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हर दो घंटे में पहुंच रहे न्यूमोनिया, कोल्ड डायरिया से ग्रसित एक बच्चा
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बदलते मौसम से बीमार हो रहे बच्चे
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक बच्चे आ रहे हैं
चिकित्सक बोले-मौसम में उतार-चढ़ाव से बच्चे हो रहे बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम में बदलाव के कारण बच्चों में डायरिया और न्यूमोनिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में हर दो घंटे में न्यूमोनिया से ग्रसित एक बच्चा पहुंच रहा है। वहीं ओपीडी में इससे जुड़े लक्षण वाले बच्चों की तादाद प्रतिदिन 200 से अधिक पहुंच गई है। ऐसे में बचाव बेहद जरूरी है नहीं तो बच्चा गंभीर बीमारी का शिकार हो सकता है।
मौसम में उतार-चढ़ाव का असर बच्चों में देखने को मिल रहा है। सुबह में ठंड तो दिन में धूप लोगों को बीमार बना रही है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा बच्चे ही मौसमी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बच्चों में बुखार, उल्टी और दस्त गंभीर रूप ले रहा हैं, जिससे वह न्यूमोनिया के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल के पीड्रियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) वार्ड के आंकड़ों के अनुसार यहां 24 घंटे में न्यूमोनिया के शिकार 17 बच्चे भर्ती किए गए। सभी बच्चे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंच थे। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक पिछले पांच दिनों में न्यूमोनिया, कोल्ड डायरिया से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है। पांच दिनों में 60 से अधिक बच्चे आ चुके हैं। हालांकि सभी ठीक हो रहे हैं किसी को रेफर नहीं करना पड़ा।
ओपीडी में प्रतिदिन पहुंच रहे 200 बच्चे
जिला अस्पताल में बालरोग के पांच चिकित्सक हैं। यहां हर चिकित्सक 50 से 60 बच्चों को देख रहे हैं। इसमें सभी बच्चे बुखार, उल्टी और दस्त के शिकार हैं। इसमें कुछ ऐसे बच्चे भी आ रहे हैं जो गंभीर हाल में होते हैं। उन्हें भर्ती भी करना पड़ रहा है।
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यह लक्षण दिखे तो समझिए न्यूमोनिया है
सांस लेते वक्त सीने में दर्द होना। कफ आते समय सीने में दर्द होना, थका हुआ महसूस करना, और भूख न लगना, पसीना आना, ठंड लगना और चक्कर आना न्यूमोनिया के प्रमुख लक्षण हैं। वहीं कोल्ड डायरिया में बुखार के साथ उल्टी होती है। अगर बच्चों में इस प्रकार का लक्षण दिखे तो तत्काल चिकित्सक पास जाएं।
बोले चिकित्सक
बालरोग विशेष डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि न्यूमोनिया और कोल्ड डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ा रहा है। इसके पीछे मौसम का बदलाव प्रमुख कारण है। ऐसे में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। पानी को गुनगुना करने के बाद ही पिलाएं। बीमारी होने पर तत्काल अस्पताल ले जाएं। बाहर की दवा खिलाने से हालत और बिगड़ सकती है। ऐसे में लापरवाही न बरतें नहीं तो नुकसान हो सकता है।
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक बच्चे आ रहे हैं
चिकित्सक बोले-मौसम में उतार-चढ़ाव से बच्चे हो रहे बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम में बदलाव के कारण बच्चों में डायरिया और न्यूमोनिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में हर दो घंटे में न्यूमोनिया से ग्रसित एक बच्चा पहुंच रहा है। वहीं ओपीडी में इससे जुड़े लक्षण वाले बच्चों की तादाद प्रतिदिन 200 से अधिक पहुंच गई है। ऐसे में बचाव बेहद जरूरी है नहीं तो बच्चा गंभीर बीमारी का शिकार हो सकता है।
मौसम में उतार-चढ़ाव का असर बच्चों में देखने को मिल रहा है। सुबह में ठंड तो दिन में धूप लोगों को बीमार बना रही है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा बच्चे ही मौसमी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बच्चों में बुखार, उल्टी और दस्त गंभीर रूप ले रहा हैं, जिससे वह न्यूमोनिया के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल के पीड्रियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) वार्ड के आंकड़ों के अनुसार यहां 24 घंटे में न्यूमोनिया के शिकार 17 बच्चे भर्ती किए गए। सभी बच्चे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंच थे। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक पिछले पांच दिनों में न्यूमोनिया, कोल्ड डायरिया से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ी है। पांच दिनों में 60 से अधिक बच्चे आ चुके हैं। हालांकि सभी ठीक हो रहे हैं किसी को रेफर नहीं करना पड़ा।
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ओपीडी में प्रतिदिन पहुंच रहे 200 बच्चे
जिला अस्पताल में बालरोग के पांच चिकित्सक हैं। यहां हर चिकित्सक 50 से 60 बच्चों को देख रहे हैं। इसमें सभी बच्चे बुखार, उल्टी और दस्त के शिकार हैं। इसमें कुछ ऐसे बच्चे भी आ रहे हैं जो गंभीर हाल में होते हैं। उन्हें भर्ती भी करना पड़ रहा है।
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यह लक्षण दिखे तो समझिए न्यूमोनिया है
सांस लेते वक्त सीने में दर्द होना। कफ आते समय सीने में दर्द होना, थका हुआ महसूस करना, और भूख न लगना, पसीना आना, ठंड लगना और चक्कर आना न्यूमोनिया के प्रमुख लक्षण हैं। वहीं कोल्ड डायरिया में बुखार के साथ उल्टी होती है। अगर बच्चों में इस प्रकार का लक्षण दिखे तो तत्काल चिकित्सक पास जाएं।
बोले चिकित्सक
बालरोग विशेष डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि न्यूमोनिया और कोल्ड डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ा रहा है। इसके पीछे मौसम का बदलाव प्रमुख कारण है। ऐसे में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। पानी को गुनगुना करने के बाद ही पिलाएं। बीमारी होने पर तत्काल अस्पताल ले जाएं। बाहर की दवा खिलाने से हालत और बिगड़ सकती है। ऐसे में लापरवाही न बरतें नहीं तो नुकसान हो सकता है।