फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Be alert about mobile ringing repeatedly in ears...it is monophobia

Siddharthnagar News: बार-बार कान में बज रही मोबाइल की घंटी हो जाए सतर्क... है मोनो फोबिया

Mon, 23 Sep 2024 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 23 Sep 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
Be alert about mobile ringing repeatedly in ears...it is monophobia
बदलते वक्त के साथ मोबाइल फोबिया के शिकार हो रहे लोग
विज्ञापन

जेब में रहती है मोबाइल फिर भी एहसास होता है बज रही है घंटी
अगर इस समस्या से है परेशान तो समझ ले हो गए मोबाइल फोबिया के शिकार
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे इस प्रकार के रोगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर आपको बार-बार यह एहसास हो रहा है कि मोबाइल की घंटी बज रही है। हमेशा मोबाइल निकालकर स्क्रीन देख रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। क्योंकि यह मोबाइल नोमो फोबिया बीमारी है, जो एक प्रकार की मनोरोग है। जिसे बीमारी की ओर आप जा रहे हैं। अगर आपके साथ यह समस्या हो रही है तत्काल मनोचिकित्सक को दिखाएं और उनकी सलाह सके दवा लें। क्योंकि माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास इस प्रकार की समस्या से जुड़े चार से छह मरीज हर दिन पहुंच रहे हैं। जिन्हें चिकित्सक मोबाइल का कम प्रयोग करने सहित बचाव से जुड़ी अन्य जानकारी दे रहे हैं।
स्मार्टफोन आज लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। 10 साल के बच्चे से लेकर हर आयु वर्ग के लोग इसका प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन जरूरत से अधिक प्रयोग व्यक्ति को कई प्रकार की बीमार से शिकार बना रहा है। अधिक उपयोग करने से आंख और गर्दन टेढ़ी होने की बात आपने बहुत सुना होगा, लेकिन हम जो बताने जा रहे हैं यह बहुत ही नुकसानदेह है। नोमो फोबिया बीमारी है जो एक प्रकार का मानसिक रोग है, जिसकी गिरफ्त में लोग तेजी से आ रहे हैं। इसमें बार-बार व्यक्ति को एहसास हो रहा है कि मोबाइल बज रहा है। इसलिए उसे बार-बार जेब से निकलना और देखकर रखने जैसी समस्या हो रही है।
विज्ञापन

इस प्रकार के रोगी मनोरोग विशेषज्ञ और नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ के पास पहुंच रहे हैं। मौजूदा समय में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन पांच से छह मरीज इस समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टर इन्हें दवा कम बचाव के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिससे इस समस्या से निजात मिल सके। अगर आपके पास ऐसा कुछ हो रहा है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं नहीं तो बड़ी बीमारी के शिकार हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क
बार-बार फोन के बजने का एहसास होना, हमेशा मोबाइल निकालकर स्क्रीन देखना, हमेशा मैसेज आने और चेक करने की चाहत बना रहना, मोबाइल की बैटरी बैठने का अनुभव होना, बंद होने का डर बना रहना यह सब नोमो फोबिया का के लक्षण हैं, जो एक प्रकार से मानसिक रोग है। इसमें से कोई समस्या है तो अलर्ट हो जाएं।

-डॉ. मोहम्मद अफजल खान, सहायक आचार्य मनोरोग विभाग माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज

बचाव के लिए यह जरूरी
मोबाइल फोन का कम प्रयोग करें। सोशल मीडिया से दूरी बनाएं, फोन से कम अपनों के पास बैठें और संपर्क में रहें। देर रात तक फोन का प्रयोग न करें आदि कई प्रकार की सावधानी बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed