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कोरोना से मृत शिक्षकों के आश्रितों को मिले 50 लाख मुआवजा
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कोरोना से मृत शिक्षकों के आश्रितों को मिले 50 लाख मुआवजा
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षक संघ ने शहर के साड़ी तिराहे पर सिद्धार्थ प्रतिमा के पास मौन व्रत रखकर शिक्षकों की समस्याओं के निदान की मांग की। उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे पत्रक में कोरोना से मृत शिक्षकों के आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
व्रत शुरू करने के पूर्व उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गुलाब चंद्र मौर्य ने कहा कि कोरोना से मृत शिक्षकों और कर्मचारियों के अश्रितों को राहत राशि अन्य कर्मियों की तरह दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक एवं कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 को वापस लिया जाए।
वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कोरोना संबंधी कर्मियों को मिलने वाली सुविधाएं दी जाए। नौ मार्च 2019 को सरकार के साथ वार्ता में हुई सहमति के बिंदुओं को लागू किया जाए। साथ स्थानांतरण की ऑनलाइन प्रक्रिया में संशोधन किया जाए। इस दौरान रामनिवास चौधरी, दीपनरायन सिंह, अहमद फरीद अब्बास, भूपेंद्र त्रिपाठी, जयप्रकाश, अरविंद कुमार, जुगुल किशोर, उमेश मौर्य और अमरेंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षक संघ ने शहर के साड़ी तिराहे पर सिद्धार्थ प्रतिमा के पास मौन व्रत रखकर शिक्षकों की समस्याओं के निदान की मांग की। उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे पत्रक में कोरोना से मृत शिक्षकों के आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
व्रत शुरू करने के पूर्व उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गुलाब चंद्र मौर्य ने कहा कि कोरोना से मृत शिक्षकों और कर्मचारियों के अश्रितों को राहत राशि अन्य कर्मियों की तरह दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक एवं कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 को वापस लिया जाए।
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वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कोरोना संबंधी कर्मियों को मिलने वाली सुविधाएं दी जाए। नौ मार्च 2019 को सरकार के साथ वार्ता में हुई सहमति के बिंदुओं को लागू किया जाए। साथ स्थानांतरण की ऑनलाइन प्रक्रिया में संशोधन किया जाए। इस दौरान रामनिवास चौधरी, दीपनरायन सिंह, अहमद फरीद अब्बास, भूपेंद्र त्रिपाठी, जयप्रकाश, अरविंद कुमार, जुगुल किशोर, उमेश मौर्य और अमरेंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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