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विश्वविद्यालय ने परिवहन मंत्री तो एआरएम ने विश्वविद्यालय से मांगी बसें

Thu, 18 Aug 2022 10:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 10:33 PM IST
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bus crisis in siddhartha university route
विश्वविद्यालय ने परिवहन मंत्री तो एआरएम ने विश्वविद्यालय से मांगी बसें
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- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय मार्ग पर परिवहन सुविधाओं का अभाव
- विश्वविद्यालय के सामने छात्र संख्या बढ़ाने की चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय मार्ग पर परिवहन सुविधाओं के अभाव में छात्र संख्या बढ़ाने की चुनौती है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह को पत्र भेजकर विश्वविद्यालय के लिए चार बसें संचालित करने की मांग है, जबकि परिवहन निगम के एआरएम ने सुझाव दिया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन बसें खरीदकर परिवहन निगम से अनुबंधित करा दें तो छोटे रूट पर भी बसों के समस्या का समाधान हो जाएगा।
भारत-नेपाल सीमा स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शहर से करीब 20 किमी दूर है। यह सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है, जबकि बसों का अभाव है। इस कारण विश्वविद्यालय में पढ़ने की चाहत रखने वाले छात्र-छात्राएं भी असुविधा के कारण पीछे हट जा रहे हैं।
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परिवहन निगम की डिपो से सुबह आठ बजे और 10 बजे दो बसें शहर से अलीगढ़वा की ओर जाती हैं और उसके बाद वापस आ जाती है। परिवहन निगम के अनुसार इस रूट पर लोड फैक्टर मात्र 10-15 प्रतिशत है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि बसों की समय सारणी सही नहीं होने से छात्र-छात्राओं को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। निगम की बसों को घाटे में जाने का एक कारण यह भी है।
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छोटी बसों की आवश्यकता
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने परिवहन मंत्री को पत्र भेजकर लोटन वाया मोहाने बर्डपुर से कपिलवस्तु, ककरहवा वाया मोहाने बर्डपुर से कपिलवस्तु, उसका वाया शहर मुख्यायल बर्डपुर से कपिलवस्तु एवं शोहरतगढ़ वाया चिल्हिया पल्टादेवी बर्डपुर से कपिलवस्तु मार्ग पर बसें चलाने की मांग की है। वहीं, घाटे के कारण परिवहन निगम बस चलाने का तैयार नहीं है। परिवहन निगम के अनुसार इन रूटों पर छोट बसें संचालित करने की आवश्यकता है। निगम में 52 सीटर की बस है, कम सवारी होने पर लोड फैक्टर कम हो जाता है। विश्वविद्यालय की बसे होंगी तो विश्वविद्यालय प्रशासन को फायदा भी होगा।
हालांकि, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. हरीश शर्मा ने कुलपति को पत्र लिखकर नए सत्र में दो बसें खरीदने की मांग है, एक बस पहले से ही विश्वविद्यालय की ओर से चलाई जा रही है। विश्वविद्यालय में छात्र संख्या एक हजार से अधिक हो गई है, जबकि सुविधाएं बेहतर हो जाए तो यह संख्या और भी बढ़ सकती है।
अलीगढ़वा एवं आसपास के मार्ग में बस संचालन के लिए छोटे बसों को चलाने की आवश्यकता है, जबकि निगम में बड़ी बसें ही हैं। विश्वविद्यालय यदि बस खरीदकर निगम से अनुबंधित करा लें तो सुविधा बेहतर हो जाएगी और विश्वविद्यालय की आय भी होगी।

- जगदीश प्रसाद, एआरएम
परिवहन निगम की ओर से पहली बार बसें अनुबंधित करने का प्रस्ताव मिला है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। हर पहलुओं पर चर्चा करने के बाद ही कोई निर्णय हो सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र हित में तत्पर है।
- डॉ. अविनाश प्रताप सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी
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