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Siddharthnagar News: प्राथमिक स्तर पर पता चल जाएगा कैंसर, इलाज होगा आसान
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मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में मौजूद एफएनएसी की जांच कक्ष। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में गांठ की टीवी और कैंसर के संभावित लक्षण के बारे में पता चल जाएगा। क्योंकि इसकी जांच की सुविधा शुरु हो गई है। इसके जांच से कैंसर लक्षण के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इससे प्राथमिक स्टेज पर इलाज शुरू हो जाएगा तो मरीजों के ठीक होने की संभावना अधिक रहेगी।
फिलहाल ईएनटी से अकेले, गले, मुंह के अंदर और नाक के कैंसर के 10-15 लक्षण वाले मरीजों को जांच के लिए हायर सेंटर भेजा जाता था। अब यह जांच शुरु होने से मरीजों को सुविधा मिलेगी।
कैंसर के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है। क्योंकि जिले में मुंह के कैंसर के अलावा अन्य अंग के कैंसर से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ गई। कैंसर की वास्तविक जांच के लिए बायोप्सी जांच कराई जाती है। दूसरा है एफएनएसी जांच जो निडिल के जरिये किया जाता है। यह भी सुविधा नहीं थी। जबकि, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नाक, कान, गला रोग विभाग में हर माह 10-15 कैंसर के लक्षण वाले मरीज मरीज पहुंचते हैं।
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इसके अलावा मेडिसिन और हड्डी रोग विभाग में शरीर में गांठ बनने के मरीज पहुंचते हैं। जिनमें गांठ की टीबी के साथ-साथ कैंसर हाेने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में इन मरीजों को जांच के लिए बाहर भेजना पड़ता था। रिपोर्ट मिलने के बाद डॉक्टर हायर सेंटर में दिखाने की सलाह देते थे, लेकिन अब कैंसर के संभावित लक्षण की जांच की सुविधा मेडिकल कॉलेज में शुरु हो गई है। एफएनएसी जांच जो निडिल के जरिए किया जाता, अब उसकी सुविधा हो गई है।
इस जांच से कैंसर है तो उसके संकेत मिल जाएगे कि किस दिशा में बीमारी बढ़ रही है। यह पता लगते ही मरीज हायर सेंटर चला जाएगा।
इस संबंध में प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन ने बताया कि जांच के लिए सुविधा हो गई है। शुरू भी करवा दिया गया है। इससे मरीजाें को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में गांठ की टीवी और कैंसर के संभावित लक्षण के बारे में पता चल जाएगा। क्योंकि इसकी जांच की सुविधा शुरु हो गई है। इसके जांच से कैंसर लक्षण के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इससे प्राथमिक स्टेज पर इलाज शुरू हो जाएगा तो मरीजों के ठीक होने की संभावना अधिक रहेगी।
फिलहाल ईएनटी से अकेले, गले, मुंह के अंदर और नाक के कैंसर के 10-15 लक्षण वाले मरीजों को जांच के लिए हायर सेंटर भेजा जाता था। अब यह जांच शुरु होने से मरीजों को सुविधा मिलेगी।
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कैंसर के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है। क्योंकि जिले में मुंह के कैंसर के अलावा अन्य अंग के कैंसर से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ गई। कैंसर की वास्तविक जांच के लिए बायोप्सी जांच कराई जाती है। दूसरा है एफएनएसी जांच जो निडिल के जरिये किया जाता है। यह भी सुविधा नहीं थी। जबकि, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नाक, कान, गला रोग विभाग में हर माह 10-15 कैंसर के लक्षण वाले मरीज मरीज पहुंचते हैं।
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इसके अलावा मेडिसिन और हड्डी रोग विभाग में शरीर में गांठ बनने के मरीज पहुंचते हैं। जिनमें गांठ की टीबी के साथ-साथ कैंसर हाेने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में इन मरीजों को जांच के लिए बाहर भेजना पड़ता था। रिपोर्ट मिलने के बाद डॉक्टर हायर सेंटर में दिखाने की सलाह देते थे, लेकिन अब कैंसर के संभावित लक्षण की जांच की सुविधा मेडिकल कॉलेज में शुरु हो गई है। एफएनएसी जांच जो निडिल के जरिए किया जाता, अब उसकी सुविधा हो गई है।
इस जांच से कैंसर है तो उसके संकेत मिल जाएगे कि किस दिशा में बीमारी बढ़ रही है। यह पता लगते ही मरीज हायर सेंटर चला जाएगा।
इस संबंध में प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन ने बताया कि जांच के लिए सुविधा हो गई है। शुरू भी करवा दिया गया है। इससे मरीजाें को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।