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स्कूलों में अव्यवस्था, भविष्य पर संकट

Mon, 25 Apr 2016 10:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Mon, 25 Apr 2016 10:57 PM IST
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Chaos in schools, on the future crisis
school - फोटो : अमर उजाला
परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने के लाख जतन किए जा रहे हैं, मगर जिम्मेदारों की लापरवाही से सब किए कराए पर पानी फिर रहा है। बर्डपुर ब्लॉक के स्कूलों में सोमवार की इसकी नजीर दिखी। यहां के स्कूलों में कहीं पौने नौ बजे तक ताला लगा रहा तो कहीं शिक्षक नदारद रहे। जो स्कूल खुले भी थे, उनमें बच्चों की संख्या नाममात्र थी। अच्छी तालीम के लिए बच्चों को स्कूल भेजने के इच्छुक अभिभावक ऐसी दुर्दशा में क्या करें, समझ नहीं पा रहे।
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रविवार की छुट्टी के बाद खुले स्कूलों का हाल जानने निकली अमर उजाला की टीम ने क्षेत्र के करीब आधा दर्जन स्कूलों का जायजा लिया। इसमें ज्यादातर में अव्यवस्थाएं मिलीं। विभागीय निर्देश के तहत सुबह 8 बजे खुलने वाले स्कूल काफी देर बाद तक नहीं खुले थे।
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प्राथमिक विद्यालय वजीराबाद का ताला सुबह 8.05 बजे रसोइया गीता देवी ने खोला। उनके साथ तीन बच्चे भी आए। रसोइया गीता देवी ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक वीरेंद्र यादव 8.30 बजे तक आएंगे। गांव के रामचंद्र ने बताया कि अक्सर विद्यालय पर मास्टर साहब 9 बजे तक आते हैं।
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ऐसे में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सुबह 8.15 बजे प्राथमिक विद्यालय मधुबेनिया में बच्चे प्रार्थना कर कक्षा में प्रवेश कर रहे थे। प्रधानाध्यापक शब्बीर अहमद अंसारी बच्चों की हाजिरी लेने के लिए क्लास में जा रहे थे।
सहायक अध्यापक ममता मौजूद रहीं, जबकि दो शिक्षक छुट्टी पर थीं। सुबह 8.22 बजे प्राथमिक विद्यालय बढ़या में केवल एक ही कमरा खुला था। उसमें मात्र 8 बच्चे चुप-चाप बैठे थे। सहायक शिक्षिका कामनी गुप्ता बरामदे में खड़ी थीं। रसोइया मंजू बरामदे की सफाई कर रही थी।
शिक्षिका कामनी ने बताया कि प्रधानाध्यापक व अध्यापक आते ही होंगे। प्राथमिक विद्यालय बैजनाथपुर का ताला भी 8.33 तक बंद मिला। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संजना देवी व सहायिका गेना देवी ही मौजूद थीं।
9:15 बर्डपुर के प्राथमिक विद्यालय ठकुरापुर में मात्र 15 बच्चे मौजूद रहे, सहायक अध्यापक सीताराम बच्चों को पढ़ा रहे थे और रसोइया मध्याह्न भोजन में रोटी-सब्जी बना रहा था। यह 6 विद्यालय तो नजीर हैं। विकासखंड में स्थित कुल 141 परिषदीय विद्यालयों में ज्यादातर की स्थिति ऐसी ही है।
सुबह नौ बजे के बाद आने वाले शिक्षक स्कूल बंद होने से पहले ही स्कूल से निकल लेते हैं। स्कूल में मौजूद रहते हुए भी पठन-पाठन में उनकी रुचि कम रहती है। बर्डपुर के खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि जो विद्यालय समय होने के बावजूद बंद मिले हैं, उनके प्रधानाध्यापक सहित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मध्याह्न भोजन अगर मीनू के विपरीत होगा तो जिम्मेदारों को बक्शा नहीं जाएगा। इसकी जांच की जाएगी। जहां तक विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति की बात है तो अभिभावकों से लगातार संपर्क हो रहा है। शादी-विवाह सहित दिन में कड़ी धूप व गर्म हवा के कारण बच्चों के बीमार होने की बात कही जा रही है, इसलिए बच्चे कम आ रहे हैं।
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