परिसर में फंस जाती हैं बसें, बुलानी पड़ती है जेसीबी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रोडवेज परिसर की जमीन लो लैंड होने से अक्सर पानी भर जाता है। पानी भरने से परिसर में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। सिद्धार्थनगर डिपो परिसर को गड्ढा मुक्त करने के लिए अभी तक तीन एआरएम उच्चाधिकारियों को 12 बार परिवहन निगम को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक गड्ढा मुक्त करने के लिए बजट आवंटित नहीं किया गया।
रोडवेज परिसर में गड्ढा होने से बारिश के समय ही सबसे अधिक परेशानी होती है, जिससे डिपो से बसें निकलने में परेशानी होती हैं, जबकि रोडवेज कर्मी के साथ यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। पानी भरने से डिपो की बसों को सड़क पर लगाकर सवारी भरनी पड़ती है, इससे जाम की भी समस्या उत्पन्न होती है। रोडवेज के कर्मचारियों के अनुसार पिछले दो वर्षों में तीन एआरएम ने 12 बार पत्राचार किया है। उसके बाद छह माह के लिए आए एआरएम कैलाश कुमार ने चार बार पत्राचार किया था।
जनवरी के अंतिम सप्ताह में वर्तमान एआरएम विजय कुमार गंगवार भी दो बार पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन परिवहन निगम के अधिकारियों ने अभी तक डिपो के लो लैंड परिसर को कायाकल्प करने के बारे में ध्यान नहीं दिया। जबकि इससे कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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रोडवेज परिसर के लो लैंड जमीन को सही करवाने के लिए पत्राचार किया गया है। बारिश के समय हो रहे जलभराव से भी अवगत करवाया गया है। जल्द ही परिसर को गड्ढा मुक्त करवा दिया जाएगा।
-वीके गंगवार, एआरएम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रोडवेज परिसर की जमीन लो लैंड होने से अक्सर पानी भर जाता है। पानी भरने से परिसर में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। सिद्धार्थनगर डिपो परिसर को गड्ढा मुक्त करने के लिए अभी तक तीन एआरएम उच्चाधिकारियों को 12 बार परिवहन निगम को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक गड्ढा मुक्त करने के लिए बजट आवंटित नहीं किया गया।
रोडवेज परिसर में गड्ढा होने से बारिश के समय ही सबसे अधिक परेशानी होती है, जिससे डिपो से बसें निकलने में परेशानी होती हैं, जबकि रोडवेज कर्मी के साथ यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। पानी भरने से डिपो की बसों को सड़क पर लगाकर सवारी भरनी पड़ती है, इससे जाम की भी समस्या उत्पन्न होती है। रोडवेज के कर्मचारियों के अनुसार पिछले दो वर्षों में तीन एआरएम ने 12 बार पत्राचार किया है। उसके बाद छह माह के लिए आए एआरएम कैलाश कुमार ने चार बार पत्राचार किया था।
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जनवरी के अंतिम सप्ताह में वर्तमान एआरएम विजय कुमार गंगवार भी दो बार पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन परिवहन निगम के अधिकारियों ने अभी तक डिपो के लो लैंड परिसर को कायाकल्प करने के बारे में ध्यान नहीं दिया। जबकि इससे कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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रोडवेज परिसर के लो लैंड जमीन को सही करवाने के लिए पत्राचार किया गया है। बारिश के समय हो रहे जलभराव से भी अवगत करवाया गया है। जल्द ही परिसर को गड्ढा मुक्त करवा दिया जाएगा।
-वीके गंगवार, एआरएम