{"_id":"575714ff4f1c1b417b9c5414","slug":"cleaning-is-necessary-for-good-health","type":"story","status":"publish","title_hn":"'बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता बहुत ही जरूरी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता बहुत ही जरूरी'
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:09 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : getty images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। भारत स्वच्छता मिशन के तहत लोगों में जागरूकता लाने के लिए लोटन ब्लॉक सभागार में मंगलवार से तीन दिवसीय संपूर्ण स्वच्छता सीएलटीएस कार्यशाला का आयोजन शुरू हुआ। कार्यशाला में स्वच्छता पर जार दिया गया।
जिला समन्वयक संजय तिवारी ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए खुले में शौच न करें। इसमें सभी का सहयोग चाहिए तभी यह मिशन सफल होगा। उन्होंने कहा कि बंगलादेश में कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं करता है, जबकि वह भारत का नकल करता है।
वहां पांच वर्षों में खुले में शौच मुक्त अभियान सफल हो गया। बंाग्लादेश की तरह यहां भी लोगों को खुले में शौच से मुक्त बनाने का प्रयास करना होगा। डा. कमल ने कहा कि खुले में शौच करना बीमारी का जड़ है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने ट्रेनर के रूप में कहा कि वर्ष 1987 से शौचालय बनाने का कार्यक्रम शुरू हुआ है। पड़ोसी देश नेपाल में सरकारी योजना का लाभ पाने के लिए घर में शौचालय होना आवश्यक है।
वहां के लोग स्वच्छता के प्रति काफी जागरूक है। गंदगी से जल भी दूषित होता है जिससे बच्चे डायरिया जैसी भयानक बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। खंड प्रेरक रतन शंकर मिश्र, विजय बहादुर, रमेंद्र कुमार भार्गव, पवन यादव, संगीता, संध्या देवी, रीना देवी, नजमा खातून, पुनीता कसौधन, मनोज कुमार, प्रकाशचंद्र मिश्र, राम ललित सहानी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिला समन्वयक संजय तिवारी ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए खुले में शौच न करें। इसमें सभी का सहयोग चाहिए तभी यह मिशन सफल होगा। उन्होंने कहा कि बंगलादेश में कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं करता है, जबकि वह भारत का नकल करता है।
विज्ञापन
वहां पांच वर्षों में खुले में शौच मुक्त अभियान सफल हो गया। बंाग्लादेश की तरह यहां भी लोगों को खुले में शौच से मुक्त बनाने का प्रयास करना होगा। डा. कमल ने कहा कि खुले में शौच करना बीमारी का जड़ है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने ट्रेनर के रूप में कहा कि वर्ष 1987 से शौचालय बनाने का कार्यक्रम शुरू हुआ है। पड़ोसी देश नेपाल में सरकारी योजना का लाभ पाने के लिए घर में शौचालय होना आवश्यक है।
वहां के लोग स्वच्छता के प्रति काफी जागरूक है। गंदगी से जल भी दूषित होता है जिससे बच्चे डायरिया जैसी भयानक बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। खंड प्रेरक रतन शंकर मिश्र, विजय बहादुर, रमेंद्र कुमार भार्गव, पवन यादव, संगीता, संध्या देवी, रीना देवी, नजमा खातून, पुनीता कसौधन, मनोज कुमार, प्रकाशचंद्र मिश्र, राम ललित सहानी आदि मौजूद रहे।