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ढाई साल बाद भी मनरेगा के 70 कार्य अधूरे
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ढाई साल बाद भी मनरेगा के 70 कार्य अधूरे
- सीडीओ ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अभियंताओं की लापरवाही से मनरेगा के अंतर्गत 70 से अधिक कार्य ढाई साल बाद भी पूरे नहीं हुए हैं। सीडीओ पुलकित गर्ग ने मुख्य अभियंता ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा है।
वर्ष 2019-20 में ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अंतर्गत मनरेगा से 458 कार्य स्वीकृति हुए थे, लेकिन अब तक सभी कार्यों का सत्यापन और कार्य प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया अधूरी है। इस मामले में सीडीओ ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र दिलाने या अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई को पत्र लिखा है।
जानकारी के अनुसार 388 कार्यों की दूसरी किस्त का भुगतान हुआ है, जबकि 70 से अधिक कार्यों की दूसरी किश्त का भुगतान नहीं हुआ है। ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अभियंताओं ने 150 कार्यों की कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र उपायुक्त मनरेगा कार्यालय में जमा किया है, जबकि 238 कार्य का सत्यापन हो गया है। सीडीओ के पत्र लिखने के बाद अधिकारियों ने अवर अभियंताओं के पेंच कसे हैं, लेकिन कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र जमा करने में मुश्किलें आ रही हैं। इस संबंध में ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के ईई रामनाथ सोनकर से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उसने बात होने पर उनका पक्ष प्रकाशित किया जाएगा।
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ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अभियंताओं ने 70 से अधिक कार्यों को ढाई साल बाद भी पूर्ण नहीं किया है। इन कार्यों का सत्यापन और कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस कारण मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जमा कराने या अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
- पुलकित गर्ग, सीडीओ
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- सीडीओ ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अभियंताओं की लापरवाही से मनरेगा के अंतर्गत 70 से अधिक कार्य ढाई साल बाद भी पूरे नहीं हुए हैं। सीडीओ पुलकित गर्ग ने मुख्य अभियंता ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा है।
वर्ष 2019-20 में ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अंतर्गत मनरेगा से 458 कार्य स्वीकृति हुए थे, लेकिन अब तक सभी कार्यों का सत्यापन और कार्य प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया अधूरी है। इस मामले में सीडीओ ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र दिलाने या अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई को पत्र लिखा है।
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जानकारी के अनुसार 388 कार्यों की दूसरी किस्त का भुगतान हुआ है, जबकि 70 से अधिक कार्यों की दूसरी किश्त का भुगतान नहीं हुआ है। ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अभियंताओं ने 150 कार्यों की कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र उपायुक्त मनरेगा कार्यालय में जमा किया है, जबकि 238 कार्य का सत्यापन हो गया है। सीडीओ के पत्र लिखने के बाद अधिकारियों ने अवर अभियंताओं के पेंच कसे हैं, लेकिन कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र जमा करने में मुश्किलें आ रही हैं। इस संबंध में ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के ईई रामनाथ सोनकर से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उसने बात होने पर उनका पक्ष प्रकाशित किया जाएगा।
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ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा के अभियंताओं ने 70 से अधिक कार्यों को ढाई साल बाद भी पूर्ण नहीं किया है। इन कार्यों का सत्यापन और कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस कारण मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जमा कराने या अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है।
- पुलकित गर्ग, सीडीओ