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Siddharthnagar News: गलत जाति प्रमाणपत्र खारिज कराए प्रशासन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डाॅ. भीमराव आंबेडकर अनुसूचित जाति व जनजाति उत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष राधाचरण ने गलत तरीके से जारी जाति प्रमाणपत्र खारिज करने की मांग की है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कहार गोंड व कहार धुरिया जाति के लोगों का निर्गत अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि सिद्धार्थनगर जिले में जो जातिया कहार गोंड व कहार धुरिया के लोग निवास करते हैं। वे वास्तविक रूप में गोंड अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के तहत नहीं आते हैं, बल्कि ये जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग में अधिसूचित है। उन्होंने कहा कि यह जाति अपनी जाति छिपाकर कूट रचना कर अभिलेखीय दस्तावेज में अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी नौकरी में लाभ ले रहे है। जो इन सभी जातियों के द्वारा संवैधानिक नियमों के विरुद्ध कृत्य किया जा रहा है। ऐसे यहां के निवासरत ऐसे जातियों को निर्गत गोंड धुरिया अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र चाहे वह ऑफलाइन हो या ऑनलाइन हो उसका सत्यापन समिति के समझ कराकर जब्त कर विधिक कार्रवाई की जाए, जिससे प्रदेश के निवासरत वास्तविक अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के हितों की रक्षा हो सकें।
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सिद्धार्थनगर। डाॅ. भीमराव आंबेडकर अनुसूचित जाति व जनजाति उत्थान सेवा समिति के अध्यक्ष राधाचरण ने गलत तरीके से जारी जाति प्रमाणपत्र खारिज करने की मांग की है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कहार गोंड व कहार धुरिया जाति के लोगों का निर्गत अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि सिद्धार्थनगर जिले में जो जातिया कहार गोंड व कहार धुरिया के लोग निवास करते हैं। वे वास्तविक रूप में गोंड अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के तहत नहीं आते हैं, बल्कि ये जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग में अधिसूचित है। उन्होंने कहा कि यह जाति अपनी जाति छिपाकर कूट रचना कर अभिलेखीय दस्तावेज में अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी नौकरी में लाभ ले रहे है। जो इन सभी जातियों के द्वारा संवैधानिक नियमों के विरुद्ध कृत्य किया जा रहा है। ऐसे यहां के निवासरत ऐसे जातियों को निर्गत गोंड धुरिया अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र चाहे वह ऑफलाइन हो या ऑनलाइन हो उसका सत्यापन समिति के समझ कराकर जब्त कर विधिक कार्रवाई की जाए, जिससे प्रदेश के निवासरत वास्तविक अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के हितों की रक्षा हो सकें।
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