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खुद रॉड, प्लेट खरीदने पर होगा हड्डी का ऑपरेशन

Sun, 26 Jun 2022 11:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 11:15 PM IST
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Bone operation will be done on buying the rod, plate itself
खुद रॉड, प्लेट खरीदने पर होगा हड्डी का ऑपरेशन
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में टूटी हुई हड्डी का ऑपरेशन कराने में मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिस मरीज के लिए उनके परिजन रॉड, प्लेट एवं अन्य उपकरणों को खरीदते हैं, उसका ही ऑपरेशन हो पाता है। ऐसा इस लिए है कि अस्पताल में हड्डी की सर्जरी के लिए उपकरणों को खरीदने की व्यवस्था ही नहीं है।
डिप्टी सीएम, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने जिला अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीज से फीडबैक लिया। उसके बाद अधिकारियों ने रिपोर्ट भेजी है। हड्डी की सर्जरी कराने वाले मोतीलाल के मोबाइल नंबर पर कॉल आने पर उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के लिए नौ हजार रुपये जमा किए थे। जांच में पता चला कि नौ हजार रुपये के इंप्लांट खरीदे गए थे।
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जिला अस्पताल में ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिनका रॉड और प्लेट के अभाव में ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। कुछ मरीज, अधिकारियों से सिफारिश कर रहे हैं, ताकि उनके ऑपरेशन में मदद मिल जाए। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि अति गरीब मरीज के ऑपरेशन के लिए स्थानीय स्तर पर उपकरण खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई है। आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों के ऑपरेशन नि:शुल्क होते हैं।
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प्राचार्य ने लिखा प्रमुख सचिव का पत्र
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि हड्डी के ऑपरेशन में रॉड या प्लेट को स्थानीय स्तर पर क्रय करने की सुविधा नहीं है। ऐसे मरीजों की सुविधा के लिए प्रमुख चिकित्सा शिक्षा को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा गया गया है।
ऑपरेशन के लिए चाहिए दस हजार रुपये
जिला अस्पताल में भर्ती बढ़नी क्षेत्र के धनौड़ा निवासी रमेश ने बताया कि वह एक सप्ताह से जिला अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर ने पैर के ऑपरेशन के लिए दस हजार रुपये के उपकरण खरीदने की बात कहीं है। रुपये का इंतजाम नहीं हो पाया। इस कारण ऑपरेशन टलता जा रहा है।
रुपये नहीं, कैसे हो ऑपरेशन
इटवा के डबरा निवासी बकरीदी नौ दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि गिर जाने के कारण उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई है। वह गरीब हैं। उनके पास रुपये नहीं हैं। इस कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। उनकी पत्नी ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से मदद करने की गुहार लगाई है।

उपकरण के जमा करने पड़े रुपये
महादेवा बाजार क्षेत्र के बसावनपुर के रामनिवास की उंगली का ऑपरेशन हुआ है, जिसमें वायर लगा है। उन्होंने बताया कि उपकरण के लिए 1600 रुपये जमा करने के बाद ऑपरेशन हुआ। मजबूरी में उनके परिजन ने उपकरण के रुपये जमा किए, क्योंकि यहां का इलाज निजी अस्पताल से सस्ता है।
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