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कॉक्लियर इंप्लांट : पांंच माह से बंद है अक्षम बच्चों की सर्जरी

Wed, 09 Oct 2024 12:56 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2024 12:56 AM IST
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Cochlear Implant: Surgery for disabled children has been closed for five months.

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-आरबीएसके के अंतर्गत पांच वर्ष से कम उम्र के मूक बधिर बच्चों की जाती है कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी
-कॉक्लियर इंप्लांट नहीं आने के बाद नहीं लगाया जा रहा शिविर, उम्र बढ़ गई तो योजना से बाहर हो जाएंगे बच्चे

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में पांच माह से कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी बंद है, एक साल में मात्र एक ही सर्जरी हो सकी है। महंगे उपकरणों की आपूर्ति नहीं होने के कारण यह सर्जरी नहीं हो रही है। नए जरूरतमंद बच्चों को ढूंढ़ने के लिए शिविर भी नहीं लगाया जा रहा है। जिले में 28 बच्चे ऐसे हैं, जिनके सर्जरी के लिए जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को नि:शुल्क सर्जरी की सुविधा नहीं मिलेगी। यदि समय से ऑपरेशन नहीं कराया गया तो बच्चे हमेशा के लिए मूक बधिर हो सकते हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पांच साल से कम उम्र के बच्चों का कॉक्लियर इंप्लांट किया जाता है। एक सर्जरी में 6-7 लाख रुपये खर्च आता है, इस कारण बिना सरकारी सहयोग के सर्जरी करवाना अधिकतर माता-पिता के लिए कठिन होता है। जिले में चिहिन्त 28 बच्चों की पिछले छह महीने से सर्जरी बाधित है जबकि पिछले पांच महीने से जागरूकता अभियान भी नहीं चलाया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 15 मई को एक बच्चे का कॉक्लियर इंप्लांट हुआ है। उसके बाद से एक भी ऑपरेशन नहीं किया गया। पिछले छह माह से कॉक्लियर इंप्लांट करने के लिए जिले से किसी भी बच्चे को नहीं बुलाया गया है।
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इस तरह से कार्य करता है कोक्लियर इंप्लांट सर्जरी
आरबीएसके के डीडीआईसी आनंद प्रकाश ने बताया कि कॉक्लियर इंप्लांट से बच्चे सुनने में सक्षम हो जाते हैं तो वाइस थैरेपी से बच्चे बोलने भी लगते हैं। कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी बेहोश करके की जाती है। सर्जन कान के पीछे स्थित मस्तूल की हड्डी को खोलने के लिए एक चीरा लगाते हैं। चेहरे की नस की पहचान की जाती है और कॉक्लियर का उपयोग करने के लिए उनके बीच एक रास्ता बनाया जाता है और इसमें इंप्लांट इलेक्ट्रोड्स को फिट कर दिया जाता है। इसके बाद एक इलेकट्रानिक डिवाइस जिसे रिसीवर कहते हैं, उसे कान के पीछे के हिस्से में चमड़ी के नीचे लगा दिया जाता है और चीरा बंद कर दिया जाता है। ऑपरेशन के चार से छह सप्ताह के बाद इस डिवाइस का बाहरी भाग लगाया जाता है।
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इस तरह करता है कार्य
-लिप रीडिंग करने की कोशिश किए बिना बेहतर सुनाई देगा
-आप फोन पर भी किसी की बात सुनने में सक्षम हो जाएंगे
-जब बेहतर सुनाई देने लगेगा तो आप बेहतर बोल भी पाएंगे

वर्ष कॉक्लियर इंप्लांट
2020-21 5
2021-22 8
2022-23 14
2023-24 21
2024-25 1

कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी सर्जरी नहीं हो रही है। इंप्लांट के लिए पत्राचार किया जा रहा है। कॉक्लियर इंप्लांट शुरू होते ही शिविर लगाकर नए बच्चों को चिह्नित किया जाएगा।
डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमओ
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