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वेतन के लिए नवनियुक्त शिक्षकों ने धरना दिया
Thu, 24 Jan 2019 10:38 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 24 Jan 2019 10:38 PM IST
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बीएसए कार्यालय के बाहर वेतन के लिए धरना देते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। प्राथमिक शिक्षक संघ संयुक्त मोर्चा के बैनर तले गुरुवार को नवनियुक्त 1056 शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए बीएसए कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान वेतन नहीं तो कार्य नहीं का नारा देते हुए कार्य बहिष्कार किया।
जिलाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि नियुक्ति के पांच माह बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा शिक्षकों का वेतन न देना अन्याय पूर्ण है। कई शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इसके पूर्व शपथपत्र लेकर वेतन भुगतान किया गया है। सत्यापन ऑनलाइन आधार पर उपलब्ध होते हुए भी विभागीय हीलाहवाली समझ से परे है। दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि धनउगाही की मंशा के कारण नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन को कार्यालय कर्मी अड़ंगा लगा रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि इसके पूर्व समायोजित शिक्षामित्रों के प्रथम वेतन आदेश के लिए तेरह दिन का धरना दिया गया। फलस्वरूप उसी माह से वेतन मिलने लगा। हम सभी एकजुट प्रयास से वेतन लेकर ही रहेंगे। मंत्री योगेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा कि कार्य के बदले वेतन का नियम हैं, लेकिन विभागीय कर्मियों की संलिप्तता से यह नौबत आई है। धरने को अभय श्रीवास्तव, इंद्रसेन सिंह, उदयभान मिश्रा, सुरेंद्र गुप्ता, अभिनव त्रिपाठी, वेदप्रकाश, अर्पिता, हिमाचल दुबे, अमित पांडेय ने संबोधित किया। इस मौके पर अंकिता सिंह, रंजना सिंह, आंनद त्रिपाठी, प्रवीण कुमार, बरखा गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, पुष्कर, अतुल वर्मा, आलोक शुक्ला, निधि सिंह, प्रीति राय, अजय चौधरी, शैलेश मिश्र, जयंत यादव, महेश मिश्र, सच्चिदानंद गिरि, सुशील पांडेय आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि नियुक्ति के पांच माह बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा शिक्षकों का वेतन न देना अन्याय पूर्ण है। कई शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इसके पूर्व शपथपत्र लेकर वेतन भुगतान किया गया है। सत्यापन ऑनलाइन आधार पर उपलब्ध होते हुए भी विभागीय हीलाहवाली समझ से परे है। दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि धनउगाही की मंशा के कारण नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन को कार्यालय कर्मी अड़ंगा लगा रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि इसके पूर्व समायोजित शिक्षामित्रों के प्रथम वेतन आदेश के लिए तेरह दिन का धरना दिया गया। फलस्वरूप उसी माह से वेतन मिलने लगा। हम सभी एकजुट प्रयास से वेतन लेकर ही रहेंगे। मंत्री योगेंद्र प्रसाद पांडेय ने कहा कि कार्य के बदले वेतन का नियम हैं, लेकिन विभागीय कर्मियों की संलिप्तता से यह नौबत आई है। धरने को अभय श्रीवास्तव, इंद्रसेन सिंह, उदयभान मिश्रा, सुरेंद्र गुप्ता, अभिनव त्रिपाठी, वेदप्रकाश, अर्पिता, हिमाचल दुबे, अमित पांडेय ने संबोधित किया। इस मौके पर अंकिता सिंह, रंजना सिंह, आंनद त्रिपाठी, प्रवीण कुमार, बरखा गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, पुष्कर, अतुल वर्मा, आलोक शुक्ला, निधि सिंह, प्रीति राय, अजय चौधरी, शैलेश मिश्र, जयंत यादव, महेश मिश्र, सच्चिदानंद गिरि, सुशील पांडेय आदि मौजूद रहे।
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