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Siddharthnagar News: लहसुन की बढ़ी कीमतों से खपत घटी
Fri, 16 Feb 2024 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 16 Feb 2024 01:04 AM IST
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शाहपुर। प्याज और टमाटर की महंगाई कुछ हद तक थमी तो अब लहसुन की बढ़ी कीमत लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। लहसुन की नई फसल तैयार होने के बाद भी, दामों में गिरावट नहीं हो रही है।
पिछले कुछ दिनों से लहसुन की बढ़ी कीमतों से आम आदमी से लेकर व्यापारी सब परेशान हैं। मंडी में थोक भाव में लहसुन 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है, जबकि अच्छी वेरायटी के लहसुन की कीमत 250 रुपये प्रति किलो तक भी देखी जा रही है। व्यापारी उक्त रेट पर खरीदारी कर फुटकर में लहसुन सवा दो सौ से पौने तीन सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच रहे है। शाहपुर मंडी में लहसुन के थोक विक्रेता अजीत मिश्रा ने बताया कि किसानों के खेतों में लहसुन की फसल तैयार हो गई है लेकिन एक दिन पूर्व हुई बारिश के चलते वह खुदाई नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि अभी मंडी तक स्थानीय किसानों का लहसुन नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थानीय किसानों के लहसुन के आवक में कम से कम 15 दिन लगेगा, जिसके बाद कीमतों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्ष इस सीजन में 30- 40 रुपये प्रति किलो थोक में बिक रहा था, तब प्रतिदिन मंडी में लगभग एक ट्रक लहसुन की बिक्री हो जाती थी। कीमतों के आसमान छूने से पूरे दिन बीस बोरी लहसुन की बिक्री भी मुश्किल होती जा रही है।
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पिछले कुछ दिनों से लहसुन की बढ़ी कीमतों से आम आदमी से लेकर व्यापारी सब परेशान हैं। मंडी में थोक भाव में लहसुन 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है, जबकि अच्छी वेरायटी के लहसुन की कीमत 250 रुपये प्रति किलो तक भी देखी जा रही है। व्यापारी उक्त रेट पर खरीदारी कर फुटकर में लहसुन सवा दो सौ से पौने तीन सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच रहे है। शाहपुर मंडी में लहसुन के थोक विक्रेता अजीत मिश्रा ने बताया कि किसानों के खेतों में लहसुन की फसल तैयार हो गई है लेकिन एक दिन पूर्व हुई बारिश के चलते वह खुदाई नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि अभी मंडी तक स्थानीय किसानों का लहसुन नहीं पहुंच पा रहा है।
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स्थानीय किसानों के लहसुन के आवक में कम से कम 15 दिन लगेगा, जिसके बाद कीमतों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। पिछले वर्ष इस सीजन में 30- 40 रुपये प्रति किलो थोक में बिक रहा था, तब प्रतिदिन मंडी में लगभग एक ट्रक लहसुन की बिक्री हो जाती थी। कीमतों के आसमान छूने से पूरे दिन बीस बोरी लहसुन की बिक्री भी मुश्किल होती जा रही है।
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