{"_id":"e5f5e3a6b1906a470cd0aa9f1e73f979","slug":"asha-workers-picketing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 05 Nov 2015 11:34 PM IST
विज्ञापन
आशा बहू स्वास्थ्य कार्यकर्ता वेलफेयर एसोसिएशन ने मांगों को लेकर गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्री मांगों का पत्र डीएम को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों को गांव की जनता तक पहुंचाने का कार्य किया।
बावजूद इसके उन्हें महंगाई के इस दौर में मात्र एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। प्रसव कराने के लिए वे रात में 12 बजे अपना घर छोड़कर जाने से भी परहेज नहीं करतीं।
विज्ञापन
ऐसे में आशा बहुओं का मानदेय न्यूनतम दस हजार होना चाहिए। समय रहते सरकार ने इनकी मांगों को नहीं पूरा किया तो आने वाले दिनों में आशा कार्यकर्ता सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों का बहिष्कार करने को बाध्य होंगी। नीलम यादव ने कहा कि पीएचसी व सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दिए जाने बाउचर में कोई कटौती नहीं की जानी चाहिए और उनका कमीशन समय से खाते में पहुंचना चाहिए।
आशा कार्यकर्ताओं के साथ असामयिक घटना होने पर उनके आश्रितों को सरकारी सेवा में लिया जाए और उनका न्यूनतम दो लाख का बीमा किया जाए। धरने की अध्यक्षता सुशीला सिंह ने और संचालन रानी सिंह ने किया। अनीता वर्मा, राजश्री, सविता देवी, नैना दूबे, लक्ष्मी देवी, रेखा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
धरने को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों को गांव की जनता तक पहुंचाने का कार्य किया।
विज्ञापन
बावजूद इसके उन्हें महंगाई के इस दौर में मात्र एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। प्रसव कराने के लिए वे रात में 12 बजे अपना घर छोड़कर जाने से भी परहेज नहीं करतीं।
विज्ञापन
ऐसे में आशा बहुओं का मानदेय न्यूनतम दस हजार होना चाहिए। समय रहते सरकार ने इनकी मांगों को नहीं पूरा किया तो आने वाले दिनों में आशा कार्यकर्ता सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों का बहिष्कार करने को बाध्य होंगी। नीलम यादव ने कहा कि पीएचसी व सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दिए जाने बाउचर में कोई कटौती नहीं की जानी चाहिए और उनका कमीशन समय से खाते में पहुंचना चाहिए।
आशा कार्यकर्ताओं के साथ असामयिक घटना होने पर उनके आश्रितों को सरकारी सेवा में लिया जाए और उनका न्यूनतम दो लाख का बीमा किया जाए। धरने की अध्यक्षता सुशीला सिंह ने और संचालन रानी सिंह ने किया। अनीता वर्मा, राजश्री, सविता देवी, नैना दूबे, लक्ष्मी देवी, रेखा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।