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सैलाब के बाद अब बदइंतजामी और संवेदनहीनता की बाढ़

Sun, 31 Jul 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sun, 31 Jul 2016 10:45 PM IST
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After the flood inundation Bdintjami and senselessly
परसा क्षेत्र के ग्राम सभा तौलिहवा में प्रदर्शन करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
परसा। बानगंगा और बूढ़ी राप्ती का सैलाब थमने के बाद अब प्रभावित गांवों में सरकारी तंत्र की बदइंतजामी और संवेदनहीनता की बाढ़ नजर आने लगी है। राहत सामग्री वितरण के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ाते अफसरों की पोल खुल रही है। आलम यह है कि छह दिनों से टापू बने गांवों में अब तक राहत के नाम पर एक धेला तक नहीं पहुंच पाया है। ग्राम प्रधान और गांव के ही साधन संपन्न लोगों की कृपा पर ग्रामीण जीवन बचाने की जंग लड़ रहे हैं। इन ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष खुल कर सामने आ रहा है।
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शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र का तौलिहवां ग्राम सभा बूढ़ी राप्ती के कहर से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला गांव है। सोमवार की रात जलस्तर में वृद्धि के साथ इस गांव के कचरिहवा, बालानगर, फुलवरिया, प्रतापपुर गांव मेरुंड हो गए थे। छह दिनों बाद भी यह स्थिति बनी हुई है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब गांव से जुड़े मार्गों पर कमर से ऊपर तक पानी था और अब घुटने तक पानी है।
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संपर्क से कटे इस गांव में आवागमन के लिए नाव भी उपलब्ध नहीं थी। करीब डेढ़ हजार की आबादी वाले इन टोलों में प्रशासन की ओर से न तो राहत सामग्री पहुंचाई गई है और न ही स्वास्थ्य टीम। अलबत्ता लेखपाल रामहेत चौधरी जरूर दो बार गांव का दौरा कर चुके हैं। रविवार को भी घुटने भर पानी से होकर गांव पहुंचे थे। प्रभावित लोगों की सूची तैयार कर रहे थे। राहत सामग्री के सवाल पर कहना था कि हम तहसीलदार या एसडीएम तो हैं नहीं, पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे चुके हैं।
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अब इससे ज्यादा क्या बताएं। ग्राम प्रधान पति चौधरी नेसार अहमद का कहना था कि सोमवार की रात से ही गांव के हालात से प्रशासन को अवगत कराते आ रहे हैं। जहां तक संभव है, मदद कर रहे हैं, इससे ज्यादा क्या करें। ग्रामीणों ने भी प्रधान से मिल रही मदद को स्वीकार किया। गांव के झगरु, दयाराम, राजाराम, राधेश्याम, लक्ष्मण, बेलास, सुनील, संतराम, अनारकली, मीरा, झिंकी, गगनी, रामरती, सोनमति, संगीता, किसलवती, विपता, सुमिरता, गायत्री, मीना, पप्पू आदि का कहना था कि थोड़ा-बहुत सामग्री था, जिससे काम चला। गांव के लोग आपस में एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं।

प्रधान की ओर से खाना दिया गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कुछ भी नहीं मिला। ग्रामीणों में जिम्मेदारों के प्रति कड़ा रोष रहा। नारेबाजी कर ग्रामीणों ने इसे जाहिर भी किया। तहसीलदार मंजूर अहमद अंसारी ने बताया कि तौलिहवां ग्राम सभा के चारों टोलों की स्थिति से स्वास्थ्य विभाग को अवगत करा दिया गया है। गांव में स्वास्थ्य टीम पहुंच रही होगी। राहत सामग्री वितरण के बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है। एसडीएम इस बारे में जानकारी दे सकेंगे।
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