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प्राइवेट अस्पताल में नहीं ले गया तो रातभर नहीं किया मरीज का इलाज
Wed, 08 May 2019 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabir Nagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2019 01:11 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर पर मरीज ने प्राइवेट अस्पताल मेें भेजने का दबाव बनाने और न ले जाने पर इलाज न करने का आरोप लगाया है। मामले में सीएमएस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
सीएमएस को दिए गए शिकायती पत्र में कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के सिरसिहवां बर्डपुर नंबर सात निवासी राकेश गुप्ता ने कहा है कि छह मई की रात पत्नी के पेट में तेज दर्द होने के कारण एंबुलेंस से जिला अस्पताल में लाया गया था। भर्ती होने के बाद प्रसव कक्ष में एक डॉक्टर को बुलाया गया। तो वह मरीज की हालत को देखकर तत्काल ऑपरेशन के लिए बोले और ऑपरेशन करवाने के लिए स्वयं के हास्पिटल में ले जाने के लिए कहा। जब प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने से इन्कार कर दिया तो मरीज को तत्काल रेफर करने की धमकी देने लगे। मरीज को अस्पताल में न रखने और दवा न होने की बात कही। परिजनों का आरोप है कि मरीज को लेकर रातभर वे इमरजेंसी में फर्श पर लिटाए रहे। वहीं सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि मरीज का इलाज किया गया है। वह संतुष्ट है और दस दिन बाद दोबारा इलाज करने के लिए बुलाया गया है।
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सीएमएस को दिए गए शिकायती पत्र में कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के सिरसिहवां बर्डपुर नंबर सात निवासी राकेश गुप्ता ने कहा है कि छह मई की रात पत्नी के पेट में तेज दर्द होने के कारण एंबुलेंस से जिला अस्पताल में लाया गया था। भर्ती होने के बाद प्रसव कक्ष में एक डॉक्टर को बुलाया गया। तो वह मरीज की हालत को देखकर तत्काल ऑपरेशन के लिए बोले और ऑपरेशन करवाने के लिए स्वयं के हास्पिटल में ले जाने के लिए कहा। जब प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने से इन्कार कर दिया तो मरीज को तत्काल रेफर करने की धमकी देने लगे। मरीज को अस्पताल में न रखने और दवा न होने की बात कही। परिजनों का आरोप है कि मरीज को लेकर रातभर वे इमरजेंसी में फर्श पर लिटाए रहे। वहीं सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि मरीज का इलाज किया गया है। वह संतुष्ट है और दस दिन बाद दोबारा इलाज करने के लिए बुलाया गया है।
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