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मुआवजे लिए खुनुवां बाईपास मार्ग पर चक्का जाम
Sun, 03 Mar 2019 10:39 PM IST
brijesh kumar
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: brijesh kumar
Updated Sun, 03 Mar 2019 10:39 PM IST
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के खुनुवा बाईपास सड़क को ग्रामीणों ने जाम किया।
- फोटो : अमर उजाला
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शोहरतगढ़। मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने रविवार को खुनुवां बाईपास मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के तहत चल रहे कार्य को रोकवाने के बाद करीब चार घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के एई के आश्वासन के बाद किसान हटे।
धरने में काश्तकार सोनू निगम ने कहा कि करीब 40 वर्ष पूर्व वर्ष 1978-79 में लोक निर्माण विभाग बस्ती की ओर से किसानों के जमीन को बिना रजिस्ट्री कराएं एवं कोई मुआवजा दिए बगैर भ्रम में रखकर बलपूर्वक शोहरतगढ़-खुनुवां बाईपास सड़क का निर्माण करवा दिया गया। 4 अप्रैल 2017 को सीएम व डिप्टी सीएम ने डीएम को सार्थक परिणाम दिलाने के लिए अवगत कराने को कहा गया एवं राज्यपाल के निर्देश के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन व लोक निर्माण विभाग ने किसानों और न ही संबंधित किसी को कार्रवाई से अवगत कराया। कुछ माह पूर्व शोहरतगढ़-खुनुवां बाईपास सड़क के चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास होने के बाद किसानों ने जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान तहसीलदार अरविंद कुमार ने सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के पहले ही विभाग से मुआवजा दिलवाने की बात कही थी। जो बेबुनियाद निकली।
खुनुवां बाईपास मार्ग पर धरने में करीब दो घंटे बाद पहुंचे एसओ अवधेशराज सिंह ने मामले की सूचना तहसील प्रशासन को दी। तहसीलदार अरविंद कुमार धरने में पहुंच कर आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद भी बात नहीं बनी। इस दौरान पीडब्ल्यूडी एई ओमप्रकाश गौतम ने मंगलवार तक तहसील प्रशासन को अपनी कार्रवाई अवगत कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान हियुवा नेता सुभाष गुप्ता, पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई सुधीर कुमार, उमेश चौधरी, संजय, राजेश, शंकर चौधरी, राजेंद्र चौधरी, जीतू चौधरी, एडवोकेट दिनेश पांडेय, व्यवसायी प्रगति पांडेय, राजेश, अजय श्रीवास्तव, राधेश्याम चौधरी, रामशंकर चौधरी, लाल बाबू और प्रदेशी आदि मौजूद थे।
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धरने में काश्तकार सोनू निगम ने कहा कि करीब 40 वर्ष पूर्व वर्ष 1978-79 में लोक निर्माण विभाग बस्ती की ओर से किसानों के जमीन को बिना रजिस्ट्री कराएं एवं कोई मुआवजा दिए बगैर भ्रम में रखकर बलपूर्वक शोहरतगढ़-खुनुवां बाईपास सड़क का निर्माण करवा दिया गया। 4 अप्रैल 2017 को सीएम व डिप्टी सीएम ने डीएम को सार्थक परिणाम दिलाने के लिए अवगत कराने को कहा गया एवं राज्यपाल के निर्देश के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन व लोक निर्माण विभाग ने किसानों और न ही संबंधित किसी को कार्रवाई से अवगत कराया। कुछ माह पूर्व शोहरतगढ़-खुनुवां बाईपास सड़क के चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास होने के बाद किसानों ने जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान तहसीलदार अरविंद कुमार ने सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के पहले ही विभाग से मुआवजा दिलवाने की बात कही थी। जो बेबुनियाद निकली।
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खुनुवां बाईपास मार्ग पर धरने में करीब दो घंटे बाद पहुंचे एसओ अवधेशराज सिंह ने मामले की सूचना तहसील प्रशासन को दी। तहसीलदार अरविंद कुमार धरने में पहुंच कर आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद भी बात नहीं बनी। इस दौरान पीडब्ल्यूडी एई ओमप्रकाश गौतम ने मंगलवार तक तहसील प्रशासन को अपनी कार्रवाई अवगत कराने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान हियुवा नेता सुभाष गुप्ता, पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई सुधीर कुमार, उमेश चौधरी, संजय, राजेश, शंकर चौधरी, राजेंद्र चौधरी, जीतू चौधरी, एडवोकेट दिनेश पांडेय, व्यवसायी प्रगति पांडेय, राजेश, अजय श्रीवास्तव, राधेश्याम चौधरी, रामशंकर चौधरी, लाल बाबू और प्रदेशी आदि मौजूद थे।
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