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थामे नहीं थम रही कटान
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सिंगारजोत राप्ती नदी पर बने पुल का एप्रोच का कटान रहा जारी । संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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थामे नहीं थम रही कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर-बलरामपुर संपर्क मार्ग को जोड़ने वाले शाहपुर सिंगारजोत स्थित राप्ती पुल के एप्रोच मार्ग पर कटान थामे नहीं थम रहा है। यहां सारे प्रयासों के बीच शुक्रवार को चौथे दिन कटान और बढ़ गई। अब कटान की लंबाई 40 से बढ़कर 45 मीटर हो गई है। वहीं कटान स्थल के बीच में सड़क के बीच लंबाई में एक और दरार हो गई है। इस दरार से सड़क को फटकर एक हिस्सा नदी में विलीन होने की आशंका है। लोगों की चिंता है कि ऐसा हुआ तो पैदल भी पुल पार करना भी जोखिम पूर्ण हो जाएगा।
राप्ती पुल के एप्रोच में चार दिन पहले कटान शुरू हुई थी। उसी दौरान जेसीबी और 50 से अधिक श्रमिकों के माध्यम से बोरियों में गिट्टियां भरकर कटान स्थल पर डालने का कार्य जारी है। इसके बावजूद भी सड़क में दरार बनने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि राप्ती नदी के जलस्तर में कमी होने से बचाव कार्य में राहत मिली है।
इंजीनियरों के अनुसार सड़क के किनारे डी आकार के पंख बनाए गए होते तो कटान होने की नौबत नहीं आती। पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण में अधूरा कार्य किया था। पीडब्ल्यूडी बलरामपुर के अधिकारियों का दावा है कि कटान पर काबू पा लिया गया है। इस संबंध में पी डब्लू डी सहायक अभियंता कमलाकांत वर्मा ने बताया कि कटान पर काबू पा लिया गया है। चारपहिया वाहन की आवाजाही दो दिन बाद शुरू होने की संभावना है।
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दरार बढ़ी तो बढ़ेगी दिक्कत
सिंगारजोत निवासी रामवृक्ष वर्मा ने बताया कि अगर सड़क की दरार और बढ़ी तो सिद्धार्थनगर के लोगों का बलरामपुर जाने के लिए रास्ता सिंगारजोत पुल से बन्द हो जाएगी सिर्फ नाव का ही सहारा रहेगा। सुखई गिरी का कहना है कि चार दिनों से चार पहिया वाहन बंद है। अब मोटरसाइकिल से ही उतरौला जरूरी कार्यों के लिए जाते हैं। रामप्रकाश का कहना है कि विभाग के अधिकारी यदि पहले से ध्यान दिए होते तो क्षेत्र के लोगों की समस्या नहीं बढ़ती।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने किया निरीक्षण
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को कटान स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से कहा कि कटान रोकने के लिए पूरी कोशिश करें। यह कटान बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री के विधान सभा क्षेत्र में इटवा में है। उन्होंने सड़क के बीच हुई दरार को हर स्थिति में नहीं बढ़ने देने की बात कहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर-बलरामपुर संपर्क मार्ग को जोड़ने वाले शाहपुर सिंगारजोत स्थित राप्ती पुल के एप्रोच मार्ग पर कटान थामे नहीं थम रहा है। यहां सारे प्रयासों के बीच शुक्रवार को चौथे दिन कटान और बढ़ गई। अब कटान की लंबाई 40 से बढ़कर 45 मीटर हो गई है। वहीं कटान स्थल के बीच में सड़क के बीच लंबाई में एक और दरार हो गई है। इस दरार से सड़क को फटकर एक हिस्सा नदी में विलीन होने की आशंका है। लोगों की चिंता है कि ऐसा हुआ तो पैदल भी पुल पार करना भी जोखिम पूर्ण हो जाएगा।
राप्ती पुल के एप्रोच में चार दिन पहले कटान शुरू हुई थी। उसी दौरान जेसीबी और 50 से अधिक श्रमिकों के माध्यम से बोरियों में गिट्टियां भरकर कटान स्थल पर डालने का कार्य जारी है। इसके बावजूद भी सड़क में दरार बनने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि राप्ती नदी के जलस्तर में कमी होने से बचाव कार्य में राहत मिली है।
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इंजीनियरों के अनुसार सड़क के किनारे डी आकार के पंख बनाए गए होते तो कटान होने की नौबत नहीं आती। पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण में अधूरा कार्य किया था। पीडब्ल्यूडी बलरामपुर के अधिकारियों का दावा है कि कटान पर काबू पा लिया गया है। इस संबंध में पी डब्लू डी सहायक अभियंता कमलाकांत वर्मा ने बताया कि कटान पर काबू पा लिया गया है। चारपहिया वाहन की आवाजाही दो दिन बाद शुरू होने की संभावना है।
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दरार बढ़ी तो बढ़ेगी दिक्कत
सिंगारजोत निवासी रामवृक्ष वर्मा ने बताया कि अगर सड़क की दरार और बढ़ी तो सिद्धार्थनगर के लोगों का बलरामपुर जाने के लिए रास्ता सिंगारजोत पुल से बन्द हो जाएगी सिर्फ नाव का ही सहारा रहेगा। सुखई गिरी का कहना है कि चार दिनों से चार पहिया वाहन बंद है। अब मोटरसाइकिल से ही उतरौला जरूरी कार्यों के लिए जाते हैं। रामप्रकाश का कहना है कि विभाग के अधिकारी यदि पहले से ध्यान दिए होते तो क्षेत्र के लोगों की समस्या नहीं बढ़ती।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने किया निरीक्षण
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को कटान स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से कहा कि कटान रोकने के लिए पूरी कोशिश करें। यह कटान बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री के विधान सभा क्षेत्र में इटवा में है। उन्होंने सड़क के बीच हुई दरार को हर स्थिति में नहीं बढ़ने देने की बात कहीं।