फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Big donors donated blood, 468 got new life in a year

Siddharthnagar News: महादानियों ने किया रक्तदान, सालभर में मिली 468 को नई जिंदगी

Sat, 20 Jul 2024 02:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 20 Jul 2024 02:53 AM IST
विज्ञापन
Big donors donated blood, 468 got new life in a year
468 मरीजों के पास नहीं थे रक्तदाता, शिविरों से जुटाया रक्त निशुल्क उपलब्ध कराया
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रक्तदान महादान होता है, रक्तदाताओं ने इसे साबित करके दिखाया है। क्योंकि माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक ने महादानियों से जुटाए रक्त से सालभर में 468 उन मरीजों, गर्भवतियों, दुर्घटनाग्रस्त व थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों की जान बचाई है। जिन्हें कोई रक्त देने वाला नहीं था। उनके परिवार में कोई सदस्य रक्तदान करने योग्य नहीं था। जिंदगी बचाने की मुहिम से जुडे लोगों के बदौलत आज वे लोग स्वस्थ्य जीवन जी रहे हैं। यह उन लोगों के लिए भी संदेश है, जो रक्तदान नहीं करते हैं। रक्तदान के लिए आकर आगे नई जिदंगी देने का कार्य कर सकते हैं।

ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मनोज त्रिपाठी के मुताबिक इमरजेंसी में भर्ती होने वाले ऐसे दुर्घटनाग्रस्त व गंभीर रोगों से ग्रसित मरीज जिनके पास रक्तदाता नहीं होते हैं, उनको निशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है। एमसीएच विंग में प्रसव के लिए भर्ती होने वाली एनीमिक गर्भवतियों को भी निशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को भी निशुल्क रक्त चढ़ाते हैं। निजी अस्पतालों में भर्ती जरूरतमंद मरीजों को भी जिला अस्पताल की एडी एसआईसी की संस्तुति पर निर्धारित राशि के भुगतान पर ब्लड बैंक से रक्त मुहैया कराया जाता है। सालभर में ऐसे ही 468 मरीजों को रक्त देकर उनकी जान बचाई गई। आंकड़ों पर गौर करें तो ब्लड बैंक में अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक 4393 यूनिट रक्त जुटाया गया। इनमें से 468 यूनिट रक्त बगैर डोनर दिया गया। वर्ष 2023 में अप्रैल में 58, मई में 13, जून में 144, जुलाई में 35, अगस्त में 0, सितंबर में 131, अक्तूबर में 5, नवंबर में 9, दिसंबर में 17, वर्ष 2024 में जनवरी में 20, फरवरी में 22, मार्च में 4 यूनिट रक्त मरीजों को बगैर रक्तदाता निशुल्क उपलब्ध कराया गया।
विज्ञापन




----------

इनको मिला लाभ



केस नंबर एक

उसका की एक गर्भवती महिला एमसीएच विंग में भर्ती हुई। उन्हें ओ पॉजिटिव ग्रुप की आवश्यकता थी। लेकिन ब्लड बैंक में खून नहीं था। जिससे ब्लड बैंक के कर्मचारी ने एक ओ पॉजिटिव रक्तदाता से संपर्क करवाया। जिससे गर्भवती महिला को खून उपलब्ध हो गया। जरूरी जांच के बाद गर्भवती को रक्त चढ़ाया गया, जिससे सुरक्षित प्रसव हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन




---------

केस नंबर दो



डुमरियागंज क्षेत्र में पिछले वर्ष एक रोड एक्सीडेंट हो गया था, जिसे सरकारी एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया गया। उस खून ज्यादा बह जाने के कारण खून की जरूरत थी। ऐसे में ब्लड बैंक से उसे तत्काल बी पॉजिटिव खून उपलब्ध करवाया गया। जिससे मरीज की जान बच पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed