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जिले की सभी नदियां लाल निशान पार, कई गांव बाढ़ से घिरे

Mon, 30 Aug 2021 10:51 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 10:51 PM IST
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All the rivers of the district cross the red mark, many villages surrounded by floods
नौगढ़-सोहास मार्ग पर करीब चार फीट बाढ़ के पानी के बीच से साइकिल पर सब्जी बेचने के लिए कृषि उपज मंडी - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
जिले की सभी नदियां लाल निशान पार, कई गांव बाढ़ से घिरे
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सिद्धार्थनगर। सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही जिले में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। राप्ती एवं बूढ़ी राप्ती नदियों के लगातार बढ़ने के कारण कई बांधों पर खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को कई बांधों में हो रहे रिसाव को रोकने में ग्रामीणों समेत विभागीय अधिकारियों को पसीना छूट रहा था। वहीं कई दिनों से चारों तरफ से पानी से घिरे गांवों में भोजन और दवा के लिए लोगों में कोहराम मचा हुआ है।
कई दिनों से खतरे के लाल निशान के ऊपर बह रही बूढ़ी राप्ती एवं राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। उधर कूड़ा, घोघी, जमुआर, तेलार का जलस्तर भी तीन दिन से लाल निशान से ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में कई गांव जहां पानी से घिरे हुए हैं, वहीं कई सड़कों पर भी पानी चढ़ गया है। जबकि वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रहे जर्जर बांधों में रिसाव बढ़ गया है। सोमवार को उसका-लखनापार बांध, कूड़ा-घोघी बांध, सूपा एडवांस बांध अशोगवा-नगवा बांध, ककरही गोनहा बांध और राप्ती नदी किनारे सोनखर बांध की हालत रिसाव से नाजुक बनी हुई थी। कुछ बांधों में एक रिसाव रुक रहा तो दूसरी जगह शुरू हो जा रहा था। इससे बांध टूटने की आशंका से विभागीय जिम्मेदारों की हालत खराब थी। सूपा एडवांस बांध पर हो रहे रिसाव को रोकने में लगे लोग बेहद परेशान नजर आए।
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उसका बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, गांव और नगर क्षेत्र में चारों तरफ पानी ही दिख रहा है। लोगों के सामने खुद के भोजन के साथ ही मवेशियों के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदी के बीच बसे गांव अजिगरा, हथिवड़ताल, तालबगहिया, लाऊखाई, गायघाट, अमरिया, तालनटवा के लोग पहले ही बाढ़ से जूझ रहे हैं। अब इनको प्रशासन की ओर से राहत सामग्री मिलनी शुरू हुई है। कूड़ा नदी में उफान बढ़ गया है। सोहांस क्षेत्र के गांव बंजरहा, चनरैया, उचहरिया, बसावनपुर, नगवां, करछुलिया, भलुहा, फुलवरिया, गौरा, खुटवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी भर चुका है। इन गांव का संपर्क भी कट गया है। हालांकि प्रशासन ने एक नाव लोगों के आवागमन के लिए लगा रखा है। कूड़ा नदी का पानी नगर पंचायत के परसा खुर्द, परसा बुजुर्ग, गौशाला, चौबाहेडीह व उसका बाजार के भीतर घुस गया है। बाजार में घुटने से ऊपर पानी होने के चलते अब लोगों को काफी समस्या हो रही है। नदी पुराने रेलवे पुल के निचली सतह से टकराते हुए बह रही है, जिससे लगभग 130 वर्ष पुराने पुल पर खतरा बढ़ गया है। वार्ड सभासद शैलेंद्र शर्मा, सूरज मोदनवाल, सुजीत अग्रहरि, अजित ने प्रशासन से बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने और सहायता दिलाने की मांग की है।
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पकड़ी क्षेत्र में भी जल स्तर बढ़ने से महुलानी, सियरापार, चोरई आदि गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। अगर जल स्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो पकड़ी में गोरखपुर को जाने वाले नेशनल हाईवे पर भी पानी चढ़ जाएगा। महदेवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, उसका मोहाना मार्ग पर बर्रोहिया खालसा, गनेरा, तेनुहवा, सोहांस सुमाली, सोहांस खास, उचहरिया, कुकरभुकवा, बसावनपुर तथा नगवा गांव पानी से घिरे हुए हैं। कूड़ा नदी का पानी रोड पर कहीं दो फीट तथा कही-कहीं तीन से चार फीट पानी बह रहा है।
बूढ़ी राप्ती लाल निशान से 2.35 मीटर, राप्ती 75 सेमी ऊपर
बूढ़ी राप्ती नदी 18 दिन लाल निशान से ऊपर बह रही है। वर्तमान में इसका जलस्तर खतरे के निशान से 2.35 मीटर ऊपर बह रही है। राप्ती नदी बांसी में तेरह दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और धीमी गति से बढ़ने का क्रम जारी है।

सोमवार को यह नदी खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच कर बह रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देख आसपास के ग्रामीण काफी चिंतित हैं। बाढ़ से घिरे तहसील क्षेत्र के सौ से अधिक गांव के लोगों का जनजीवन प्रभावित है। लोगों को बेकारी, बीमारी और बेबसी के साथ-साथ कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बाढ़ की विभीषिका झेल रहे क्षेत्र के मझवन कला, गोठवा घाट, मियांजोत, गदुरहिया, जाल्हेखोर, सिंघिया, तेलौरा, डड़वा घाट, महुआ कला, कोल्हुआ, कुल्हुई, मंझारी, धुसिया, पिपरा, पचही डीहवा, बिमौआ बुजुर्ग, बिमौआ खुर्द, मगरगाहा, जीवपुर, गरगजवा, कटहा, पिपरहिया, रूदलपुर, खरिका पांडे, भगौतापुर, डड़िया , तारा गुजरौलिया आदि गांव के लोग काफी परेशान हैं। इन गांव के लोगों को घर से निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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