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प्रतिबंध बेअसर, धड़ल्ले से बिक रहा चाइनीज मांझा

Thu, 08 Jun 2017 10:23 PM IST
Updated Thu, 08 Jun 2017 10:23 PM IST
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प्रतिबंध बेअसर, धड़ल्ले से बिक रहा चाइनीज मांझा
सिद्धार्थनगर। चाइनीज मांझा पर सरकार भले ही रोक लगा चुकी हो, मगर जिले में इसकी बिक्री थमी नहीं है। दुकानों पर अब भी धड़ल्ले से चाइनीज मांझा बेचा और खरीदा जा रहा है। पुलिस इससे बेपरवाह है। दूसरों की पतंग काटने के फेर में पतंगबाज चाइनीज मांझे को खूब पसंद कर रहे हैं।
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सिंथेटिक और सीसा युक्त मांझे के खतरनाक गुण को देखते हुए यूपी सरकार ने इसकी बिक्री और भंडारण पर रोक लगा दिया है। तीन दिन पहले ही मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। कोई भी इसकी बिक्री या भंडारण में लिप्त पाया गया तो उसे 5 साल तक सजा का प्रावधान भी रखा गया है। हाईकोर्ट और एनजीटी इस पर पहले ही रोक लगा चुकी थी। मुख्य सचिव के इस आदेश के तीन दिनों बाद भी जिले में चाइनीज मांझे की बिक्री पर अंकुश नहीं लग पाया है। हालांकि सीजन न होने के कारण इसकी बिक्री सीमित है, मगर चाहने वालों का यह मांझा बेहद आसानी से उपलब्ध है।
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जिले के बाजारों में मौजूद चाइनीज मांझा 200 से 800 रुपये परेता तक है। इसे दुकानदार फुटकर में प्रति रुपये आठ फीट की दर से बेच रहे हैं। अशोक तिराहा, सिद्धार्थ तिराहा, स्टेशन रोड, लुंबिनी रोड स्थित पतंग की दुकानों पर यह मांझा उपलब्ध है। दुकानदार इसे पुराना स्टॉक बता रहे हैं, मगर बिक्री से परहेज नहीं कर रहे। इस बाबत सीओ सदर मो.अकमल खां का कहना था कि चाइनीज मांझे की कहीं बिक्री हो रही है तो जांच कर उस पर अंकुश लगाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा।
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इसलिए खतरनाक है चाइनीज मांझा
चाइनीज मांझा प्लास्टिक या अन्य सिंथेटिक पदार्थों से बना होता है। कई बार इसे पतले छोटे-छोटे कांच वाले शीशे, धातु या अन्य धारदार सामग्री लगाकर बनाया जाता है। इसका इस्तेमाल अमूमन पतंग उड़ाने में होता है। देशी मांझे से सस्ता और मजबूत होने के कारण पतंगबाज इसे पसंद करते हैं। चाइनीज मांझे को न सिर्फ जानलेवा होते हैं, बल्कि जल्दी विघटित भी नहीं होते। इसमें फंसने के बाद पक्षियों की मौत हो जाती है। कई इंसानी जान भी जा चुकी है।


तेज धार मांझा के शौकीन करते हैं पसंद, खामियों से अनजान
चाइनीज मांझा भले ही जानलेवा हो, लेकिन शौकीनों को इससे कोई फर्क नहीं। दूसरों की पतंग काटने के लिए वह तेज धार वाले मजबूत और सस्ते चाइनीज मांझे को पसंद कर रहे हैं। पतंगबाजी के शौकीन अधिकांश लोगों को चाइनीज मांझे के नुकसान के बारे में पता ही नहीं है। मनीष कन्नौजिया का कहना है कि चाइनीज मांझे की धार तेज होती है, जिससे दूसरों की पतंग खूब कटती है। यह सस्ता और मजबूत है, बस यही उन्हें पता है। आकाश वरुण ने भी चाइनीज मांझे की खामियों से अनभिज्ञता जताई। बताया कि पतंग उड़ाते समय यह मांझा काफी कामयाब रहता है। देशी मांझे से पतंग कटने की आशंका अधिक रहती है, जबकि चाइनीज में कम। रिषभ जायसवाल ने भी तेज धार व सस्ता होने के कारण चाइनीज मांझे को पहली पसंद बताया।
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