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बारिश से बढ़ी ठंड, फसलों को मिली संजीवनी
Mon, 07 Jan 2019 10:37 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 07 Jan 2019 10:37 PM IST
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बारिश
- फोटो : amar ujala
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सिद्धार्थनगर। रविवार देर शाम से बदला मौसम सोमवार को बारिश लेकर आया। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं दूसरी, बारिश और ओले गिरने से गलन बढ़ी और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पूर्वाह्न 11 बजे तक बारिश होने के बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे।
बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए सोमवार का दिन खुशियां लेकर आया। नए साल में पहली बार रविवार की शाम व सोमवार की सुबह से ही जिले के विभिन्न हिस्सों में कहीं बूंदाबांदी और कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। इससे बारिश होने के बाद जहां ठंड लोगों को ठंड का एहसास होने लगा। जिले के डुमरियागंज, बांसी व शोहरतगढ़, नौगढ़ में अधिक बूंदाबांदी हुई। जोगिया क्षेत्र में सोमवार सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे ओले भी पड़े। हालांकि आकार छोटा होने से उससे फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र तेनुई गांव निवासी किसान इंद्रप्रकाश पांडेय, बिजवार बढ़ई गांव निवासी किसान विजय नरायण मिश्र, शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के किसान ध्रुव नरायण उपाध्याय और राजू मिश्र, बांसी तहसील क्षेत्र के पटखौली गांव निवासी किसान तौलन, पिपरहिया गांव निवासी किसान महंगी लाल ने बताया कि बारिश से फसल को काफी लाभ हुआ है। जिन खेतों की सिंचाई हो चुकी थी, उन्हें भी लाभ हुआ है। जिन खेतों की सिंचाई नहीं हुई है उन्हें भी लाभ हुआ है। यह फसल के लिए संजीवनी से कम नहीं है। अगर थोड़ा और बारिश हुई होती तो जिन किसानों की अभी तक सिंचाई नहीं हुई है, उन्हें सिंचाई नहीं करना पड़ता। जो भी हो यह बारिश बहुत ही लाभकारी है।
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नाइट्रोजन की बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके मिश्र ने कहा कि यह बारिश सभी फसलों के लिए बहुत ही लाभकारी है। आसमान में जमा नाइट्रोजन इस बारिश से खेतों में गिर आई। इसे अगर नाइट्रोजन की बारिश कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। बारिश का असर किसानों को तीन दिन बाद देखने को मिलेगा।
इन फसलों को हुआ फायदा
कृषि वैज्ञानिकों के बारिश से गेहूं, मटर, सरसों, चना, मसूर व अन्य तिलहन की फसलों को लाभ हुआ है। जहां अधिक बारिश हुई होगी। वहां तैयार हो चुके आलू की फसल को थोड़ा नुकसान होगा। मगर यहां आलू पर भी बारिश को कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ा है।
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बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए सोमवार का दिन खुशियां लेकर आया। नए साल में पहली बार रविवार की शाम व सोमवार की सुबह से ही जिले के विभिन्न हिस्सों में कहीं बूंदाबांदी और कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। इससे बारिश होने के बाद जहां ठंड लोगों को ठंड का एहसास होने लगा। जिले के डुमरियागंज, बांसी व शोहरतगढ़, नौगढ़ में अधिक बूंदाबांदी हुई। जोगिया क्षेत्र में सोमवार सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे ओले भी पड़े। हालांकि आकार छोटा होने से उससे फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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डुमरियागंज तहसील क्षेत्र तेनुई गांव निवासी किसान इंद्रप्रकाश पांडेय, बिजवार बढ़ई गांव निवासी किसान विजय नरायण मिश्र, शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के किसान ध्रुव नरायण उपाध्याय और राजू मिश्र, बांसी तहसील क्षेत्र के पटखौली गांव निवासी किसान तौलन, पिपरहिया गांव निवासी किसान महंगी लाल ने बताया कि बारिश से फसल को काफी लाभ हुआ है। जिन खेतों की सिंचाई हो चुकी थी, उन्हें भी लाभ हुआ है। जिन खेतों की सिंचाई नहीं हुई है उन्हें भी लाभ हुआ है। यह फसल के लिए संजीवनी से कम नहीं है। अगर थोड़ा और बारिश हुई होती तो जिन किसानों की अभी तक सिंचाई नहीं हुई है, उन्हें सिंचाई नहीं करना पड़ता। जो भी हो यह बारिश बहुत ही लाभकारी है।
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नाइट्रोजन की बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरके मिश्र ने कहा कि यह बारिश सभी फसलों के लिए बहुत ही लाभकारी है। आसमान में जमा नाइट्रोजन इस बारिश से खेतों में गिर आई। इसे अगर नाइट्रोजन की बारिश कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। बारिश का असर किसानों को तीन दिन बाद देखने को मिलेगा।
इन फसलों को हुआ फायदा
कृषि वैज्ञानिकों के बारिश से गेहूं, मटर, सरसों, चना, मसूर व अन्य तिलहन की फसलों को लाभ हुआ है। जहां अधिक बारिश हुई होगी। वहां तैयार हो चुके आलू की फसल को थोड़ा नुकसान होगा। मगर यहां आलू पर भी बारिश को कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ा है।