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Siddharthnagar News: बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त होने पर परीक्षा केंद्र से वंचित हो जाएंगे कॉलेज
Tue, 05 Nov 2024 11:09 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 05 Nov 2024 11:09 PM IST
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सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल, इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं नकल विहीन कराने के लिए विभागीय तैयारी तेज है। शासन से स्थानीय प्रशासन तक हर बिंदु पर पैनी नजर रखे है।
बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाने के लिए आवेदन करने वाले विद्यालयों की ओर से दर्ज सत्यापन में कुछ स्कूलों में बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया है। डीआईओएस सोमारू प्रधान ने क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल ठीक कराने के लिए सभी प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को पत्र लिखा है, साथ ही इस कारण केंद्र बनने से वंचित होने पर संबंधित कॉलेज के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को उत्तरदायी माना जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में कॉलेजों, स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए सभी से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, जिसमें संबंधित स्कूलों की ओर से सुविधाओं का फोटोग्राफ समेत जिक्र किया गया था।
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इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित तहसील स्तरीय जांच समिति के सदस्यों ने स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपी है। डीआईओएस ने बताया कि रिपोर्ट में कुछ विद्यालयों में बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख किया गया है। यदि समय से मरम्मत नहीं कराई गई तो संबंधित विद्यालय अथवा कॉलेज बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने से वंचित हो जाएंगे। इसके लिए संबंधित प्रबंधक, प्रधानाचार्य स्वयं जिम्मेदार होंगे।
जिविनि ने बताया कि बीते दो माह से समय-समय पर निरीक्षण के दौरान भी सभी को मानक के बिंदुओं से अवगत कराया जा रहा है। संबंधित स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल मरम्मत कराने के लिए पत्र लिखा गया है।
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बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाने के लिए आवेदन करने वाले विद्यालयों की ओर से दर्ज सत्यापन में कुछ स्कूलों में बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया है। डीआईओएस सोमारू प्रधान ने क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल ठीक कराने के लिए सभी प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को पत्र लिखा है, साथ ही इस कारण केंद्र बनने से वंचित होने पर संबंधित कॉलेज के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को उत्तरदायी माना जाएगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में कॉलेजों, स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए सभी से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, जिसमें संबंधित स्कूलों की ओर से सुविधाओं का फोटोग्राफ समेत जिक्र किया गया था।
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इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित तहसील स्तरीय जांच समिति के सदस्यों ने स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपी है। डीआईओएस ने बताया कि रिपोर्ट में कुछ विद्यालयों में बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख किया गया है। यदि समय से मरम्मत नहीं कराई गई तो संबंधित विद्यालय अथवा कॉलेज बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने से वंचित हो जाएंगे। इसके लिए संबंधित प्रबंधक, प्रधानाचार्य स्वयं जिम्मेदार होंगे।
जिविनि ने बताया कि बीते दो माह से समय-समय पर निरीक्षण के दौरान भी सभी को मानक के बिंदुओं से अवगत कराया जा रहा है। संबंधित स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों को क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल मरम्मत कराने के लिए पत्र लिखा गया है।