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किसानों को थमा दिया पुरानी तिथि का चेक
Siddhartha nagar
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
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ककरहवा। इंडो नेपाल बॉर्डर रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के नाम पर किसानों को बैकडेट का चेक थमा दिया गया। इस कारण चेक बैंक तक पहुंचने पर बाउंस हो जा रहा है। जिससे किसानों को दूसरा चेक लेने के लिए लोक निर्माण विभाग का चक्कर काटना पड़ रहा है।
बता दें कि इंडो नेपाल बॉर्डर पर बन रही सड़क के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। भू अधिग्रहण के समय रजिस्ट्री के दौरान मुआवजे का चेक देने का प्रावधान है। लेकिन किसानों को लोक निर्माण विभाग इंडो नेपाल खंड के द्वारा पुरानी तिथि का चेक दिया जा रहा है। यह चेक बैंक तक पहुंचते-पहुंचते चेक बाउंस हो जा रहा है। पुरानी तिथि के चेक को बैंक किसानों को तीन माह बाद वापस कर दे रहा है। ऐसे में किसानों को लोक निर्माण विभाग का चक्कर लगाकर परेशान होना पड़ रहा है। इसको लेकर विभाग जरा भी संजीदा नही दिख रहा है। ग्राम बर्डपुर नंबर चार के किसान तुलसीराम का कहना है कि मैंने अपना बैनामा आठ अक्टूबर को लोक निर्माण विभाग जूनियर इंजीनियर लाल साहब के नाम से किया था। लेकिन विभाग के द्वारा जो हमको चेक मिला वह 10 जुलाई को ही जारी किया गया था। जिसके कारण बैंक से हमको वापस कर दिया गया। जिसको लेकर मैं चार बार विभाग का चक्कर लगा चूका हूं लेकिन समस्या का समाधान होता नही दिख रहा है। इसकी जगह दूसरा चेक नही मिल पा रहा है। इसी तरह ग्राम बूड़ा के प्रमात्मा, महावली, बनारसी,योगेंद्र नाथ , चर्तुभुजी आदि 11 किसानों ने लोक निर्माण विभाग को अपनी जमीन बैनामा कर चुके हैं। लेकिन इनको भी पुरानी तरीख में चेक जारी किया गया है, जो इनके लिए मुसीबत बना हुआ है। इस पर विभाग के ऊपर प्रश्न यह उठता है आखिर विभाग इनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रही है। इसे लेकर किसानों में काफी नाराजगी है। इस संबंध में इंडो नेपाल सीमा सड़क पीडब्लूडी विभाग के जूनियर इंजीनियर हरीश त्रिपाठी का कहना है कि यदि किसानों को चेक बाउंस हो गया है तो उन्हें 27 अक्टूबर के बाद दूसरा चेक दे दिया जाऐगा। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वहीं बैक डेट का चेक देने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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बता दें कि इंडो नेपाल बॉर्डर पर बन रही सड़क के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। भू अधिग्रहण के समय रजिस्ट्री के दौरान मुआवजे का चेक देने का प्रावधान है। लेकिन किसानों को लोक निर्माण विभाग इंडो नेपाल खंड के द्वारा पुरानी तिथि का चेक दिया जा रहा है। यह चेक बैंक तक पहुंचते-पहुंचते चेक बाउंस हो जा रहा है। पुरानी तिथि के चेक को बैंक किसानों को तीन माह बाद वापस कर दे रहा है। ऐसे में किसानों को लोक निर्माण विभाग का चक्कर लगाकर परेशान होना पड़ रहा है। इसको लेकर विभाग जरा भी संजीदा नही दिख रहा है। ग्राम बर्डपुर नंबर चार के किसान तुलसीराम का कहना है कि मैंने अपना बैनामा आठ अक्टूबर को लोक निर्माण विभाग जूनियर इंजीनियर लाल साहब के नाम से किया था। लेकिन विभाग के द्वारा जो हमको चेक मिला वह 10 जुलाई को ही जारी किया गया था। जिसके कारण बैंक से हमको वापस कर दिया गया। जिसको लेकर मैं चार बार विभाग का चक्कर लगा चूका हूं लेकिन समस्या का समाधान होता नही दिख रहा है। इसकी जगह दूसरा चेक नही मिल पा रहा है। इसी तरह ग्राम बूड़ा के प्रमात्मा, महावली, बनारसी,योगेंद्र नाथ , चर्तुभुजी आदि 11 किसानों ने लोक निर्माण विभाग को अपनी जमीन बैनामा कर चुके हैं। लेकिन इनको भी पुरानी तरीख में चेक जारी किया गया है, जो इनके लिए मुसीबत बना हुआ है। इस पर विभाग के ऊपर प्रश्न यह उठता है आखिर विभाग इनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रही है। इसे लेकर किसानों में काफी नाराजगी है। इस संबंध में इंडो नेपाल सीमा सड़क पीडब्लूडी विभाग के जूनियर इंजीनियर हरीश त्रिपाठी का कहना है कि यदि किसानों को चेक बाउंस हो गया है तो उन्हें 27 अक्टूबर के बाद दूसरा चेक दे दिया जाऐगा। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वहीं बैक डेट का चेक देने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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