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Siddharthnagar News: कृषि विभाग का दावा, खाद का भरपूर स्टॉक, मुनाफाखोरी पर होगी कार्रवाई
Fri, 10 Jul 2026 02:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 10 Jul 2026 02:55 AM IST
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सिद्धार्थनगर। धान रोपाई के बीच जिले में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कृषि विभाग ने दावा किया है कि किसानों के लिए सभी प्रमुख उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। विभाग के अनुसार डीएपी, एनपीके, यूरिया, एमओपी और एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक सहकारी समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर मौजूद है।
किसानों से अपील की गई है कि वे घबराकर अनावश्यक खरीदारी न करें और जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें।
जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय ने बृहस्पतिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि धान की रोपाई को देखते हुए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के यहां पर्याप्त स्टॉक है और किसी भी किसान को उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसानों से खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री अथवा सहकारी समिति की सदस्यता पासबुक के आधार पर ही उर्वरक खरीदने की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि एनपीके, टीएसपी और एसएसपी जैसे फास्फेटिक उर्वरकों का भी उपयोग फसल के लिए लाभकारी है। इन उर्वरकों में फाॅस्फोरस और सल्फर जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो पौधों की जड़ों के विकास और बेहतर विकास में सहायक हैं। किसानों को केवल डीएपी पर निर्भर रहने के बजाय कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए।
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जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस मशीन से ही बिक्री करने, किसानों का पूरा विवरण दर्ज करने और निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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किसानों से अपील की गई है कि वे घबराकर अनावश्यक खरीदारी न करें और जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें।
जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय ने बृहस्पतिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि धान की रोपाई को देखते हुए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के यहां पर्याप्त स्टॉक है और किसी भी किसान को उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसानों से खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री अथवा सहकारी समिति की सदस्यता पासबुक के आधार पर ही उर्वरक खरीदने की अपील की गई है।
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उन्होंने बताया कि एनपीके, टीएसपी और एसएसपी जैसे फास्फेटिक उर्वरकों का भी उपयोग फसल के लिए लाभकारी है। इन उर्वरकों में फाॅस्फोरस और सल्फर जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो पौधों की जड़ों के विकास और बेहतर विकास में सहायक हैं। किसानों को केवल डीएपी पर निर्भर रहने के बजाय कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए।
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जिला कृषि अधिकारी ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस मशीन से ही बिक्री करने, किसानों का पूरा विवरण दर्ज करने और निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।