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Siddharthnagar News: मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रहे अस्थमा के मरीज
Thu, 05 Dec 2024 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 05 Dec 2024 12:16 AM IST
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मेडिकल कालेज के ओपीडी में मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी लेते डॉ. सीबी चौधरी।
सिद्धार्थनगर। बदलते मौसम के बीच बढ़ रही ठंड के बीच अस्थमा की बीमारी ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाला हर पांचवां व्यक्ति अस्थमा से पीड़ित है।
वहीं लोग सर्दी-जुकाम की बीमारी से ग्रसित हैं। अस्पतालों में रोजाना मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इससे वर्तमान समय में मेडिसिन व चेस्ट विभाग के ओपीडी में 150 से 200 मरीज के अस्थमा के आ रहे है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को मरीजों की लंबी कतार लगी रही। इसमें से अधिकतर मरीज अस्थमा के रोग से ग्रसित थे। मरीजों का देखने के साथ ही चिकित्सक उन्हें ठंड से बचने का उपाय भी बता रहे थे।
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मेडिसिन के ओपीडी में मरीजों को देख रहे डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि वर्तमान समय में ठंड अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। इससे अस्थमा के मरीजों में काफी इजाफा हुआ है। ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज पहुंच रहे है। बताया कि इसमें से कुछ पुराने मरीज है, तो किसी को धूल व अन्य समस्याओं से सांस लेने में दिक्कत हाे रही है।
कहा कि सर्दियों में अस्थमा के मरीजों को तकलीफ ज्यादा होती है जो मरीज अस्थमा से पीड़ित हैं वह ठंड से बचें और ठंडी खाद्य सामग्री से भी परहेज करें। ज्यादा दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में अस्थमा के मरीज आ रहे है।
मरीजों का जांच किया जा रहा है। तीन से चार दिन में मरीज स्वास्थ्य होकर घर भी लौट जा रहे है। कुछ गंभीर मरीज भी आ रहे है। जिन्हें तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में पांच से 10 मरीज अस्थमा से पीड़ित आ रहे है। जिन्हें भर्ती करना पड़ रहा है।
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वहीं लोग सर्दी-जुकाम की बीमारी से ग्रसित हैं। अस्पतालों में रोजाना मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इससे वर्तमान समय में मेडिसिन व चेस्ट विभाग के ओपीडी में 150 से 200 मरीज के अस्थमा के आ रहे है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को मरीजों की लंबी कतार लगी रही। इसमें से अधिकतर मरीज अस्थमा के रोग से ग्रसित थे। मरीजों का देखने के साथ ही चिकित्सक उन्हें ठंड से बचने का उपाय भी बता रहे थे।
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मेडिसिन के ओपीडी में मरीजों को देख रहे डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि वर्तमान समय में ठंड अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। इससे अस्थमा के मरीजों में काफी इजाफा हुआ है। ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज पहुंच रहे है। बताया कि इसमें से कुछ पुराने मरीज है, तो किसी को धूल व अन्य समस्याओं से सांस लेने में दिक्कत हाे रही है।
कहा कि सर्दियों में अस्थमा के मरीजों को तकलीफ ज्यादा होती है जो मरीज अस्थमा से पीड़ित हैं वह ठंड से बचें और ठंडी खाद्य सामग्री से भी परहेज करें। ज्यादा दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में अस्थमा के मरीज आ रहे है।
मरीजों का जांच किया जा रहा है। तीन से चार दिन में मरीज स्वास्थ्य होकर घर भी लौट जा रहे है। कुछ गंभीर मरीज भी आ रहे है। जिन्हें तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में पांच से 10 मरीज अस्थमा से पीड़ित आ रहे है। जिन्हें भर्ती करना पड़ रहा है।