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सात दिन में एक मासूम की मौत, 25 अस्पताल में भर्ती

Mon, 08 Jan 2018 11:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Mon, 08 Jan 2018 11:04 PM IST
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An innocent death in seven days, 25 hospital recruits
जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। तेजी से लुढ़कता तापमान नौनिहालों के लिए जानलेवा हो गया है। देख-भाल में थोड़ी सी लापरवाही भी मासूमों को बीमार कर दे रही है। पिछले एक सप्ताह में ठंड के कहर से एक मासूम की मौत हो गई है। दो दर्जन से अधिक बच्चे अस्पताल पहुंच चुके हैं। सभी में निमोनिया और कोल्ड डायरिया का असर पाया गया है। जिला अस्पताल के पीआईसीयू में चार बच्चे अभी भी भर्ती हैं। मौसम के इस मिजाज को देख चिकित्सक दवा-इलाज के साथ ही मां व बच्चे को विशेष ऐहतियात बरतने की भी सलाह दे रहे हैं।
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कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप तो पिछले 15 दिनों से जारी है, मगर जनवरी में तापमान तेजी से लुढ़का है। न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेंटीग्रेड के आस-पास जमा हुआ है। बर्फीली हवाओं और गलन के कारण ऊनी कपड़ों से भी राहत नहीं मिल रही। लोग घरों में दुबके हुए हैं। बड़े-बुजुर्ग तो फिर भी जैसे-तैसे अलाव के सहारे दिन बीता रहे हैं, मगर अबोध बच्चों के लिए यह मौसम काफी खतरनाक साबित हो रहा है। ठंड के प्रति थोड़ी सी बेपरवाही उन्हें बीमार कर दे रही है। सबसे ज्यादा खतरा कोल्ड डायरिया और निमोनिया का है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो एक जनवरी से अब तक 25 बच्चे अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं।
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इनमें जोगिया के भंवरी निवासी शिवम (2 माह) की मौत हो चुकी है, जबकि कइयों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सोमवार को भी अस्पताल के पैड्रियाटिक आईसीयू (पीकू) वार्ड में कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित चार बच्चे भर्ती रहे। इनमें उसका बाजार के तिघरा निवासी वेदप्रकाश का पुत्र दिव्यांश (10 माह), बढ़नी के अब्दुल नसीम की पुत्री शबीहा खातून (2 माह), नेपाल के हथियहवा निवासी बहादुर गिरी के पुत्र शिवम गिरी (2 माह) आदि शामिल रहे। अस्पताल प्रशासन की मानें तो भर्ती मरीजों के अलावा भी सैकड़ों मरीजों को ओपीडी में दवा-उपचार व परामर्श के बाद घर भेज दिया गया।
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