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पहली बार है... इसके बाद कमियां मिली तो कार्रवाई तय
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पहले निरीक्षण में तेवर में दिखे डीएम, मातहतों को दी चेतावनी
दो घंटे के निरीक्षण में जिला अस्पताल के हर वार्ड की डीएम ने ली जानकारी
परिसर में गंदगी देख जिम्मेदारों को दी अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। डीएम दीपक मीणा ने शनिवार दोपहर अचानक 12.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचकर वहां मौजूद स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी जानकारी हासिल की। करीब दो घंटे तक अस्पताल का जहां उन्होंने निरीक्षण किया वहीं, अस्पताल में कमियों के साथ-साथ गंदगी मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। अस्पताल परिसर में एमआर की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई एमआर यहां दिखता है तो कार्रवाई होगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहली बार है...इसके बाद अगर कोई कमियां मिलीं तो कार्रवाई तय है।
डीएम दीपक मीणा ने सबसे पहले ओपीडी का जायजा लिया। उन्होंने सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय को निर्देश दिया कि जिला संयुक्त चिकित्सालय में लगे टेलीविजन में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के साथ मरीजों की देखभाल के संबंध में प्रचार-प्रसार के चैनल दिखाए जाएं। अन्य कोई चैनल न चले। वहीं, उन्होंने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी के कक्ष का निरीक्षण किया। डॉक्टर ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में 70 से 80 बच्चों का इलाज होता है। डॉ. एसके सिन्हा के कक्ष का भी उन्होंने जायजा लिया जहां गंदगी मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान डॉ. उजैर अतहर अपने कक्ष में उपस्थित नहीं थे एवं उनके कक्ष में भी गंदगी पाई गई। इसके बारे में सीएमएस से जानकारी ली।
एमआर नहीं दिखने चाहिए कैंपस में
निरीक्षण के क्रम में डॉ. एसएन उपाध्याय के कक्ष में पहुंचे। आलमारी में एमआर की दवाएं मिलीं तो डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। साथ ही डॉक्टर को निर्देश दिया गया कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो। वहीं, सीएमएस को भी निर्देशित किया कि अस्पताल में एमआर नहीं दिखने चाहिए। अगर मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
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गर्मी में मिले बेहतर बिजली व्यवस्था
डीएम ने नवजात शिशुओं के टीकाकरण कक्ष का भी निरीक्षण किया। टीकाकरण कक्ष में विद्युत व्यवस्था ठीक न होने पर सीएमएस पर नराजगी व्यक्त की। कहा कि हर हाल में गर्मी में बिजली व्यवस्था बेहतर मिलनी चाहिए। इसके अलावा इमरजेंसी कक्ष में जाकर मरीजों से दवा इलाज के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कक्ष में पहुंचे। यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत हो रहे पंजीकरण आदि के बारे में जानकारी ली। सही जवाब न मिलने पर नाराजगी व्यक्त की।
समय-समय पर कराएं रक्तदान
डॉक्टरों की ड्यूटी के बारे में पूछताछ के बाद वह बर्न वार्ड के लिए बने जर्जर भवन को देखा। सीएमएस से जानकारी ली। इसके बाद ब्लड बैंक में पहुंचे। वहां प्रभारी डॉ. मनोज तिवारी से रक्त की उपलब्धता और उसके उपयोग के बारे में जानकारी लेते हुए समय-समय पर रक्तदान के लिए निर्देशित किया। इसके बाद सिटी स्कैन कक्ष में पहुंचे। डायलिसिस हो चुके मरीजों के बारे में पूछा। औषधि भंडारण कक्ष में पहुंचे। यहां पर लोकल पर्चे पर खरीद की जाने वाली दवाओं के संबंध में जानकारी मांगी। काफी समय तक जानकारी नहीं दे पाने पर डीएम ने हंसते हुए लहजे में चेतावनी दी कि पहली बार है दोबारा ऐसा मिला तो कार्रवाई तय है। इसलिए कागज को सही रखें।
नेम प्लेट के साथ ड्रेस में आएं
डीएम ने सीएमएस रोचस्मति पांडेय को निर्देश दिया कि जिला अस्पताल में सभी डॉक्टर अपने ड्रेस में आएं तथा नेम प्लेट लगी होनी चाहिए। बायोमैट्रिक उपस्थिति की डिटेल शाम में ई-मेल कर मुझे जानकारी दें। कहा कि अगर किसी भी मरीज को बाहर की दवा लिखते हुए डॉक्टर पकड़े गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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पहले निरीक्षण में तेवर में दिखे डीएम, मातहतों को दी चेतावनी
दो घंटे के निरीक्षण में जिला अस्पताल के हर वार्ड की डीएम ने ली जानकारी
परिसर में गंदगी देख जिम्मेदारों को दी अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। डीएम दीपक मीणा ने शनिवार दोपहर अचानक 12.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचकर वहां मौजूद स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी जानकारी हासिल की। करीब दो घंटे तक अस्पताल का जहां उन्होंने निरीक्षण किया वहीं, अस्पताल में कमियों के साथ-साथ गंदगी मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। अस्पताल परिसर में एमआर की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई एमआर यहां दिखता है तो कार्रवाई होगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहली बार है...इसके बाद अगर कोई कमियां मिलीं तो कार्रवाई तय है।
डीएम दीपक मीणा ने सबसे पहले ओपीडी का जायजा लिया। उन्होंने सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय को निर्देश दिया कि जिला संयुक्त चिकित्सालय में लगे टेलीविजन में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के साथ मरीजों की देखभाल के संबंध में प्रचार-प्रसार के चैनल दिखाए जाएं। अन्य कोई चैनल न चले। वहीं, उन्होंने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी के कक्ष का निरीक्षण किया। डॉक्टर ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में 70 से 80 बच्चों का इलाज होता है। डॉ. एसके सिन्हा के कक्ष का भी उन्होंने जायजा लिया जहां गंदगी मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान डॉ. उजैर अतहर अपने कक्ष में उपस्थित नहीं थे एवं उनके कक्ष में भी गंदगी पाई गई। इसके बारे में सीएमएस से जानकारी ली।
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एमआर नहीं दिखने चाहिए कैंपस में
निरीक्षण के क्रम में डॉ. एसएन उपाध्याय के कक्ष में पहुंचे। आलमारी में एमआर की दवाएं मिलीं तो डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। साथ ही डॉक्टर को निर्देश दिया गया कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो। वहीं, सीएमएस को भी निर्देशित किया कि अस्पताल में एमआर नहीं दिखने चाहिए। अगर मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
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गर्मी में मिले बेहतर बिजली व्यवस्था
डीएम ने नवजात शिशुओं के टीकाकरण कक्ष का भी निरीक्षण किया। टीकाकरण कक्ष में विद्युत व्यवस्था ठीक न होने पर सीएमएस पर नराजगी व्यक्त की। कहा कि हर हाल में गर्मी में बिजली व्यवस्था बेहतर मिलनी चाहिए। इसके अलावा इमरजेंसी कक्ष में जाकर मरीजों से दवा इलाज के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कक्ष में पहुंचे। यहां आयुष्मान भारत योजना के तहत हो रहे पंजीकरण आदि के बारे में जानकारी ली। सही जवाब न मिलने पर नाराजगी व्यक्त की।
समय-समय पर कराएं रक्तदान
डॉक्टरों की ड्यूटी के बारे में पूछताछ के बाद वह बर्न वार्ड के लिए बने जर्जर भवन को देखा। सीएमएस से जानकारी ली। इसके बाद ब्लड बैंक में पहुंचे। वहां प्रभारी डॉ. मनोज तिवारी से रक्त की उपलब्धता और उसके उपयोग के बारे में जानकारी लेते हुए समय-समय पर रक्तदान के लिए निर्देशित किया। इसके बाद सिटी स्कैन कक्ष में पहुंचे। डायलिसिस हो चुके मरीजों के बारे में पूछा। औषधि भंडारण कक्ष में पहुंचे। यहां पर लोकल पर्चे पर खरीद की जाने वाली दवाओं के संबंध में जानकारी मांगी। काफी समय तक जानकारी नहीं दे पाने पर डीएम ने हंसते हुए लहजे में चेतावनी दी कि पहली बार है दोबारा ऐसा मिला तो कार्रवाई तय है। इसलिए कागज को सही रखें।
नेम प्लेट के साथ ड्रेस में आएं
डीएम ने सीएमएस रोचस्मति पांडेय को निर्देश दिया कि जिला अस्पताल में सभी डॉक्टर अपने ड्रेस में आएं तथा नेम प्लेट लगी होनी चाहिए। बायोमैट्रिक उपस्थिति की डिटेल शाम में ई-मेल कर मुझे जानकारी दें। कहा कि अगर किसी भी मरीज को बाहर की दवा लिखते हुए डॉक्टर पकड़े गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।