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Siddharthnagar News: फोरलेन के निर्माण में टूटेंगे सरकारी कार्यालयों की बाउंड्री और दुकानें
Wed, 15 Jan 2025 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 15 Jan 2025 11:27 PM IST
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- शहर के अशोक मार्ग पर हाइडिल से साड़ी तिराहे तक दो किमी सड़क का हो रहा चौड़ीकरण, जाम से मिलेगी राहत
- नाला बनाने के लिए टूटेंगे दुकान और चारदीवारी
सिद्धार्थनगर। शहर में हाइडिल तिराहे से साड़ी तिराहे तक दो किलोमीटर फोरलेन बनने के कारण सड़क किनारे स्थित पुरानी नाली पट गई है। अब नई नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे जगह कम पड़ने पर कई सरकारी कार्यालय के बाउंड्रीवाल टूटेंगे। साथ ही हाइडिल तिराहे पर स्थित कुछ दुकानों पर भी बुलडोजर चलना तय है। वहीं इस मार्ग के फोरलेन बन जाने से शहर में जाम की समस्या से राहत मिलेगी। वहीं अगर बारिश के पहले नई नाली का निर्माण नहीं हो पाया तो कई कार्यालयों में जलभराव होना तय माना जा रहा है।
एनएच 730 पर उसका से शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी तक टू लेन सड़क निर्माण होना था। वहीं डीएम डॉ. राजागणपति आर की पहल पर शासन ने शहर में अशोक मार्ग पर दो किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के लिए नौ करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है। एनएच अब इस दो किमी दायरे में फोरलेन सड़क का निर्माण कर रहा है। इसके तहत हाइडिल तिराहे से साड़ी तिराहे के बीच सड़क किनारे स्थित केंद्रीय विद्यालय, जिला कारागार, पीडब्लूडी ऑफिस और मेडिकल कॉलेज समेत अन्य संस्थानों व कार्यालयों की बाउंड्रीवाल से सटकर मिट्टी पाट दी गई है।
वहीं दूसरी तरफ से उद्यान पार्क किनारे भी मिट्टी पाट देने से नालियां भी सड़क की जद में आने से पट गई हैं। इसके चलते फोरलेन के दोनों किनारे पर नाली निर्माण के लिए जगह कम पड़ गई है। जिससे सरकारी कार्यालयों और संस्थानों की बाउंड्रीवाल हटाने के लिए तोड़ना पड़ेगा। बुधवार को भी अशोक मार्ग पर फोरलेन निर्माण के लिए मिट्टी पटाई का कार्य चल रहा था। वहां मौजूद राकेश कुमार का कहना था कि सड़क किनारे नाली के पट जाने पर अगर बारिश हुई तो कई कार्यालयों में पानी भरना तय है।
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32 मीटर चौड़ाई में बनेगा फोरलेन सड़क
शहर में दो किलोमीटर दायरे में बन रहे फोरलेन सड़क की पूरी चौड़ाई 32 मीटर होगी। इनमें एक तरफ 16 मीटर में नौ मीटर सड़क, चार मीटर पटरी और दो मीटर में नाली का निर्माण होगा। साथ ही बीच में एक मीटर का डिवाइडर भी बनेगा। वहीं सड़क किनारे कुछ जगहों पर नगर पालिका की तरफ से दुकानों का भी निर्माण किया जाना है। इतनी चौड़ाई के बाद हाइडिल तिराहे से साड़ी तिराहे तक कई स्थानों पर नाली निर्माण के लिए जगह कम पड़ जाएगी। जिससे सरकारी कार्यालयों की बाउंड्रीवाल पीछे हटाने पड़ेंगे। वहीं हाइडिल तिराहे पर बनी पांच से अधिक दुकानें भी सड़क की जद में आ रही हैं, जिसे तोड़ने के लिए चिह्नांकन भी कर दिया गया है। इससे शहर में जाम की समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन सुलभ होगा।
...तो होगा जलभराव, पार्किंग की भी होगी सांसत
अशोक मार्ग किनारे कुछ स्थानों पर नाली का निर्माण हुआ है, तो कुछ जगहों पर गड्ढे से जलनिकासी होती है। फोरलेन निर्माण के तहत इसके पट जाने के कारण जलनिकासी व्यवस्था समाप्त हो गई है। अगर बरसात के मौसम से पहले सड़क किनारे नाली का निर्माण नहीं हो पाया तो केंद्रीय विद्यालय, जिला कारागार, मेडिकल कॉलेज, जलनिगम, डीआईओएस, पीडब्लूडी व रजिस्ट्री ऑफिस में जलभराव होना तय माना जा रहा है। इसी तरह फोरलेन के निर्माण के बाद इन कार्यालयों के बाहर जगह नहीं होने से वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था खत्म हो जाएगी, जबकि वर्तमान में इन ऑफिस समेत उद्यान व वन विभाग के पार्क के सामने वाहनों की पार्किंग होती है।
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फोरलेन निर्माण के तहत हाइडिल तिराहे से साड़ी तिराहे तक 32 मीटर चौड़ाई में सड़क, पटरी, नाली और डिवाइडर का निर्माण होना है। कार्य चल रहा है। इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
-जयशंकर सिंह, एई, एनएचएआई
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- नाला बनाने के लिए टूटेंगे दुकान और चारदीवारी
सिद्धार्थनगर। शहर में हाइडिल तिराहे से साड़ी तिराहे तक दो किलोमीटर फोरलेन बनने के कारण सड़क किनारे स्थित पुरानी नाली पट गई है। अब नई नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे जगह कम पड़ने पर कई सरकारी कार्यालय के बाउंड्रीवाल टूटेंगे। साथ ही हाइडिल तिराहे पर स्थित कुछ दुकानों पर भी बुलडोजर चलना तय है। वहीं इस मार्ग के फोरलेन बन जाने से शहर में जाम की समस्या से राहत मिलेगी। वहीं अगर बारिश के पहले नई नाली का निर्माण नहीं हो पाया तो कई कार्यालयों में जलभराव होना तय माना जा रहा है।
एनएच 730 पर उसका से शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी तक टू लेन सड़क निर्माण होना था। वहीं डीएम डॉ. राजागणपति आर की पहल पर शासन ने शहर में अशोक मार्ग पर दो किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के लिए नौ करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है। एनएच अब इस दो किमी दायरे में फोरलेन सड़क का निर्माण कर रहा है। इसके तहत हाइडिल तिराहे से साड़ी तिराहे के बीच सड़क किनारे स्थित केंद्रीय विद्यालय, जिला कारागार, पीडब्लूडी ऑफिस और मेडिकल कॉलेज समेत अन्य संस्थानों व कार्यालयों की बाउंड्रीवाल से सटकर मिट्टी पाट दी गई है।
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वहीं दूसरी तरफ से उद्यान पार्क किनारे भी मिट्टी पाट देने से नालियां भी सड़क की जद में आने से पट गई हैं। इसके चलते फोरलेन के दोनों किनारे पर नाली निर्माण के लिए जगह कम पड़ गई है। जिससे सरकारी कार्यालयों और संस्थानों की बाउंड्रीवाल हटाने के लिए तोड़ना पड़ेगा। बुधवार को भी अशोक मार्ग पर फोरलेन निर्माण के लिए मिट्टी पटाई का कार्य चल रहा था। वहां मौजूद राकेश कुमार का कहना था कि सड़क किनारे नाली के पट जाने पर अगर बारिश हुई तो कई कार्यालयों में पानी भरना तय है।
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32 मीटर चौड़ाई में बनेगा फोरलेन सड़क
शहर में दो किलोमीटर दायरे में बन रहे फोरलेन सड़क की पूरी चौड़ाई 32 मीटर होगी। इनमें एक तरफ 16 मीटर में नौ मीटर सड़क, चार मीटर पटरी और दो मीटर में नाली का निर्माण होगा। साथ ही बीच में एक मीटर का डिवाइडर भी बनेगा। वहीं सड़क किनारे कुछ जगहों पर नगर पालिका की तरफ से दुकानों का भी निर्माण किया जाना है। इतनी चौड़ाई के बाद हाइडिल तिराहे से साड़ी तिराहे तक कई स्थानों पर नाली निर्माण के लिए जगह कम पड़ जाएगी। जिससे सरकारी कार्यालयों की बाउंड्रीवाल पीछे हटाने पड़ेंगे। वहीं हाइडिल तिराहे पर बनी पांच से अधिक दुकानें भी सड़क की जद में आ रही हैं, जिसे तोड़ने के लिए चिह्नांकन भी कर दिया गया है। इससे शहर में जाम की समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन सुलभ होगा।
...तो होगा जलभराव, पार्किंग की भी होगी सांसत
अशोक मार्ग किनारे कुछ स्थानों पर नाली का निर्माण हुआ है, तो कुछ जगहों पर गड्ढे से जलनिकासी होती है। फोरलेन निर्माण के तहत इसके पट जाने के कारण जलनिकासी व्यवस्था समाप्त हो गई है। अगर बरसात के मौसम से पहले सड़क किनारे नाली का निर्माण नहीं हो पाया तो केंद्रीय विद्यालय, जिला कारागार, मेडिकल कॉलेज, जलनिगम, डीआईओएस, पीडब्लूडी व रजिस्ट्री ऑफिस में जलभराव होना तय माना जा रहा है। इसी तरह फोरलेन के निर्माण के बाद इन कार्यालयों के बाहर जगह नहीं होने से वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था खत्म हो जाएगी, जबकि वर्तमान में इन ऑफिस समेत उद्यान व वन विभाग के पार्क के सामने वाहनों की पार्किंग होती है।
फोरलेन निर्माण के तहत हाइडिल तिराहे से साड़ी तिराहे तक 32 मीटर चौड़ाई में सड़क, पटरी, नाली और डिवाइडर का निर्माण होना है। कार्य चल रहा है। इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
-जयशंकर सिंह, एई, एनएचएआई