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बच्चों का डीएम की पत्नी ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
Updated Mon, 28 Aug 2017 10:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। तीखी धूप और उमस भरी गर्मी से संक्रामक रोग ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। इन बीमारियों की चपेट में सबसे अधिक बच्चे आ रहे हैं। उनमें भी अधिकांश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से हैं। सोमवार को डीएम की पत्नी अंकिता सहाय ने अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में पहुंचकर सेवाएं दीं। बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और परामर्श दिया।
डीएम कुणाल सिल्कू की पत्नी अंकिता सहाय पेशे से चिकित्सक हैं। बाढ़ आपदा से जूझते जिले में राहत कार्य के लिए खुद डीएम शिद्दत से लगे हुए हैं तो इस कार्य में उनकी पत्नी भी आगे आई हैं। इन दिनों वह जिला अस्पताल में पहुंचकर सेवाएं दे रही हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.संजय चौधरी के साथ बच्चों का उपचार कर रही हैं। सोमवार को भी वह नौ बजे जिला अस्पताल पहुंच गईं। दोनों चिकित्सकों ने मिलकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया व दवाएं लिखीं। डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि बच्चों में वायरल फीवर का प्रकोप अधिक है। बाढ़ के कारण संक्रामक बीमारी बढ़ी है। प्रतिदिन दो सौ से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं लिखी जा रही हैं।
बाढ़ का पानी घटा तो अस्पताल मरीजों से पटा
सिद्धार्थनगर। बाढ़ का पानी घटने के बाद लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ लगी थी। अस्पताल में बैठने तक की जगह नहीं थी। जहां-तहां लोग खड़े होकर अपनी बारी का इंताजार करते हुए देखे गए। अन्य दिनों में जहां प्रतिदिन पांच सौ मरीज पहुंचते थे, वहीं सोमवार को संख्या एक हजार के पार थी जिनमें अधिकांश बुखार से ग्रसित मरीज रहे।
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डीएम कुणाल सिल्कू की पत्नी अंकिता सहाय पेशे से चिकित्सक हैं। बाढ़ आपदा से जूझते जिले में राहत कार्य के लिए खुद डीएम शिद्दत से लगे हुए हैं तो इस कार्य में उनकी पत्नी भी आगे आई हैं। इन दिनों वह जिला अस्पताल में पहुंचकर सेवाएं दे रही हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.संजय चौधरी के साथ बच्चों का उपचार कर रही हैं। सोमवार को भी वह नौ बजे जिला अस्पताल पहुंच गईं। दोनों चिकित्सकों ने मिलकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया व दवाएं लिखीं। डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि बच्चों में वायरल फीवर का प्रकोप अधिक है। बाढ़ के कारण संक्रामक बीमारी बढ़ी है। प्रतिदिन दो सौ से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं लिखी जा रही हैं।
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बाढ़ का पानी घटा तो अस्पताल मरीजों से पटा
सिद्धार्थनगर। बाढ़ का पानी घटने के बाद लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ लगी थी। अस्पताल में बैठने तक की जगह नहीं थी। जहां-तहां लोग खड़े होकर अपनी बारी का इंताजार करते हुए देखे गए। अन्य दिनों में जहां प्रतिदिन पांच सौ मरीज पहुंचते थे, वहीं सोमवार को संख्या एक हजार के पार थी जिनमें अधिकांश बुखार से ग्रसित मरीज रहे।
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