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साहब पत्नी को विदा कर दीजिए, हम उसके बिना नहीं रह पाएंगे
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:32 PM IST
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फोटो-51
महिला थाने पहुंचकर मिश्रौलिया के एक युवक ने लगाई गुहार
बोला, चार साल से ससुराल वाले नहीं कर रहे विदाई
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। साहब! मैं अपनी पत्नी के बिना नहीं रह सकता। ससुराल वाले उसे विदा नहीं करा सकते हैं। किसी तरह उसे विदा करा दीजिए। यह बात बार-बार महिला थाने की एसओ से मिश्रौलिया थाने के इटवा निवासी युवक कह रहा था। नई किरण सुनवाई के दौरान पहुंचे सल्लू गुप्ता ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसका विवाह पांच साल पहले मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के चेतिया गांव निवासी लीला देवी के साथ हुआ था। दोनों से एक बेटी है। शादी के बाद दो बार ही घर पर आई है। पिछले चार वर्षों से विदाई के लिए ससुरालवालों से कह रहा हूं। ससुराल भी गया। पर, वे आनाकानी कर रहे हैं। मिश्रौलिया थाने से भी मदद नहीं मिली। किसी तरह से पत्नी की विदाई करा दीजिए। मैं उसके बिना नहीं रह सकता हूं। विदाई नहीं हुई तो मैं कुछ भी कर सकता हूं। यह सुुनकर एसओ और वहां मौजूद काउंसलर ने उसे समझाया और कहा, काउंसलिंग के माध्यम से दोनों को एक कराया जाएगा। एक ओर यह घटनाक्रम चल रहा था, दूसरी ओर पत्नी को छोड़ देने वाले पतियों को विदाई कराने के लिए मनाया जा रहा था। पत्नी के प्रति अपार प्रेम देखकर लोग चर्चा करते रहे।
पांच दंपती दोबारा साथ रहने को हुए राजी
सिद्धार्थनगर। महिला थाना में रविवार को आयोजित नई किरण जन सुनवाई में पांच दंपती दोबारा साथ रहने को राजी हो गए। शरीफुनिशा पत्नी अब्दुल वहीद निवासी खड़खड़किया चौराहा थाना चिल्हिया, पूनम पत्नी नागेन्द्र निवासी मजिगवां थाना उसका बाजार, रेनू पत्नी संजीव कुमार निवासी तेतरी बाजार थाना सदर, साधना देवी पत्नी रामअचल निवासी नरौड़ा थाना शोहरतगढ़, खातून पत्नी मो. हुसैन निवासी बर्डपुर नंबर 11 टोला चुनमुनवा थाना सदर सुलह समझौता करके एक साथ रहने को राजी हुए। वहीं, अन्य मामलों में एक ही पक्ष के पहुंचने के कारण अगली सुनवाई में बुलाया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष पूनम यादव, काउंसलर चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, विनयकांत मिश्र, समसुलहक आदि मौजूद रहे।
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महिला थाने पहुंचकर मिश्रौलिया के एक युवक ने लगाई गुहार
बोला, चार साल से ससुराल वाले नहीं कर रहे विदाई
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। साहब! मैं अपनी पत्नी के बिना नहीं रह सकता। ससुराल वाले उसे विदा नहीं करा सकते हैं। किसी तरह उसे विदा करा दीजिए। यह बात बार-बार महिला थाने की एसओ से मिश्रौलिया थाने के इटवा निवासी युवक कह रहा था। नई किरण सुनवाई के दौरान पहुंचे सल्लू गुप्ता ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसका विवाह पांच साल पहले मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के चेतिया गांव निवासी लीला देवी के साथ हुआ था। दोनों से एक बेटी है। शादी के बाद दो बार ही घर पर आई है। पिछले चार वर्षों से विदाई के लिए ससुरालवालों से कह रहा हूं। ससुराल भी गया। पर, वे आनाकानी कर रहे हैं। मिश्रौलिया थाने से भी मदद नहीं मिली। किसी तरह से पत्नी की विदाई करा दीजिए। मैं उसके बिना नहीं रह सकता हूं। विदाई नहीं हुई तो मैं कुछ भी कर सकता हूं। यह सुुनकर एसओ और वहां मौजूद काउंसलर ने उसे समझाया और कहा, काउंसलिंग के माध्यम से दोनों को एक कराया जाएगा। एक ओर यह घटनाक्रम चल रहा था, दूसरी ओर पत्नी को छोड़ देने वाले पतियों को विदाई कराने के लिए मनाया जा रहा था। पत्नी के प्रति अपार प्रेम देखकर लोग चर्चा करते रहे।
पांच दंपती दोबारा साथ रहने को हुए राजी
सिद्धार्थनगर। महिला थाना में रविवार को आयोजित नई किरण जन सुनवाई में पांच दंपती दोबारा साथ रहने को राजी हो गए। शरीफुनिशा पत्नी अब्दुल वहीद निवासी खड़खड़किया चौराहा थाना चिल्हिया, पूनम पत्नी नागेन्द्र निवासी मजिगवां थाना उसका बाजार, रेनू पत्नी संजीव कुमार निवासी तेतरी बाजार थाना सदर, साधना देवी पत्नी रामअचल निवासी नरौड़ा थाना शोहरतगढ़, खातून पत्नी मो. हुसैन निवासी बर्डपुर नंबर 11 टोला चुनमुनवा थाना सदर सुलह समझौता करके एक साथ रहने को राजी हुए। वहीं, अन्य मामलों में एक ही पक्ष के पहुंचने के कारण अगली सुनवाई में बुलाया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष पूनम यादव, काउंसलर चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, विनयकांत मिश्र, समसुलहक आदि मौजूद रहे।
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