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52 क्रय केंद्रों पर खरीद होगा 44400 मीट्रिक टन धान
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:32 PM IST
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धान
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सिद्धार्थनगर। जिले में धान खरीद के लिए लक्ष्य तय हो चुका है। इस बार 44400 मीट्रिक टन धान की खरीद होगी। धान खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं के 52 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। एक नवंबर से जिले में धान की खरीद शुरू होगी। ऑनलाइन पंजीयन कराने वाले ही किसान अपनी उपज बेच सकेंगे। लक्ष्य मिलने और क्रय केंद्र बनने के बाद खरीद को लेकर विभागीय जिम्मेदारों ने तैयारी शुरू कर कर दी।
योगी सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए बार-बार दावे कर रही है। धान खरीद व्यवस्था पारदर्शी हो और किसान आसानी से अपनी उपज को सही जगह बेच सके, लिहाजा खरीद व्यवस्था की मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई। एक नवंबर से होने वाली धान खरीद को लेकर विभागीय कार्य तेज कर दिया गया है।
इन क्रय केंद्रों में मीट्रिक टन में लक्ष्य
संस्था लक्ष्य
खाद्य विभाग 15400 मीट्रिक टन
पीसीएफ 19000 मीट्रिक टन
कर्मचारी कल्याण निगम 3500 मीट्रिक टन
यूपी एग्रो 500 मीट्रिक टन
नेफेड 400 मीट्रिक टन
एफसीआई 1600 मीट्रिक टन
राजस्व ग्राम के लिए निर्धारित होगा क्रय केंद्र
खरीद व्यवस्था में दिक्कत न आने पाए, लिहाजा राजस्व गांवों को इस बार अलग कर दिया गया है। इन गांव के किसानों के लिए अलग से क्रय केंद्र चिह्नित किया जाएगा, जो क्रय केंद्र राजस्व गांव के लिए नामित होगा। वहां के किसान उसी क्रय केंद्र पर अपनी उपज बेच सकेंगे। अन्य क्रय केंद्रों पर वह अपनी उपज नहीं बेच सकेंगे। सरकार की मंशा है कि केंद्रों पर भीड़ न बढ़ने पाए।
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लघु एवं सीमांत किसानों को अलग दिन होगी खरीद
विभाग की माने इस बार खरीद नीति में एक और बदलाव किया गया है। इसमें लघु श्रेणी वाले वह किसान जिनका रकबा दो से तीन हेक्टेयर अधिक होगा। वह मंगलवार व शुक्रवार को बेच सकेंगे। इसके अलावा सीमांत श्रेणी के किसान जिनका रकबा एक से दो हेक्टेयर तक है। वह किसान भी मंगलवार व शुक्रवार को अपनी उपज बेच सकेंगे।
पंजीयन कराने वाले किसान ही बेच सकेंगे धान
धान बेचने के लिए किसानों कृषि विभाग के पोर्टल पर अपना ऑनलाइन आवेदन कराना होगा। आवेदन नहीं करने वाले किसान धान नहीं बेच पाएंगे। इसलिए धान बेचने वाले किसान जल्द से जल्द पंजीयन करा लें।
बढ़ा ढुलाई व सफाई का रेट
इस बार सरकार ने धान खरीद में किसानों ढुलाई व सफाई करने के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त राशि को बढ़ा दिया गया है। इस बार 15 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
बोले जिम्मेदार
धान खरीद का जिले का लक्ष्य मिल गया है। क्रय केंद्र का निर्धारण भी हो चुका है। एक नवंबर से होने वाली धान खरीद को लेकर तैयारी चल रही है। खरीद पूरी पारदर्शिता से होगी।
-संजय कुमार पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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योगी सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए बार-बार दावे कर रही है। धान खरीद व्यवस्था पारदर्शी हो और किसान आसानी से अपनी उपज को सही जगह बेच सके, लिहाजा खरीद व्यवस्था की मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई। एक नवंबर से होने वाली धान खरीद को लेकर विभागीय कार्य तेज कर दिया गया है।
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इन क्रय केंद्रों में मीट्रिक टन में लक्ष्य
संस्था लक्ष्य
खाद्य विभाग 15400 मीट्रिक टन
पीसीएफ 19000 मीट्रिक टन
कर्मचारी कल्याण निगम 3500 मीट्रिक टन
यूपी एग्रो 500 मीट्रिक टन
नेफेड 400 मीट्रिक टन
एफसीआई 1600 मीट्रिक टन
राजस्व ग्राम के लिए निर्धारित होगा क्रय केंद्र
खरीद व्यवस्था में दिक्कत न आने पाए, लिहाजा राजस्व गांवों को इस बार अलग कर दिया गया है। इन गांव के किसानों के लिए अलग से क्रय केंद्र चिह्नित किया जाएगा, जो क्रय केंद्र राजस्व गांव के लिए नामित होगा। वहां के किसान उसी क्रय केंद्र पर अपनी उपज बेच सकेंगे। अन्य क्रय केंद्रों पर वह अपनी उपज नहीं बेच सकेंगे। सरकार की मंशा है कि केंद्रों पर भीड़ न बढ़ने पाए।
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लघु एवं सीमांत किसानों को अलग दिन होगी खरीद
विभाग की माने इस बार खरीद नीति में एक और बदलाव किया गया है। इसमें लघु श्रेणी वाले वह किसान जिनका रकबा दो से तीन हेक्टेयर अधिक होगा। वह मंगलवार व शुक्रवार को बेच सकेंगे। इसके अलावा सीमांत श्रेणी के किसान जिनका रकबा एक से दो हेक्टेयर तक है। वह किसान भी मंगलवार व शुक्रवार को अपनी उपज बेच सकेंगे।
पंजीयन कराने वाले किसान ही बेच सकेंगे धान
धान बेचने के लिए किसानों कृषि विभाग के पोर्टल पर अपना ऑनलाइन आवेदन कराना होगा। आवेदन नहीं करने वाले किसान धान नहीं बेच पाएंगे। इसलिए धान बेचने वाले किसान जल्द से जल्द पंजीयन करा लें।
बढ़ा ढुलाई व सफाई का रेट
इस बार सरकार ने धान खरीद में किसानों ढुलाई व सफाई करने के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त राशि को बढ़ा दिया गया है। इस बार 15 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
बोले जिम्मेदार
धान खरीद का जिले का लक्ष्य मिल गया है। क्रय केंद्र का निर्धारण भी हो चुका है। एक नवंबर से होने वाली धान खरीद को लेकर तैयारी चल रही है। खरीद पूरी पारदर्शिता से होगी।
-संजय कुमार पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी