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भाकियू ने श्रम कार्यालय पर जड़ा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 25 Oct 2016 10:23 PM IST
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श्रम विभाग पर ताला बंदकर प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। पंजीयन के छह माह बाद भी श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ न देने से क्षुब्ध भाकियू (भानु गुट) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को श्रम प्रवर्तन कार्यालय पर ताला जड़ दिया। करीब डेढ़ घंटे तक ताला बंद कर कार्यकर्ता कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे रहे। विभाग के खिलाफ जमकर नारे लगाए। अपराह्न तीन बजे मौके पर पहुंचे और नायब तहसीलदार के आश्वासन पर ताला खुला।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि निर्माण श्रमिकों के लिए सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही है। मगर इसका लाभ जिले के श्रमिकों को नहीं मिल पा रहा। विभाग में छह माह पहले पंजीकरण कराने वाले मजदूर अब तक योजनाओं के लाभ से वंचित है। बार-बार शिकायत के बावजूद अनदेखी की जा रही है। मनरेगा मजदूरों का पंजीयन बिचौलियों के माध्यम से किया जा रहा है। नौकरी पेशा वालों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
आरोप लगाया कि एक ही दुकान को चिह्नित कर मजदूरों को साइकिल वितरण किया जा रहा हे। इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने चाय-होटल की दुकानों पर काम कर रहे बाल श्रमिकों पर अंकुश लगाने की मांग की। तालाबंदी के चलते कर्मचारी कार्यालय परिसर में ही कैद रहे। सूचना पर नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। वार्ता के बाद ज्ञापन लेते हुए शिकायतों की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ताला खुल पाया।
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प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी, विनोद चौधरी, इंद्रजीत दुबे, पंकज वर्मा, अनिल कुमार राव, निराला मौर्य, प्रेमप्रकाश चौधरी, सुखदेव चौरसिया, नंदलाल दुषाद, वीपत पासवान, अमरावती देवी, मो. रफीक, मुन्नीराम, मनोज विश्वकर्मा, सीमा देवी आदि शामिल रहे।
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कार्यकर्ताओं का कहना था कि निर्माण श्रमिकों के लिए सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही है। मगर इसका लाभ जिले के श्रमिकों को नहीं मिल पा रहा। विभाग में छह माह पहले पंजीकरण कराने वाले मजदूर अब तक योजनाओं के लाभ से वंचित है। बार-बार शिकायत के बावजूद अनदेखी की जा रही है। मनरेगा मजदूरों का पंजीयन बिचौलियों के माध्यम से किया जा रहा है। नौकरी पेशा वालों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
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आरोप लगाया कि एक ही दुकान को चिह्नित कर मजदूरों को साइकिल वितरण किया जा रहा हे। इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने चाय-होटल की दुकानों पर काम कर रहे बाल श्रमिकों पर अंकुश लगाने की मांग की। तालाबंदी के चलते कर्मचारी कार्यालय परिसर में ही कैद रहे। सूचना पर नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। वार्ता के बाद ज्ञापन लेते हुए शिकायतों की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ताला खुल पाया।
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प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी, विनोद चौधरी, इंद्रजीत दुबे, पंकज वर्मा, अनिल कुमार राव, निराला मौर्य, प्रेमप्रकाश चौधरी, सुखदेव चौरसिया, नंदलाल दुषाद, वीपत पासवान, अमरावती देवी, मो. रफीक, मुन्नीराम, मनोज विश्वकर्मा, सीमा देवी आदि शामिल रहे।