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भोजपुरी गीतों में बढ़ रही अश्लीलता
siddharthnagar
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:00 PM IST
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तृप्ति शाक्या
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। पूर्वांचल भोजपुरी क्षेत्र है। यहां भोजपुरी गीतों के कद्रदान काफी हैं, लेकिन इन गीतों में बढ़ती अश्लीलता शुभ संकेत नहीं देता। यह हमारी संस्कृति के लिए खतरा है। अश्लीलता की वजह से ही विदेश में भोजपुरी गीतों की लोकप्रियता घटती जा रही है। वहां भजन पसंद किया जा रहा है। ये बातें प्रसिद्ध भजन गायिका तृप्ति शाक्या ने बुधवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कहीं।
शाक्या ने कहा कि युवा पीढ़ी की पसंद को देखते हुए भोजपुरी गीतों में अश्लीलता बढ़ रही ही, लेकिन यह समाज के लिए घातक है। इस पर अंकुश जरूरी है। अश्लीलता के कारण ही विदेश में भोजपुरी गीत सुनने वालों की संख्या घट रही है। इटवा में जन्मीं व प्रयागराज में शिक्षा ग्रहण करने वाली तृप्ति ने शास्त्रीय गायन में प्रभाकर की डिग्री हासिल की हैं। इस दौरान उन्होंने पंडित विद्याधर मिश्र, सुश्री गीता बनर्जी, पंडित श्याम लाल, एसके घोष से शिक्षा ली। 10 वर्ष की उम्र में ही गायन में उनकी रुचि बढ़ गई थी। वह लता मंगेशकर व आशा भोंसले को अपना आदर्श मानती हैं।
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शाक्या ने कहा कि युवा पीढ़ी की पसंद को देखते हुए भोजपुरी गीतों में अश्लीलता बढ़ रही ही, लेकिन यह समाज के लिए घातक है। इस पर अंकुश जरूरी है। अश्लीलता के कारण ही विदेश में भोजपुरी गीत सुनने वालों की संख्या घट रही है। इटवा में जन्मीं व प्रयागराज में शिक्षा ग्रहण करने वाली तृप्ति ने शास्त्रीय गायन में प्रभाकर की डिग्री हासिल की हैं। इस दौरान उन्होंने पंडित विद्याधर मिश्र, सुश्री गीता बनर्जी, पंडित श्याम लाल, एसके घोष से शिक्षा ली। 10 वर्ष की उम्र में ही गायन में उनकी रुचि बढ़ गई थी। वह लता मंगेशकर व आशा भोंसले को अपना आदर्श मानती हैं।
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