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Siddharthnagar News: भूटान के गृहमंत्री ने किया लुंबिनी का दौरा, मायादेवी मंदिर में की पूजा-अर्चना
Sat, 27 Jun 2026 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 27 Jun 2026 11:22 PM IST
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नेपाल में बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में मायादेवी मंदिर का दौरा करते भूटान के होम मिनिस्टर लियो
कपिलवस्तु। भूटान के गृहमंत्री लियोनपो शेरिंग ने शनिवार को बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी पहुंचकर पवित्र मायादेवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर भगवान बुद्ध के जन्म से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का अवलोकन किया।
गृहमंत्री लियोनपो शेरिंग ने सबसे पहले मायादेवी मंदिर में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने सम्राट अशोक की ओर से स्थापित ऐतिहासिक अशोक स्तंभ का अवलोकन किया, जिसे भगवान बुद्ध की जन्मस्थली का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है। उन्होंने मंदिर परिसर स्थित पवित्र पुष्करणी तालाब भी देखा। मान्यता है कि इसी तालाब में महारानी मायादेवी ने स्नान किया था और नवजात सिद्धार्थ गौतम का प्रथम स्नान भी यहीं कराया गया था। इस अवसर पर भूटान के डिप्टी मोनार्क और किंग दोरजी लोपेन रिंपाचे भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों विशिष्ट अतिथियों का लुंबिनी विकास ट्रस्ट और स्थानीय अधिकारियों ने स्वागत किया। अधिकारियों ने उन्हें लुंबिनी के ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व की जानकारी भी दी।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने लुंबिनी में संचालित संरक्षण और विकास कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने इस विश्व धरोहर स्थल के संरक्षण, बौद्ध विरासत के संवर्धन तथा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
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गृहमंत्री लियोनपो शेरिंग ने सबसे पहले मायादेवी मंदिर में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने सम्राट अशोक की ओर से स्थापित ऐतिहासिक अशोक स्तंभ का अवलोकन किया, जिसे भगवान बुद्ध की जन्मस्थली का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है। उन्होंने मंदिर परिसर स्थित पवित्र पुष्करणी तालाब भी देखा। मान्यता है कि इसी तालाब में महारानी मायादेवी ने स्नान किया था और नवजात सिद्धार्थ गौतम का प्रथम स्नान भी यहीं कराया गया था। इस अवसर पर भूटान के डिप्टी मोनार्क और किंग दोरजी लोपेन रिंपाचे भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों विशिष्ट अतिथियों का लुंबिनी विकास ट्रस्ट और स्थानीय अधिकारियों ने स्वागत किया। अधिकारियों ने उन्हें लुंबिनी के ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व की जानकारी भी दी।
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दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने लुंबिनी में संचालित संरक्षण और विकास कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने इस विश्व धरोहर स्थल के संरक्षण, बौद्ध विरासत के संवर्धन तथा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
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