{"_id":"69c97df763a7bc60ff004619","slug":"88-crore-rupees-received-from-the-government-a-bill-of-15-crore-rupees-passed-at-the-last-moment-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-155767-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: शासन से मिले 88 करोड़... अंतिम समय में 15 करोड़ का बिल पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: शासन से मिले 88 करोड़... अंतिम समय में 15 करोड़ का बिल पास
Mon, 30 Mar 2026 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले जिले में बजट खर्च करने की होड़ तेज हो गई है। रविवार अवकाश के बावजूद कलक्ट्रेट स्थित कोषागार और बैंक खुले रहे। वहीं, कुछ सरकारी कार्यालयों में भी अधिकारी, कर्मचारी कार्य निपटाते देखे गए। कोषागार में रविवार को पीडब्ल्यूडी के 15 करोड़ रुपये समेत अन्य विभागों के बिल पास किए गए। वहीं, शासन ने पीडब्ल्यूडी के 87 करोड़ समेत अन्य विभागों के लिए बजट जारी किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 की विदाई में अब महज दो दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में सरकारी महकमों में बजट को ठिकाने लगाने की होड़ शुरू हो गई है। सरकारी विभागों में बजट का शत-प्रतिशत उपयोग, लंबित फाइलों का निपटारा, निविदाएं जारी करने और खातों का मिलान संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। इनमें कई विभागों में अधिकारी व कर्मचारी आवंटित बजट को 31 मार्च तक खर्च न करने पर हैप्स होने से बचाने के लिए माथापच्ची करते नजर आए। इसके साथ ही वह बैंकिंग और ट्रेजरी में बिल जमा करना और ट्रेजरी द्वारा वाउचर पास करने के कार्य में वह जुटे रहे। इस बीच कई कर्मचारियों के अवकाश भी रद्द कर दिए गए है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रविवार को भी जिला कोषागार कार्यालय खुला रहा, जिसमें दिन भर गहमागहमी रही।
विज्ञापन
वित्त वर्ष 2025-26 की विदाई में अब महज दो दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में सरकारी महकमों में बजट को ठिकाने लगाने की होड़ शुरू हो गई है। सरकारी विभागों में बजट का शत-प्रतिशत उपयोग, लंबित फाइलों का निपटारा, निविदाएं जारी करने और खातों का मिलान संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। इनमें कई विभागों में अधिकारी व कर्मचारी आवंटित बजट को 31 मार्च तक खर्च न करने पर हैप्स होने से बचाने के लिए माथापच्ची करते नजर आए। इसके साथ ही वह बैंकिंग और ट्रेजरी में बिल जमा करना और ट्रेजरी द्वारा वाउचर पास करने के कार्य में वह जुटे रहे। इस बीच कई कर्मचारियों के अवकाश भी रद्द कर दिए गए है।
विज्ञापन
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रविवार को भी जिला कोषागार कार्यालय खुला रहा, जिसमें दिन भर गहमागहमी रही।