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स्वच्छ पेयजल योजना को झटका
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 18 Jan 2018 10:54 PM IST
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डुमरियागंज में अर्धनिर्मित पंप हाउस।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। नगरवासियों को स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने के लिए जल निगम ने दो साल पहले नगर क्षेत्र के छह जगहों पर ट्यूबवेल की बोरिंग करवाने के साथ ही वहां पंप हाउस और चार जगहों पर स्टाफ क्वार्टर का निर्माण करवाने के लिए टेंडर निकाला गया था। टेंडर गोरखपुर की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था। मगर दो साल बीतने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं शुरू हो पाया। जहां जमीन मिली, वहीं केवल बोरिंग की गई, लेकिन निर्माण कार्य नहीं हुआ। ठेकेदार की लापरवाही पर विभाग भी बेपरवाह बना हुआ है।
नगर पंचायत डुमरियागंज के गठन के बाद नगरवासियों को शुद्ध और स्वच्छ पानी मुहैया करवाने का प्रयास तेज हो गया था। नगर पंचायत बोर्ड के प्रस्ताव पर शासन ने 50 लाख रुपये इस मद में स्वीकृत किया। इससे नगर पंचायत में पानी के टैंक बनवाए गए। जल निगम ने नगर क्षेत्र को चार जोन में बांटा और वहां ट्यूबवेल की बोरिंग का काम निगम ने करवाया। जल निगम ने 2015-16 में बोरिंग होने वाले गांव औसानपुर, डुमरियागंज, बैदौलागढ़ व शाहपुर मुस्तकहम में पंप हाउस निर्माण के साथ ही स्टाफ क्वार्टर बनवाने के लिए टेंडर निकाला। चार जगहों पर स्टाफ क्वार्टर और छह जगहों पर पंप हाउस व बाउंड्रीवॉल निर्माण पर विभाग को करीब सवा करोड़ खर्च करना भी था। टेंडर गोरखपुर की एक कंपनी को मिला। मगर टेंडर के बाद कंपनी ने निर्माण कार्य नहीं करवाया।
डुमरियागंज जीजीआईसी और बैदौला के खैरूलउलूम स्थित टैंक के पास पंप हाउस तो बना, मगर स्टाफ क्वार्टर नहीं बनवाया गया। वहीं माली मैंनहा में तो ट्यूबवेल की बोरिंग कर उसे खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया। यहां निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। जल निगम के जिम्मेदारों के इस लापरवाही को देखकर नगर वासियों में जल्द वाटर सप्लाई की आस धूमिल होती दिखने लगी है। नगर क्षेत्र के अमित कुमार, वंशीधर अग्रहरि, मो. इस्माइल और दुर्गेश कुमार आदि ने जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करवाने की मांग की है। साथ ही लापरवाही बरतने वाली कंपनी का टेंडर निरस्त कर दोबारा टेंडर निकालने की मांग की है। इस संबंध में जल निगम के जेई प्रदीप कुमार कन्नौजिया ने बताया कि टेंडर निकलने के दौरान वह डुमरियागंज में चार्ज पर थे। निर्माण कंपनी को पत्र भेजा गया है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
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नगर पंचायत डुमरियागंज के गठन के बाद नगरवासियों को शुद्ध और स्वच्छ पानी मुहैया करवाने का प्रयास तेज हो गया था। नगर पंचायत बोर्ड के प्रस्ताव पर शासन ने 50 लाख रुपये इस मद में स्वीकृत किया। इससे नगर पंचायत में पानी के टैंक बनवाए गए। जल निगम ने नगर क्षेत्र को चार जोन में बांटा और वहां ट्यूबवेल की बोरिंग का काम निगम ने करवाया। जल निगम ने 2015-16 में बोरिंग होने वाले गांव औसानपुर, डुमरियागंज, बैदौलागढ़ व शाहपुर मुस्तकहम में पंप हाउस निर्माण के साथ ही स्टाफ क्वार्टर बनवाने के लिए टेंडर निकाला। चार जगहों पर स्टाफ क्वार्टर और छह जगहों पर पंप हाउस व बाउंड्रीवॉल निर्माण पर विभाग को करीब सवा करोड़ खर्च करना भी था। टेंडर गोरखपुर की एक कंपनी को मिला। मगर टेंडर के बाद कंपनी ने निर्माण कार्य नहीं करवाया।
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डुमरियागंज जीजीआईसी और बैदौला के खैरूलउलूम स्थित टैंक के पास पंप हाउस तो बना, मगर स्टाफ क्वार्टर नहीं बनवाया गया। वहीं माली मैंनहा में तो ट्यूबवेल की बोरिंग कर उसे खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया गया। यहां निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। जल निगम के जिम्मेदारों के इस लापरवाही को देखकर नगर वासियों में जल्द वाटर सप्लाई की आस धूमिल होती दिखने लगी है। नगर क्षेत्र के अमित कुमार, वंशीधर अग्रहरि, मो. इस्माइल और दुर्गेश कुमार आदि ने जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करवाने की मांग की है। साथ ही लापरवाही बरतने वाली कंपनी का टेंडर निरस्त कर दोबारा टेंडर निकालने की मांग की है। इस संबंध में जल निगम के जेई प्रदीप कुमार कन्नौजिया ने बताया कि टेंडर निकलने के दौरान वह डुमरियागंज में चार्ज पर थे। निर्माण कंपनी को पत्र भेजा गया है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
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