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Siddharthnagar News: स्थायी रैन बसेरे में अव्यवस्था, अस्थायी दूर

Fri, 29 Nov 2024 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 29 Nov 2024 12:43 AM IST
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Chaos in permanent night shelter, temporary away
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज स्थायी और अस्थायी रैन बसेरा मरीजों व तीमारदारों के उपयोग में नहीं आ रहा है, क्योंकि गेट के पास बना रैन बसेरा वार्डों से दूर है। इससे तीमारदारों को खुले में रहकर मरीजाें का इलाज करवाना पड़ रहा है। अस्थायी रैन बसेरा दूर हाेने से तीमारदार वहां नहीं रुक रहे हैं, जबकि स्थायी रैन बसेरे पर एंबुलेंस चालकों का कब्जा है।
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मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं, कई मरीज रात में भी आते हैं। लेकिन, मेडिकल कॉलेज में रैन बसेरे की व्यवस्था सही नहीं होने से तीमारदारों को परिसर के फर्श पर रात में ठिठुरना पड़ता है।
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बृहस्पतिवार को मरीज के साथ आए तीमारदार परिसर के फर्श पर बैठे मिले, जबकि अस्थायी रैन बसेरा पूरी तरह से खाली था। इमरजेंसी परिसर में मौजूद लाेगों ने बताया कि रैन बसेरा दूर है, इससे मरीजों का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं। अगर यह नजदीक होता तो सुविधा मिलती।
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एमसीएच विंग में मरीज को देखने आए डुमरियांगज के रमेश ने बताया कि तीमारदारों को एमसीएच विंग के फर्श पर ही रहकर रात बितानी पड़ती है। जबकि एमसीएच विंग के पास रैन बसेरा बनाने के लिए पर्याप्त जमीन है, लेकिन सुविधा नहीं होने से तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी में मरीज के साथ रह रही अनारकली ने बताया कि रैन बसेरा सड़क के पास बना दिया गया है।
इससे हम लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। यदि रैन बसेरा ब्लड बैंक और एमसीएच विंग के पास बने तो मरीजाें और तीमारदारों को सुविधा मिलेगी।
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