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Siddharthnagar News: हापुड़ बार एसोसिएशन के समर्थन में अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हापुड़ की घटना के विरोध में सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन, जिला बार एसोसिएशन, तहसील बार एसोसिएशन एवं टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ता 24 वें दिन भी न्यायिक कार्य से विरत रहे। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। अधिवक्ताओं ने कहा कि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे। आंदोलन के कारण किसी भी न्यायालय एवं अधिकरण में न्यायिक कार्य का संपादन नहीं हुआ, जिससे वादकारियों को निराश लौटना पड़ा।
महामंत्री सिद्धनाथ पांडेय ने बताया कि सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक हुई। हापुड़ बार एसोसिएशन द्वारा मांगे गए समर्थन में सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सरकार अधिवक्ताओं की मांग पूरी करने में हीला हवाली करते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही है। सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण है। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने के लिए समिति तो गठित हुई, लेकिन कब तक लागू होगा यह स्पष्ट नहीं है। डीएम को सौंपे गए राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन में मांग की गई कि हापुड़ की घटना में घायल अधिवक्ताओं को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता धनराशि तत्काल दिलाई जाए, एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल के लिए गठित समिति अपनी रिपोर्ट/ड्राफ्ट जल्द पेश करे, हापुड़ घटना में अधिवक्तागण पर दर्ज मुकदमे व आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे सरकार तत्काल वापस लें, हापुड़ के जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को हटाकर उन्हें आजीवन जिला प्रभार देने से अयोग्य घोषित किया जाए।
अध्यक्ष एवं महामंत्री ने कहा यदि उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल हम लोगों की मांग पर कार्रवाई नहीं की तो सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान अधिवक्ता देवेंद्र मणि त्रिपाठी, राजेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, मिथिलेश मिश्र, हरिहर पाठक, विपेंद्र पांडेय उपस्थित रहे।
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सिद्धार्थनगर। हापुड़ की घटना के विरोध में सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन, जिला बार एसोसिएशन, तहसील बार एसोसिएशन एवं टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ता 24 वें दिन भी न्यायिक कार्य से विरत रहे। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। अधिवक्ताओं ने कहा कि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वृहद आंदोलन को बाध्य होंगे। आंदोलन के कारण किसी भी न्यायालय एवं अधिकरण में न्यायिक कार्य का संपादन नहीं हुआ, जिससे वादकारियों को निराश लौटना पड़ा।
महामंत्री सिद्धनाथ पांडेय ने बताया कि सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक हुई। हापुड़ बार एसोसिएशन द्वारा मांगे गए समर्थन में सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सरकार अधिवक्ताओं की मांग पूरी करने में हीला हवाली करते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही है। सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण है। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने के लिए समिति तो गठित हुई, लेकिन कब तक लागू होगा यह स्पष्ट नहीं है। डीएम को सौंपे गए राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन में मांग की गई कि हापुड़ की घटना में घायल अधिवक्ताओं को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता धनराशि तत्काल दिलाई जाए, एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल के लिए गठित समिति अपनी रिपोर्ट/ड्राफ्ट जल्द पेश करे, हापुड़ घटना में अधिवक्तागण पर दर्ज मुकदमे व आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे सरकार तत्काल वापस लें, हापुड़ के जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को हटाकर उन्हें आजीवन जिला प्रभार देने से अयोग्य घोषित किया जाए।
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अध्यक्ष एवं महामंत्री ने कहा यदि उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल हम लोगों की मांग पर कार्रवाई नहीं की तो सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान अधिवक्ता देवेंद्र मणि त्रिपाठी, राजेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, मिथिलेश मिश्र, हरिहर पाठक, विपेंद्र पांडेय उपस्थित रहे।
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