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राप्ती के उफान से बढ़ा बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर
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भनवापुर क्षेत्र के पेंड़ारी मुस्तहकम गांव के रामजग का परिवार कमर तक बाढ़ के पानी से होकर ढाई किमी
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
राप्ती के उफान से बढ़ा बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर
सिद्धार्थनगर। जिले की सीमा पर बलरामपुर जिले में बहाव की दिशा बदल जाने से राप्ती नदी का पानी बूढ़ी राप्ती में पहुंच रहा है। इससे राप्ती के साथ ही बूढ़ी राप्ती नदी का भी जलस्तर बढ़ रहा है। इससे जिले में बाढ़ के भयावह होने की आशंका है। लगातार बढ़ रहे नदियों के जलस्तर से इटवा समेत अन्य क्षेत्रों में बांधों पर खतरा मंडराने लगा है।
वर्तमान में बलरामपुर जिले में आई भयावह बाढ़ का असर जिले में भी दिखने लगा है। कारण वहां से ढलान की दिशा में आने वाली जिले की प्रमुख नदियां राप्ती और बूढ़ी राप्ती की बाढ़ से ही यहां तबाही मचती है। बलरामपुर जिले में राप्ती नदी के जलस्तर में उफान के साथ ही उसकी धारा बदल गई है। इससे राप्ती का पानी बूढ़ी राप्ती नदी में गिर रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी में आई बाढ़ जिले में कहर मचा रही है।
...तो बांध भी नहीं रोक पाएगा नदी का वेग
राप्ती एवं बूढ़ी राप्ती नदियों का जलस्तर बढ़ा तो बांध भी नदी का वेग नहीं रोक पाएगा। बाढ़ का पानी गांवों में घुसने की आशंका है। वर्तमान में इटवा के बिस्कोहर क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी किनारे स्थित दलपतपुर-परसोहन बांध के कई स्थानों पर पांच से 15 सेमी नीचे तक बाढ़ का पानी आ गया है। बिस्कोहर प्रतिनिधि के अनुसार, बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से सोमवार शाम से ही दलपतपुर-परसोहन बांध एवं परसोहन से छगड़िहवा बांध पर गदाखौवा व बुड्ढी गांव के पास पानी का रिसाव होने लगा। यह बांध कटा तो दो सौ गांव तबाह हो सकते हैं।
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20 अगस्त 2014 व 16 अगस्त 2017 को दलपतपुर-परसोहन बांध डेगहर गांव के पास कट गया था। डेगहर गांव समेत दलपतपुर, परसोहन, देवीपुर, सिकरा बुजुर्ग, मुड़िला मिश्र, गदाखौवा, बुड्ढी, बकैनिया, छगड़िहवा, मुडिलिया, हरिबंधनपुर गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस वर्ष बांध टूटा तो पिछले वर्षों की तरह इन गांवो का संपर्क अन्य जगहों से कट जाएगा। बांध में हो रहे रिसाव को रोकने के लिए सोमवार शाम से सिंचाई विभाग के जेई, एई को पसीना आ रहा है। वहीं पूर्व में बाढ़ की त्रासदी झेल चुके ग्रामीण भयभीत है। सिंचाई निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता आरके सिंह का कहना है कि बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी है।
बैराज से पानी छोड़ने पर बढ़ेगा खतरा
नेपाल में हो रहे लगातार बारिश से सीमा पर स्थित बैराजों पर पानी का दबाव बढ़ गया है, इन बैराजों से पानी छोड़ने पर जिले में तबाही मच सकती है। सिंचाई विभाग की मानें तो नेपाल सीमा पर स्थित शारदा बैराज, गिरिजापुरी बैराज और राप्ती समेत अन्य बैराजों से मंगलवार शाम तक आठ लाख क्यूसिक पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे बलरामपुर समेत इस जिले में भी बाढ़ की तबाही मच सकती है।
दबाव से बढ़ रहा जिले में बाढ़ का कहर
जिले में बूढ़ी राप्ती, कूड़ा और घोघी समेत कई छोटी नदियां राप्ती में समाहित होकर गोरखपुर जिले में प्रवेश करती हैं। वहां घाघरा (सरयू नदी) में गिरती हैं। वर्तमान में घाघरा का जलस्तर बढ़ने से जिले की नदियों का बहाव कम हो गया है और नीचे से दबाव के कारण जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। अधिशासी अभियंता आरके सिंह का कहना है कि नीचे से दबाव और उपर से लगातार आ रहे पानी के कारण जिले की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
लमुइया गांव में रिंग बांध टूटा
बिस्कोहर। मंगलवार भोर में लमुईया गांव के दक्षिण-पश्चिम स्थित रिंग बांध करीब तीन मीटर कट गया, जिससे गांव के निचले हिस्से के कई मकानों में पानी भर गया। ग्रामीण घर के सामान सहित ऊंचे स्थान व कुछ गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण लिए हैं। ग्रामीण शेषराम, मनोज कुमार, नौशाद, मकबूल, पंगुल, नारायन व प्रधान प्रतिनिधि राम सुमिरन यादव ने बताया कि नदी के लगातार उफान से मंगलवार भोर में करीब तीन मीटर बांध कट गया, जिससे खाने-पीने की सामग्री लगभग नष्ट हो गई है। यही हाल इमिलिया, बसंतपुर, बेलभरिया व मुडिलिया गांव का भी है यह गांव भी बाढ़ से घिर चुका है।
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सिद्धार्थनगर। जिले की सीमा पर बलरामपुर जिले में बहाव की दिशा बदल जाने से राप्ती नदी का पानी बूढ़ी राप्ती में पहुंच रहा है। इससे राप्ती के साथ ही बूढ़ी राप्ती नदी का भी जलस्तर बढ़ रहा है। इससे जिले में बाढ़ के भयावह होने की आशंका है। लगातार बढ़ रहे नदियों के जलस्तर से इटवा समेत अन्य क्षेत्रों में बांधों पर खतरा मंडराने लगा है।
वर्तमान में बलरामपुर जिले में आई भयावह बाढ़ का असर जिले में भी दिखने लगा है। कारण वहां से ढलान की दिशा में आने वाली जिले की प्रमुख नदियां राप्ती और बूढ़ी राप्ती की बाढ़ से ही यहां तबाही मचती है। बलरामपुर जिले में राप्ती नदी के जलस्तर में उफान के साथ ही उसकी धारा बदल गई है। इससे राप्ती का पानी बूढ़ी राप्ती नदी में गिर रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी में आई बाढ़ जिले में कहर मचा रही है।
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...तो बांध भी नहीं रोक पाएगा नदी का वेग
राप्ती एवं बूढ़ी राप्ती नदियों का जलस्तर बढ़ा तो बांध भी नदी का वेग नहीं रोक पाएगा। बाढ़ का पानी गांवों में घुसने की आशंका है। वर्तमान में इटवा के बिस्कोहर क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी किनारे स्थित दलपतपुर-परसोहन बांध के कई स्थानों पर पांच से 15 सेमी नीचे तक बाढ़ का पानी आ गया है। बिस्कोहर प्रतिनिधि के अनुसार, बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से सोमवार शाम से ही दलपतपुर-परसोहन बांध एवं परसोहन से छगड़िहवा बांध पर गदाखौवा व बुड्ढी गांव के पास पानी का रिसाव होने लगा। यह बांध कटा तो दो सौ गांव तबाह हो सकते हैं।
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20 अगस्त 2014 व 16 अगस्त 2017 को दलपतपुर-परसोहन बांध डेगहर गांव के पास कट गया था। डेगहर गांव समेत दलपतपुर, परसोहन, देवीपुर, सिकरा बुजुर्ग, मुड़िला मिश्र, गदाखौवा, बुड्ढी, बकैनिया, छगड़िहवा, मुडिलिया, हरिबंधनपुर गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस वर्ष बांध टूटा तो पिछले वर्षों की तरह इन गांवो का संपर्क अन्य जगहों से कट जाएगा। बांध में हो रहे रिसाव को रोकने के लिए सोमवार शाम से सिंचाई विभाग के जेई, एई को पसीना आ रहा है। वहीं पूर्व में बाढ़ की त्रासदी झेल चुके ग्रामीण भयभीत है। सिंचाई निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता आरके सिंह का कहना है कि बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी है।
बैराज से पानी छोड़ने पर बढ़ेगा खतरा
नेपाल में हो रहे लगातार बारिश से सीमा पर स्थित बैराजों पर पानी का दबाव बढ़ गया है, इन बैराजों से पानी छोड़ने पर जिले में तबाही मच सकती है। सिंचाई विभाग की मानें तो नेपाल सीमा पर स्थित शारदा बैराज, गिरिजापुरी बैराज और राप्ती समेत अन्य बैराजों से मंगलवार शाम तक आठ लाख क्यूसिक पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे बलरामपुर समेत इस जिले में भी बाढ़ की तबाही मच सकती है।
दबाव से बढ़ रहा जिले में बाढ़ का कहर
जिले में बूढ़ी राप्ती, कूड़ा और घोघी समेत कई छोटी नदियां राप्ती में समाहित होकर गोरखपुर जिले में प्रवेश करती हैं। वहां घाघरा (सरयू नदी) में गिरती हैं। वर्तमान में घाघरा का जलस्तर बढ़ने से जिले की नदियों का बहाव कम हो गया है और नीचे से दबाव के कारण जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। अधिशासी अभियंता आरके सिंह का कहना है कि नीचे से दबाव और उपर से लगातार आ रहे पानी के कारण जिले की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
लमुइया गांव में रिंग बांध टूटा
बिस्कोहर। मंगलवार भोर में लमुईया गांव के दक्षिण-पश्चिम स्थित रिंग बांध करीब तीन मीटर कट गया, जिससे गांव के निचले हिस्से के कई मकानों में पानी भर गया। ग्रामीण घर के सामान सहित ऊंचे स्थान व कुछ गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण लिए हैं। ग्रामीण शेषराम, मनोज कुमार, नौशाद, मकबूल, पंगुल, नारायन व प्रधान प्रतिनिधि राम सुमिरन यादव ने बताया कि नदी के लगातार उफान से मंगलवार भोर में करीब तीन मीटर बांध कट गया, जिससे खाने-पीने की सामग्री लगभग नष्ट हो गई है। यही हाल इमिलिया, बसंतपुर, बेलभरिया व मुडिलिया गांव का भी है यह गांव भी बाढ़ से घिर चुका है।