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लक्ष्य 45641 का, बने 23075 शौचालय
siddharthnagar
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:12 PM IST
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- फोटो : india today
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सिद्धार्थनगर। गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने की मुहिम का जिले में पूर्णरूप से क्रियान्वयन होता नहीं दिख रहा है। कारण कि जिले में शौचालय निर्माण की गति बेहद सुस्त है। वित्तीय सत्र समाप्त होने में एक सप्ताह शेष हैं, मगर लक्ष्य 45641 के सापेक्ष करीब 50 फीसदी शौचालय (23075) ही बन सके हैं। ऐसे में वित्त वर्ष की समाप्ति की तिथि नजदीक आते ही जिम्मेदारों की बेचैनी बढ़ गई है।
स्वस्थ भारत निर्माण के तहत खुले में शौच से मुक्ति के लिए सरकार गांवों में हर घर में शौचालय निर्माण पर जोर दे रही है। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिले में शौचालय निर्माण की गति सुस्त बनी हुई है। वर्ष 2018 तक जिले को पूरी तरह खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
बावजूद इसके लक्ष्य से सापेक्ष करीब 50 फीसदी निर्माण ही हो सका है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो अब तक 23075 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 22819 की विभागीय पोर्टल पर फीडिंग की गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्राथमिकता से यह कार्य पूरा कराने की हिदायत दी गई है। कोशिश है कि तय समय तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाए।इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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स्वस्थ भारत निर्माण के तहत खुले में शौच से मुक्ति के लिए सरकार गांवों में हर घर में शौचालय निर्माण पर जोर दे रही है। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिले में शौचालय निर्माण की गति सुस्त बनी हुई है। वर्ष 2018 तक जिले को पूरी तरह खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
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बावजूद इसके लक्ष्य से सापेक्ष करीब 50 फीसदी निर्माण ही हो सका है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो अब तक 23075 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 22819 की विभागीय पोर्टल पर फीडिंग की गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्राथमिकता से यह कार्य पूरा कराने की हिदायत दी गई है। कोशिश है कि तय समय तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाए।इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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