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महिलाएं हक के प्रति जागरूक हों, बेटियों को दें उच्च शिक्षा
Fri, 14 Jun 2019 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
sidddharthnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2019 11:41 PM IST
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चकईजोत में शुक्रवार को अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत महिला सशिक्तकरण विषय पर गोष्ठी आयोजित हुई।
- फोटो : amar ujala
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बर्डपुर।मां, बहन, पुत्री से लेकर पत्नी तक बेटियां घर की बुनियाद होती हैं। बुनियाद मजबूत रहे, इसके लिए जरूरी है कि बेटियां जागरूक हों, उच्च शिक्षा लेकर खूब पढ़ंे और आगे बढ़ें। वे बिना डरे मुसीबत से लड़ती रहें और अपना लक्ष्य हासिल करें। आत्मनिर्भरता से उनकी ताकत और बढ़ेगी। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत शुक्रवार को बर्डपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चकईजोत में महिला सशिक्तकरण विषय पर आयोजित गोष्ठी में ये बातें ग्राम प्रधान सुनील यादव ने कहीं। बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने हक के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। अपराजिता अभियान उन्हें स्वावलंबी बनाने में काफी मददगार साबित होगा। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज को आगे आना होगा। मां-बाप बेटियों को उच्च शिक्षा दें, जिससे वे आगे बढ़कर समाज के विकास में अपना योगदान दे सकें।
स्वत: रोजगार योजना के बर्डपुर ब्लॉक के समन्यवक रामवृक्ष यादव ने कहा कि बेटियों को बेटों के समान ही समझना चाहिए। गांवों में बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा दिलाई जाए। बालिकाएं बदनीयती को पहचानें और अपने साथ हुई किसी भी तरह की बदसलूकी की अनदेखी न करें। इसकी जानकारी अभिभावकों के साथ ही 100, 1090 आदि नंबरों पर दें। चंद्रभान यादव, दिलीप चौधरी, रामजीत, काशीराम, संतराम, ताहिरा खातून, रेशु यादव, रूपा कुमारी, अंकिता, पारुल, शशिकला, सुंदरी, पूजा आदि उपस्थित रहे।
समय-समय पर हों ऐसे आयोजन
कार्यक्रम में महिला उत्थान संबंधी जानकारियां मिलीं। यह निश्चित रूप में महिलाओं को आगे बढ़ने में सहायक होगा। हम स्वावलंबी बनेंगे और दूसरों को इसके लिए प्रोत्साहित करेंगे। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर होना चाहिए।
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- संतोषी शर्मा
दूसरी बेटियों को करूंगी जागरूक
महिला सशक्तीकरण विषयक गोष्ठी में महिलाओं के अधिकारों की जानकारी मिली। यह भी पता चला कि मुसीबत बेटियां कैसे बचें। इसके बारे में कार्यक्रम में न पहुंच सकीं बेटियों को जानकारी दूंगी। जिससे वे अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरुक हों।
- सोनी
पता चला, मुसीबत में कैसे करें सुरक्षा
अपराजिता अभियान से यह पता चला कि मुसीबत के वक्त अपनी सुरक्षा कैसे करें। डायल 100 और 1090 आदि की मदद से समय-समय पर महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के साथ ही अपने अधिकारों का प्रयोग सही समय पर करेंगे।
वंदना
बेटे-बेटी का समान दृष्टि से देखें
देश में नारियों की पूजा होती है। ऐसे में यह भी जरूरी है कि जब अधिकार की बात आए तो बेटे और बेटी को समान दृष्टि से देखा जाए। महिलाओं को बेटियों के हक के प्रति जागरूक होकरबेटे-बेटी को समान अधिकार देने की पहल करनी होगी।
- साधना
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स्वत: रोजगार योजना के बर्डपुर ब्लॉक के समन्यवक रामवृक्ष यादव ने कहा कि बेटियों को बेटों के समान ही समझना चाहिए। गांवों में बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा दिलाई जाए। बालिकाएं बदनीयती को पहचानें और अपने साथ हुई किसी भी तरह की बदसलूकी की अनदेखी न करें। इसकी जानकारी अभिभावकों के साथ ही 100, 1090 आदि नंबरों पर दें। चंद्रभान यादव, दिलीप चौधरी, रामजीत, काशीराम, संतराम, ताहिरा खातून, रेशु यादव, रूपा कुमारी, अंकिता, पारुल, शशिकला, सुंदरी, पूजा आदि उपस्थित रहे।
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समय-समय पर हों ऐसे आयोजन
कार्यक्रम में महिला उत्थान संबंधी जानकारियां मिलीं। यह निश्चित रूप में महिलाओं को आगे बढ़ने में सहायक होगा। हम स्वावलंबी बनेंगे और दूसरों को इसके लिए प्रोत्साहित करेंगे। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर होना चाहिए।
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- संतोषी शर्मा
दूसरी बेटियों को करूंगी जागरूक
महिला सशक्तीकरण विषयक गोष्ठी में महिलाओं के अधिकारों की जानकारी मिली। यह भी पता चला कि मुसीबत बेटियां कैसे बचें। इसके बारे में कार्यक्रम में न पहुंच सकीं बेटियों को जानकारी दूंगी। जिससे वे अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरुक हों।
- सोनी
पता चला, मुसीबत में कैसे करें सुरक्षा
अपराजिता अभियान से यह पता चला कि मुसीबत के वक्त अपनी सुरक्षा कैसे करें। डायल 100 और 1090 आदि की मदद से समय-समय पर महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के साथ ही अपने अधिकारों का प्रयोग सही समय पर करेंगे।
वंदना
बेटे-बेटी का समान दृष्टि से देखें
देश में नारियों की पूजा होती है। ऐसे में यह भी जरूरी है कि जब अधिकार की बात आए तो बेटे और बेटी को समान दृष्टि से देखा जाए। महिलाओं को बेटियों के हक के प्रति जागरूक होकरबेटे-बेटी को समान अधिकार देने की पहल करनी होगी।
- साधना