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लंपी बीमारी के कारण पशुओं के परिवहन पर रोक
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लंपी बीमारी के कारण पशुओं के परिवहन पर रोक
सिद्धार्थनगर। लंपी स्कीन डिजीज नामक बीमारी के कारण प्रभावित राज्यों से पशुओं के परिवहन एवं पशु बाजार पर रोक लगा दी गई है। गायों में फैलने वाली इस बीमारी से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित प्रदेश के प्रभावित शहरों से पशुओं की आवाजाही रोक दी गई है। इस बीमारी ने कई राज्यों में तबाही मचा दी है।
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि लंपी स्कीन डिजीज वायरस के कारण गायें बीमार हो रही हैं। हालांकि, जिले में इस बीमारी का कोई केस सामने नहीं आया है। पशुपालन विभाग को सतर्क किया गया है। किसी भी पशु में इस बीमारी के संक्रमण की पुष्टि होने पर उसे अन्य पशुओं से अलग कर दिया जाएगा, ताकि बीमारी फैलने का जोखिम न रहे।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने सभी ब्लॉकों में नोडल पशु चिकित्साधिकारी नामित कर दिया है। सूचनाओं के आधार पर सर्विलांस, नमूने लेने की जिम्मेदारी दी गई है। इस बीमारी में गाय की त्वचा में गांठ बन जाती है, जिसमें बुखार के कारण बीमार पशु आहार छोड़ देता है। त्वचा की गांठ पक जाने की स्थिति में गाय की स्थिति गंभीर हो जाती है। पशुधन प्रसार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्र में भ्रमण करके लंपी संक्रमण की जानकारी जुटाएं। वहीं गोशालाओं में पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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सिद्धार्थनगर। लंपी स्कीन डिजीज नामक बीमारी के कारण प्रभावित राज्यों से पशुओं के परिवहन एवं पशु बाजार पर रोक लगा दी गई है। गायों में फैलने वाली इस बीमारी से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित प्रदेश के प्रभावित शहरों से पशुओं की आवाजाही रोक दी गई है। इस बीमारी ने कई राज्यों में तबाही मचा दी है।
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि लंपी स्कीन डिजीज वायरस के कारण गायें बीमार हो रही हैं। हालांकि, जिले में इस बीमारी का कोई केस सामने नहीं आया है। पशुपालन विभाग को सतर्क किया गया है। किसी भी पशु में इस बीमारी के संक्रमण की पुष्टि होने पर उसे अन्य पशुओं से अलग कर दिया जाएगा, ताकि बीमारी फैलने का जोखिम न रहे।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने सभी ब्लॉकों में नोडल पशु चिकित्साधिकारी नामित कर दिया है। सूचनाओं के आधार पर सर्विलांस, नमूने लेने की जिम्मेदारी दी गई है। इस बीमारी में गाय की त्वचा में गांठ बन जाती है, जिसमें बुखार के कारण बीमार पशु आहार छोड़ देता है। त्वचा की गांठ पक जाने की स्थिति में गाय की स्थिति गंभीर हो जाती है। पशुधन प्रसार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्र में भ्रमण करके लंपी संक्रमण की जानकारी जुटाएं। वहीं गोशालाओं में पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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